देहरादून में उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा पारिवारिक कलह अब राज्य की मुख्य राजनीतिक धारा में आ चुका है। एक तरफ जहां मंत्री ने अपने पति पर गंभीर प्रताड़ना और धमकियां देने के आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी तरफ गिरधारी साहू ने भी मंत्री पर 210 करोड़ रुपये की कथित बेनामी संपत्ति बनाने और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए निष्पक्ष जांच के साथ-साथ मंत्री के इस्तीफे की पुरजोर मांग उठाई है।
पहली शादी की जानकारी नहीं होने का दावा
मीडिया के सामने पहली बार खुलकर अपनी बात रखते हुए रेखा आर्य ने कई अनछुए पहलुओं पर रोशनी डाली। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें गिरधारी लाल साहू की पहली शादी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उन्होंने अपनी आधिकारिक शिकायत में इन सभी बातों को विस्तार से दर्ज कराया है। मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप में जिस रिंकू नाम के व्यक्ति का जिक्र किया जा रहा है, वह असल में गिरधारी साहू का अपनी पहली पत्नी से हुआ बेटा है।
कानूनी कदम और निजी जीवन
रेखा आर्य ने कहा कि उनका निजी जीवन अब सार्वजनिक पन्नों पर आ चुका है, लेकिन लंबे समय तक चुपचाप अत्याचार सहन करने के बाद उन्होंने आखिरकार कानून का दरवाजा खटखटाने का कड़ा निर्णय लिया। उनका मानना है कि उनका यह कदम राज्य की उन तमाम महिलाओं के लिए एक संबल बनेगा जो घरेलू हिंसा का सामना कर रही हैं। उन्होंने उस वीडियो का भी जिक्र किया जिसमें गिरधारी साहू परिवार की खातिर अपनी शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं, और साथ ही भ्रष्टाचार की बात कहकर उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से धमका रहे हैं।
करोड़ों की संपत्ति और मिड-डे मील के आरोप
विवाद के दूसरे मोर्चे पर गिरधारी लाल साहू ने मंत्री रेखा आर्य पर लगभग 210 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बेनामी संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा स्कूली बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील और राशन वितरण से जुड़ी सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं के मामलों ने इस विवाद को पूरी तरह से राजनीतिक रंग दे दिया है। साहू ने इन तमाम बिंदुओं पर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कांग्रेस पार्टी का तीखा रुख
इस पूरे मामले को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कांग्रेस का कहना है कि रेखा आर्य के आंसुओं और वीडियो को देखकर यह साफ है कि वे प्रताड़ना की शिकार हुई हैं, इसलिए उत्तराखंड की बेटी होने के नाते उनके प्रति पूरी सहानुभूति है। हालांकि, पार्टी ने यह भी जोड़ा कि मंत्री के पति की तरफ से लगाए गए 210 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति और मिड-डे मील घोटाले जैसे गंभीर आरोपों पर सरकार और खुद मंत्री को प्रदेश की जनता के सामने स्पष्टीकरण देना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि रेखा आर्य जैसी जिम्मेदार मंत्री को केवल पीड़ित बताकर इन गंभीर सवालों के घेरे से बचाया नहीं जा सकता। पार्टी ने नैतिक आधार पर मंत्री के इस्तीफे की मांग की है और मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही है। इस पूरे प्रकरण को महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ते हुए अंकिता भंडारी के मामले का भी जिक्र किया गया है और पूछा गया है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा का दायरा कब सुरक्षित होगा।
पुलिस जांच और एसआईटी पर टिकी निगाहें
रेखा आर्य की ओर से अपने पति गिरधारी साहू के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, जिसमें उत्पीड़न और धमकी जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। इस पूरे प्रकरण में अब दो मुख्य सवाल सबसे अहम बन गए हैं। पहला यह कि मंत्री की शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, और दूसरा यह कि 210 करोड़ रुपये की संपत्ति व सरकारी योजनाओं की गड़बड़ी के दावों के पीछे कितने ठोस सबूत हैं। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सबकी निगाहें पुलिस कार्रवाई तथा प्रशासनिक रुख पर टिकी हैं।





















