उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को एक भीषण विमानन हादसे ने छह परिवारों को कभी न भरने वाला दर्द दे दिया। बद्रीनाथ धाम में दर्शन करने के बाद देहरादून लौट रहा एक निजी हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों के भीतर पर्वतीय इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक घटना में हेलिकॉप्टर पर सवार कर्नाटक के पांच करीबी दोस्तों और दिल्ली के रहने वाले पायलट की जान चली गई। धार्मिक यात्रा पर निकले ये सभी मित्र एक साथ दर्शन कर खुशी-खुशी घर वापसी की तैयारी में थे, लेकिन सफर के दौरान हुआ यह हादसा उनके जीवन की आखिरी उड़ान साबित हुआ।
हादसे का घटनाक्रम और राहत कार्य
यह दुखद दुर्घटना शुक्रवार दोपहर उस समय घटी जब ट्रांस भारत एविएशन के हेलिकॉप्टर ने बद्रीनाथ धाम हेलीपैड से देहरादून के सहस्रधारा के लिए दोपहर करीब 1:13 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के ठीक बाद, करीब 1:14 बजे के आसपास हाठी पर्वत और पांडुकेश्वर क्षेत्र के पास हेलिकॉप्टर अनियंत्रित होकर गिर गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाला। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार, दुर्घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय सेना के जवानों को तुरंत बचाव कार्य के लिए मौके पर भेजा गया था।
भौगोलिक विषमताओं और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बावजूद सेना के जवानों ने देर रात तक चले गहन बचाव अभियान के बाद सभी छह मृतकों के पार्थिव शरीरों को बरामद कर लिया। इसके बाद शवों को अग्रिम प्रक्रियाओं और पोस्टमार्टम के लिए जोशीमठ पहुंचाया गया। कर्नाटक सरकार लगातार उत्तराखंड प्रशासन के संपर्क में बनी हुई है ताकि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मृतकों के पार्थिव शरीर उनके गृह नगर बेंगलुरु पहुंचाए जा सकें।
कर्नाटक पुलिस ने खोया अपना जांबाज इंस्पेक्टर
इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले पांच यात्रियों में 2007 बैच के पुलिस अधिकारी अरुण सालुंके भी शामिल थे। अरुण सालुंके बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच यानी CCB में इंस्पेक्टर पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। वह मूल रूप से बेलगावी जिले के अराताला गांव के निवासी थे। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने दिल्ली में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाई थीं, जिसके बाद उन्होंने नेलमंगला, कुनिगल और बानासवाड़ी थानों में अहम पदों पर कार्य किया था।
वर्तमान में वह बेंगलुरु में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहे थे, जबकि उनके बुजुर्ग पिता और भाई गांव में निवास करते हैं। अपने साथियों के साथ एक छोटी छुट्टी बिताने उत्तराखंड पहुंचे अरुण शुक्रवार को ही घर लौटने की योजना बना रहे थे, लेकिन उनका परिवार उनके वापस आने की राह ही देखता रह गया। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस दुखद नुकसान पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि CCB इंस्पेक्टर का इस तरह असामयिक चले जाना पूरे पुलिस विभाग के लिए बेहद दर्दनाक है।
वकील शंकर गौड़ा और बचपन जैसी गहरी दोस्ती
हादसे में जान गंवाने वालों में कर्नाटक हाईकोर्ट के 39 वर्षीय अधिवक्ता शंकर गौड़ा भी शामिल थे। शंकर गौड़ा और इंस्पेक्टर अरुण सालुंके के बीच बेहद गहरी और अटूट मित्रता थी। दोनों मित्र अक्सर साथ में छुट्टियां मनाने और अलग-अलग जगहों की यात्राओं पर निकला करते थे। उनके पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि शंकर बेहद मिलनसार, खुशमिजाज और जरूरतमंदों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहने वाले व्यक्ति थे। वह अपने इलाके में सामाजिक गतिविधियों में भी उत्साह से भाग लेते थे। इस बार भी दोनों जिगरी दोस्त साथ निकले थे, लेकिन उनकी यह यात्रा कभी न लौटने वाले सफर में बदल गई।
शिक्षाविद एचएस नटराज और उद्यमी प्रताप निंगराजू
दुर्घटना का शिकार बने अन्य यात्रियों में 51 वर्षीय एचएस नटराज भी थे, जो मूल रूप से तुमकुरु जिले के हुळियुरदुर्ग के रहने वाले थे। एचएस नटराज विद्या भारती शैक्षणिक संस्थान के प्रमुख थे और शिक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के चलते उनके असामयिक निधन से शिक्षा जगत में गहरा शोक फैल गया है।
वहीं, 41 वर्षीय प्रताप निंगराजू सिविल कॉन्ट्रैक्टिंग के क्षेत्र में सक्रिय उद्यमी थे। प्रताप मूलतः हासन जिले के सकलेशपुर तालुक अंतर्गत बचनाहल्ली गांव से ताल्लुक रखते थे और लगभग 15 वर्ष पूर्व अपने कामकाज को आगे बढ़ाने के सिलसिले में बेंगलुरु आए थे। वह बेंगलुरु के थानिसंद्रा इलाके में अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ बस गए थे। इस दुर्घटना की खबर पहुंचते ही उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
साथी सुधीर के. और पायलट हिमांशु सभरवाल
इस यात्रा समूह के पांचवें मित्र 49 वर्षीय सुधीर के. भी बेंगलुरु के ही निवासी थे। अपने इन चारों साथियों के साथ बद्रीनाथ दर्शन करने पहुंचे सुधीर की मौत ने इस पूरे समूह के परिजनों को गहरा सदमा दिया है। एक ही समूह के पांच दोस्तों की एक साथ मौत से बेंगलुरु में उनके जानने वालों के बीच मातम छाया हुआ है।
हेलिकॉप्टर का संचालन दिल्ली निवासी कैप्टन हिमांशु सभरवाल कर रहे थे, जो ट्रांस भारत एविएशन के एक अनुभवी पायलट थे। वह भी इस दुर्घटना में अपनी जान नहीं बचा सके।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने जताया शोक
इस हृदयविदारक घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मृतकों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना की कि भगवान बदरी विशाल दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय क्षति को सहन करने का संबल दें।























