पश्चिम बंगाल की रेजिनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी हलचल और प्रशासनिक कार्रवाई काफी तेज हो गई है। रेजिनगर थाना क्षेत्र से पुलिस ने सोमवार देर रात एक पुराने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के दो प्रमुख पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। विधानसभा क्षेत्र में मतदान की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और पुलिसिया धरपकड़ का दौर जारी है।
कोर कमेटी सदस्य और युवा इकाई के उपाध्यक्ष पर कानूनी शिकंजा
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए नेताओं की पहचान अनीसुर रहमान और सोहेल मंडल के रूप में हुई है। अनीसुर रहमान आम जनता उन्नयन पार्टी की कोर कमेटी में शामिल हैं और गोपालपुर इलाके के रहने वाले हैं। वहीं सोहेल मंडल पार्टी की युवा इकाई में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और उनका आवास रेजिनगर इलाके में स्थित है। इन दोनों नेताओं को एक पुराने आपराधिक मामले में नामजद होने के चलते हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को बहरमपुर जिला अदालत में पेश किया, जहां विस्तृत पूछताछ के लिए उनकी 10 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की गई है।
जाली नोट और अवैध हथियारों के साथ राज्य सचिव की हुई थी गिरफ्तारी
इस ताजा कार्रवाई से महज दो दिन पहले भी आम जनता उन्नयन पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा था जब पार्टी के राज्य सचिव आशिक इकबाल को पुलिस ने दबोचा था। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित हरिहरपारा में शुक्रवार देर रात पुलिस चौकी पर गाड़ियों की नियमित जांच चल रही थी। उसी दौरान गरिनामा इलाके के समीप एक एसयूवी को तलाशी के लिए रोका गया था। वाहन की गहन जांच के दौरान गाड़ी से 500 रुपये मूल्य वर्ग के 108 जाली नोट, दो अवैध हथियार और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। उस वक्त पुलिस ने मौके से आशिक इकबाल और उनके साथ गाड़ी में सफर कर रहे एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।
चुनाव चिह्न को लेकर निर्वाचन आयोग का फैसला और हुमायूं कबीर पर जांच का शिकंजा
पार्टी नेताओं पर कानूनी कार्रवाई के अलावा संगठन को चुनावी मोर्चे पर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। निर्वाचन आयोग ने रेजिनगर उपचुनाव में हुमायूं कबीर के बेटे को उनका पसंदीदा चुनाव चिह्न 'सिटी बांसुरी' आवंटित करने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते उन्हें नए चुनाव चिह्न के साथ चुनावी मैदान में उतरना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, खुद पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर भी पुलिसिया जांच के घेरे में आ गए हैं। चुनावी माहौल में कथित तौर पर हिंसा भड़काने की साजिश से जुड़े एक ऑडियो टेप की जांच के सिलसिले में हुमायूं कबीर को 21 सितंबर को पूछताछ के लिए बहरमपुर थाने में तलब किया गया था। इस मामले की तफ्तीश के तहत शनिवार को बहरमपुर थाने की पुलिस टीम उनके शक्तिपुर स्थित आवास पर पहुंची थी और उन्हें आधिकारिक नोटिस थमाया था। सामने आए ऑडियो में मुर्शिदाबाद में निर्माणाधीन बाबरी मस्जिद पर भाजपा का झंडा लगाने को लेकर बातचीत दर्ज थी। इस बातचीत में कथित तौर पर हुमायूं कबीर की आवाज होने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस संबंध में पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था और उसी मामले की कड़ी जोड़ते हुए हुमायूं कबीर से पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
























