उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम का लंबा दौर अब समाप्त होने की कगार पर है। राज्य के वायुमंडल में बन रहे नए मौसमी तंत्र के कारण 5 अक्टूबर से लेकर 10 अक्टूबर तक मौसम के मिजाज में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। इस छह दिवसीय अवधि के दौरान प्रदेश के पहाड़ी जनपदों में छिटपुट बौछारों और गर्जन के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं, जबकि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी और तेज आंधी चलने की संभावना बनी हुई है।
शुरुआती चरण में पहाड़ी जनपदों पर असर
मौसम के बदलाव की शुरुआत 5 अक्टूबर को मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों से होगी। इस दिन पर्वतीय जनपदों के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके साथ बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने का अनुमान है। हालांकि, मैदानी भाग के दो प्रमुख जिलों हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में इस दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा।
इसी दिन अल्मोड़ा, नैनीताल, चम्पावत, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम संबंधी गतिविधियों को देखते हुए येलो अलर्ट लागू किया गया है। इन पहाड़ी इलाकों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बर्फबारी का विस्तार
6 अक्टूबर से मौसमी हलचल पूरे प्रदेश में गति पकड़ेगी। देहरादून, टिहरी, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ सहित राज्य के सभी जनपदों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ बिजली चमकने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, 4200 मीटर और उससे अधिक की ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी दर्ज होने की पूरी संभावना है। हवाओं की तीव्रता को देखते हुए अल्मोड़ा, नैनीताल, चम्पावत, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।
अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को भी राज्यभर के जनपदों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, बिजली गिरने और 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फ गिरने का सिलसिला बना रहेगा। इस दिन भी आठ प्रमुख जनपदों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली झोंकेदार हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
8 से 10 अक्टूबर के बीच बर्फबारी का दायरा नीचे खिसकेगा
8 अक्टूबर को मौसम संबंधी चेतावनी का स्तर सामान्य रहने का अनुमान है, फिर भी पूरे प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां जारी रहेंगी और 4200 मीटर से ऊंचे शिखरों पर हिमपात का दौर जारी रह सकता है।
इसके बाद 9 और 10 अक्टूबर को मौसम में और अधिक ठंडक घुलने की उम्मीद है क्योंकि बर्फबारी का दायरा और नीचे आ जाएगा। इन दो अंतिम दिनों में राज्य के सभी जिलों में बारिश होने के साथ ही 3800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित स्थानों पर बर्फबारी होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।





















