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उत्तरकाशी के इंद्रमणि नौटियाल को वतन वापसी के लिए चाहिए मदद, 8 साल पुराने जुर्माने को चुकाने में जुटी बेटीउत्तराखंड
15 सित॰ 2026, 2:11 pm (1 घंटे पहले)· 0

उत्तरकाशी के इंद्रमणि नौटियाल को वतन वापसी के लिए चाहिए मदद, 8 साल पुराने जुर्माने को चुकाने में जुटी बेटी

विदेश में सड़क हादसे के बाद भारी जुर्माने के कारण आठ वर्षों से फंसे उत्तरकाशी के इंद्रमणि नौटियाल की रिहाई के लिए उनकी बेटी लोगों से आर्थिक सहयोग मांग रही है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में रहने वाली एक बेटी अपने पिता की सकुशल वतन वापसी के लिए वर्षों से संघर्ष कर रही है। इंद्रमणि नौटियाल पिछले 8 साल से विदेश में फंसे हुए हैं और स्वदेश लौटने के लिए कानूनी व वित्तीय अड़चनों का सामना कर रहे हैं। उनकी बेटी दीपिका अपने पिता को वापस लाने की खातिर समाज के हर वर्ग से मदद की गुहार लगा रही है। यह भावुक अपील अब आसपास के गांवों और कस्बों तक पहुंच चुकी है, जहां स्थानीय लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार इस परिवार के साथ खड़े हो रहे हैं।

सड़क दुर्घटना और 2 करोड़ 21 लाख रुपये का जुर्माना

इंद्रमणि नौटियाल की यह मुश्किल यात्रा आठ साल पहले तब शुरू हुई, जब वह आजीविका कमाने के लिए विदेश गए थे। वहां वाहन चलाते समय उनका एक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना के बाद स्थानीय कानूनी नियमों के तहत उन पर लगभग 2 करोड़ 21 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया। साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले इस पहाड़ी परिवार के लिए इतनी बड़ी धनराशि जुटाना पूरी तरह से असंभव था। इस भारी जुर्माने का भुगतान न हो पाने के कारण इंद्रमणि इतने लंबे समय से विदेश में ही रुकने को मजबूर हैं।

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सहयोग से जुटाए 1 करोड़ 80 लाख, बाकी रकम की तलाश

परिवार की लाचारी को देखते हुए रिश्तेदारों, परिचितों और आम जनता ने मिलकर एक सहायता अभियान शुरू किया। अब तक विभिन्न लोगों के उदार योगदान से लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि जमा की जा चुकी है। इस बड़ी प्रगति के बावजूद कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने और इंद्रमणि को स्वदेश लाने के लिए अभी भी 40 से 50 लाख रुपये की और जरूरत है। परिवार को उम्मीद है कि बचे हुए पैसे भी जल्द एकत्रित हो जाएंगे, जिससे इंद्रमणि के आठ साल के लंबे इंतजार का अंत हो सकेगा।

लोदाड़ा गांव और युवा प्रगति मंच ने बढ़ाया हाथ

संकट की इस घड़ी में उत्तरकाशी की ग्राम पंचायत लोदाड़ा के निवासियों ने आगे आकर एकजुटता दिखाई है। गांव के लोगों और युवा प्रगति मंच ने मिलकर एक विशेष राहत संग्रह किया, जिसमें कुल 33 हजार 651 रुपये एकत्रित किए गए। यह सहायता राशि इंद्रमणि नौटियाल के परिजनों को सौंप दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस विपत्ति में परिवार को अकेला नहीं पड़ने देंगे और अपने स्तर पर हर मुमकिन मदद जारी रखेंगे।

बेटी दीपिका की भावुक अपील

दीपिका लगातार सोशल मीडिया और सामाजिक संपर्कों के माध्यम से सहयोग जुटाने का प्रयास कर रही हैं। उनका मानना है कि हर व्यक्ति का छोटा सा योगदान भी उनके पिता को सुरक्षित घर ला सकता है। दीपिका ने भावुक होकर कहा कि उनके पिता आठ साल से विदेश में फंसे हैं और उन्हें वापस लाने के लिए लोगों का छोटा सहयोग भी बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। परिवार अब समाज के संवेदनशील लोगों की ओर देख रहा है ताकि जरूरी रकम जुटाकर आठ साल का यह दर्दनाक वनवास खत्म किया जा सके।

सवाल-जवाब

इंद्रमणि नौटियाल कितने समय से विदेश में फंसे हैं?
इंद्रमणि नौटियाल पिछले 8 साल से विदेश में फंसे हुए हैं और स्वदेश लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
इंद्रमणि नौटियाल पर कितना जुर्माना लगा था?
विदेश में गाड़ी चलाते समय हुए हादसे के बाद उन पर करीब 2 करोड़ 21 लाख रुपये का जुर्माना लगा था।
अब तक सहयोग से कितनी धनराशि जुटाई जा चुकी है?
स्थानीय लोगों और समर्थकों के सहयोग से अब तक करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि जुटाई जा चुकी है।
इंद्रमणि की घर वापसी के लिए अभी कितने रुपयों की कमी है?
उन्हें वापस लाने के लिए अभी भी लगभग 40 से 50 लाख रुपये की रकम जुटाना बाकी है।
लोदाड़ा गांव के ग्रामीणों ने कितनी मदद की है?
ग्राम पंचायत लोदाड़ा के ग्रामीणों और युवा प्रगति मंच ने मिलकर 33 हजार 651 रुपये की सहायता राशि परिवार को सौंपी है।
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