पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में वायुमंडलीय बदलाव के चलते तेज हवाओं और वर्षा का नया दौर शुरू होने जा रहा है। पर्वतीय भूभागों में मैदानी जिलों के मुकाबले मौसमी हलचल अधिक तीव्र रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। रविवार 6 अक्टूबर को राज्य के कई क्षेत्रों में पचास किलोमीटर प्रति घंटे के वेग से झोंकेदार हवाएं चलने के साथ मूसलाधार पानी गिरने की संभावना है। इस बदलाव से प्रभावित होने वाले प्रमुख इलाकों में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर तथा नैनीताल शामिल हैं। प्रांतीय राजधानी देहरादून में दिन का उच्चतम पारा छब्बीस डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान उन्नीस डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का आकलन है।
अगले चौबीस घंटों में आकाशीय बिजली और अंधड़ का दायरा
सोमवार 7 अक्टूबर को भी मौसम का यह उग्र रुख पूरी तरह शांत नहीं होगा। अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के छिटपुट स्थानों पर तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय गाज गिरने की आशंका जताई गई है। देश के आठ राज्यों में वर्षा को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है, जिसके क्रम में हिमालयी क्षेत्रों के लिए भी पहले ही चार अक्टूबर को प्राथमिक चेतावनी जारी कर दी गई थी।
यात्रियों और काश्तकारों के लिए सुरक्षा परामर्श
दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले राहगीरों तथा स्थानीय निवासियों को घरों से प्रस्थान करने से पूर्व राजमार्गों की स्थिति और मौसमी बुलेटिन की जांच करने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से कृषकों को सतर्क रहने की ताकीद की गई है, क्योंकि तेज आंधी और अचानक बरसने वाले पानी से तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। बीते चौबीस घंटों की मौसमी स्थिति पर नजर डालें तो मैदानी अंचलों में दिन का तापमान सामान्य स्तर से ऊपर बना रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में पारा सामान्य से सामान्य से अधिक के दायरे में दर्ज हुआ।
ऊंचाई वाले शिखरों पर हिमपात और दस अक्टूबर तक का परिदृश्य
अक्टूबर छह से दस तारीख के मध्य पहाड़ी जनपदों में रुक-रुक कर फुहारें गिरती रहेंगी। समुद्र तल से 4200 मीटर अथवा उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित शिखरों पर बर्फबारी और भीषण अंधड़ की संभावना बनी हुई है। इस कालावधि में देहरादून, टिहरी, नैनीताल, चंपावत एवं पिथौरागढ़ सहित संपूर्ण उत्तराखंड के सभी जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा, मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट प्रभावी किया गया है। मैदानी हिस्से उधम सिंह नगर से लेकर सुदूर पर्वतीय जिलों तक मौसम के इस मिजाज से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब और श्रद्धालुओं का आंकड़ा
प्रतिकूल मौसमी पूर्वानुमानों के बीच भी बाबा केदार के दर्शनों को लेकर भक्तों का उत्साह चरम पर है। मानसून के चरम दौर में यात्रियों की आमद में जो गिरावट दर्ज की गई थी, वह अब बड़े जनसैलाब में तब्दील हो चुकी है। कपाट खुलने के पश्चात से अब तक कुल 16 लाख 38 हजार श्रद्धालु केदारनाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना संपन्न कर चुके हैं। वर्तमान दिनों में रोजाना पंद्रह हजार से बीस हजार तीर्थयात्री दर्शन लाभ ले रहे हैं, और यह संख्या प्रतिदिन निरंतर बढ़ रही है।





















