उत्तराखंड के रामनगर स्थित अपर कोसी क्षेत्र में वन भूमि को खाली कराने के लिए शनिवार सुबह प्रशासन और वन विभाग ने व्यापक स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के केंद्र में ग्राम पूछड़ी के लगभग 82 चिह्नित मकान शामिल हैं। अपने घरों को ढहाए जाने की इस अचानक हुई प्रक्रिया के बीच मौके पर भारी अफरातफरी मच गई। इसी तनावपूर्ण माहौल में अपना आशियाना छिनने की चिंता के कारण 45 वर्षीय महिला फातमा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद गंभीर हालत में तुरंत रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
चिंता और सामान समेटने के बीच बिगड़ी महिला की तबीयत
फातमा के बेटे शादाब ने बताया कि ध्वस्तीकरण की आशंका के चलते उनका परिवार बीती रात से ही अपने आशियाने से जरूरी घरेलू सामान सुरक्षित बाहर निकालने में जुटा हुआ था। पूरी रात जागने और सुबह शुरू हुई व्यापक प्रशासनिक कार्रवाई के तनाव के बीच फातमा को कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ गया। स्थानीय स्तर पर महिलाओं और छोटे बच्चों के सामने अचानक सिर छिपाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। प्रभावित परिवारों में अपनी छत खोने को लेकर रोना-पीटना और गहरा असंतोष देखा गया।
दूसरे चरण का अभियान और अदालती मामलों पर स्थिति
वन भूमि पर बने अवैध ढांचों को हटाने के लिए यह अभियान कई चरणों में तैयार किया गया है। इससे पहले वर्ष 2025 में प्रथम चरण के तहत करीब 51 परिवारों के निर्माणों को इस क्षेत्र से हटाया गया था। अब मौजूदा दूसरे चरण में 82 मकानों को ध्वस्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिन परिवारों के कानूनी विवाद वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं, उन्हें फौरी तौर पर इस ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया से अलग रखा गया है और उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
तीन किलोमीटर के दायरे में पाबंदी और सुरक्षा बंदोबस्त
पूछड़ी गांव में अतिक्रमण रोधी अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कड़े सुरक्षा घेरे तैयार किए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति, कानून व्यवस्था की समस्या या विरोध प्रदर्शन को रोकने के मकसद से कार्रवाई स्थल के आसपास करीब तीन किलोमीटर के दायरे में आम नागरिकों और वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है और संबंधित विभागों की तकनीकी टीमें संयुक्त रूप से निगरानी रख रही हैं।
दर्जनों भारी मशीनों के साथ सुबह से जारी ध्वस्तीकरण
प्रशासन ने शनिवार सुबह करीब पांच बजे से ही अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर भारी मशीनों का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। इलाके में संरचनाओं को गिराने के लिए 30 से अधिक जेसीबी और कई पोकलैंड मशीनों को उतारा गया है। अधिकारियों की सीधी देखरेख में चिह्नित 82 अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है, जबकि प्रतिबंधित परिधि के भीतर अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए निगरानी तंत्र सख्त रखा गया है।



















