उत्तराखंड में एक सीट पर होने जा रहे आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक प्रत्याशी की घोषणा कर दी है. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने लंबे विचार-विमर्श के बाद वरिष्ठ नेता दिनेश आर्य पर भरोसा जताया है. संगठन में दशकों से समर्पित भूमिका निभा रहे दिनेश आर्य वर्तमान में उत्तराखंड सरकार के तहत राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिसे राज्य मंत्री स्तर का दर्जा हासिल है. जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच गहरी पैठ रखने वाले आर्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं और लंबे समय से राज्य में पार्टी की विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन करते रहे हैं.
पार्टी और सरकार में निभाई हैं कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
दिनेश आर्य का राजनीतिक जीवन पूरी तरह संगठन और जनसेवा से जुड़ा रहा है. वे पहले भी नैनीताल जिले में भाजपा के जिलाध्यक्ष के रूप में पार्टी का नेतृत्व कर चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री पद पर भी अपनी सेवाएं दी हैं. राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में उनकी सक्रियता उस समय भी बेहद अहम रही जब उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी यानी पीआरओ के रूप में कार्य किया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से तृतीय वर्ष शिक्षित होने के साथ-साथ उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआती नींव विद्यार्थी परिषद के जरिए रखी थी. नैनीताल में जिला संयोजक से शुरुआत कर उन्होंने युवा मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश स्तर के दायित्वों को निष्ठापूर्वक पूरा किया है.
चार दशकों का संगठनात्मक सफरनामा
दिनेश आर्य का राजनीतिक और सामाजिक सफर चार दशकों से अधिक समय में फैला हुआ है. वर्ष 1985 में उन्होंने विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता के रूप में नैनीताल में प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी. इसके बाद वर्ष 1986 में उन्हें विद्यार्थी परिषद का नैनीताल जिला संयोजक नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने वर्ष 1988 तक लगातार काम किया. वर्ष 1988 से 1991 के दौरान उन्होंने युवा मोर्चा नैनीताल के जिला मंत्री का पद संभाला. संगठन के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए वर्ष 1992 से 1995 तक उन्हें अनुसूचित मोर्चा नैनीताल का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया. बाद में वे वर्ष 1996 से 1998 तक युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे और वर्ष 2001 से 2002 के दौरान अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश महामंत्री पद पर सक्रिय रहे.
राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय पटल तक का अनुभव
वर्ष 2002 से वर्तमान समय तक वे लगातार प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में पार्टी के सांगठनिक ढांचे को मजबूती दे रहे हैं. वर्ष 2007 से 2010 के बीच उन्होंने भाजपा नैनीताल के जिलाध्यक्ष के रूप में सफलतापूर्वक संगठन का संचालन किया. उनके सांगठनिक कौशल को देखते हुए वर्ष 2017 से 2021 के बीच उन्हें अनुसूचित जाति मोर्चा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया और साथ ही मोर्चे के पंजाब प्रभारी का महत्वपूर्ण दायित्व भी सौंपा गया. वर्ष 2021 में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं. इसके पश्चात वर्ष 2023 से वर्तमान तक वे दायित्वधारी के रूप में उत्तराखंड सरकार की राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.




















