उत्तराखंड के पहाड़ी अंचलों में मौसमी बदलाव की आहट तेज हो गई है। मौसम विज्ञान विभाग के ताजा आकलन के अनुसार, 17 अक्टूबर को राज्य के पांच प्रमुख पर्वतीय जनपदों बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की वर्षा देखने को मिल सकती है। इसके अतिरिक्त, समुद्र तल से 3800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित पर्वत शिखरों पर हल्की बर्फबारी दर्ज होने के साथ-साथ गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने की परिस्थिति भी बन सकती है। हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 17 से 20 अक्टूबर की अवधि के लिए किसी तरह की गंभीर मौसम चेतावनी अथवा अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इन पांच जिलों को छोड़कर राज्य के अन्य सभी जनपदों में मौसमी गतिविधियां शांत रहेंगी और आसमान पूरी तरह साफ रहेगा।
अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी साप्ताहिक रूपरेखा के अनुसार, 18 अक्टूबर को भी उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बादलों का प्रभाव बना रह सकता है। इस दिन उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के अत्यधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बारिश के साथ हिमपात जारी रहने के आसार हैं, जबकि अन्य हिस्सों में मौसम सामान्य रहेगा। वहीं 19 अक्टूबर से 22 अक्टूबर के दौरान समूचे उत्तराखंड में स्थितियां पूरी तरह शुष्क हो जाएंगी और किसी भी जिले में वर्षा की संभावना नहीं जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते उच्च पर्वतीय इलाकों में ठंडक में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है, जिसके असर से सुबह और देर शाम के पारे में भारी गिरावट महसूस की जा रही है।
मैदानी जनपदों में चटख धूप और शाम की सिहरन
पहाड़ों पर बदलते मौसम के उलट देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी और तराई वाले क्षेत्रों में 17 अक्टूबर को दिनभर खिली हुई धूप रहने का अनुमान है। राजधानी देहरादून में दोपहर का तापमान सामान्य स्तर पर बना रहेगा, मगर सूरज ढलते ही वातावरण में हल्की ठंडक घुल जाएगी। हरिद्वार और रुड़की में भी वर्षा की कोई संभावना नहीं है और वहां भी दिन में सामान्य धूप के साथ शाम को हल्की गुलाबी ठंड का अहसास बना रहेगा।
मध्य हिमालयी पर्यटन स्थलों और चारधाम यात्रा का हाल
कुमाऊं मंडल के प्रसिद्ध पर्यटन नगरों जैसे नैनीताल और अल्मोड़ा में भी मौसम सुहावना और धूपदार बना रहने की उम्मीद है। बागेश्वर और पिथौरागढ़ की बर्फीली चोटियों की दिशा से चलने वाली सर्द पछुआ हवाओं के चलते इन शहरों में रात के तापमान में खासी गिरावट दर्ज होगी। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सुबह-शाम के समय हल्के ऊनी वस्त्रों की आवश्यकता महसूस होगी।
दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ, चमोली में बद्रीनाथ और उत्तरकाशी में गंगोत्री व यमुनोत्री के उच्च हिमालयी तीर्थ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जहां हल्की फुहारें पड़ने अथवा बर्फ गिरने की गुंजाइश है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए तीर्थयात्रियों और सैलानियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य जुटाएं और यात्रा के दौरान पर्याप्त गर्म कपड़े साथ रखें।


















