छपरा हवाई अड्डा परिसर के समीप मिठाई दुकान कर्मी का कत्ल, साथी से पूछताछ में जुटी पुलिसगुरुग्राम में ईडब्ल्यूएस प्लॉटों पर सात मंजिला अवैध इमारतें और दुकानें तनीं, पांच डीएलएफ कॉलोनियों में बड़े पैमाने पर नियमों की धज्जियां उड़ींकक्षा में पर्ची भेजने पर चौथी के छात्र की बेरहमी से पिटाई, मां की शिकायत पर प्रिंसिपल और शिक्षक फंसेचुनाव आयोग ने 4 राज्यों में 28 विधानपरिषद सीटों के लिए घोषित किया चुनावी कार्यक्रम, 23 अक्टूबर को मतदानस्कूल टिफिन के लिए 10 मिनट में बनाएं पौष्टिक सूजी-बेसन चीला, जानें आसान विधिसूजी और दही से बनाएं भाप में पका क्रिस्पी नाश्ता, पोहा उपमा से मिलेगा नया स्वादवनडे क्रिकेट में किन दिग्गजों ने जीते सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार, देखिए शीर्ष 5 नामों की पूरी फेहरिस्तकुंभ राशि पर 2027 तक शनि साढ़ेसाती का प्रभाव और इसके सबसे कठिन दौर का ज्योतिषीय विश्लेषणजी7 देशों ने ईरान से यमन के हूती विद्रोहियों को हथियार देना बंद करने को कहाकच्चे तेल की नरमी से भारतीय रुपये में मजबूती, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.65 पर पहुंचा
विदाई की दहलीज पर मानसून का पलटवार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव से कई राज्यों में आंधी और भारी बारिश का संकटपश्चिम बंगाल
22 सित॰ 2026, 11:06 am (1 घंटे पहले)· 1

विदाई की दहलीज पर मानसून का पलटवार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव से कई राज्यों में आंधी और भारी बारिश का संकट

मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र गहराने से मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी की चेतावनी दी है।

देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का क्रम शुरू हो चुका है, परंतु इसके पूरी तरह लौटने से पूर्व मौसमी हलचल एक बार फिर कई राज्यों में व्यापक बारिश और तूफान का माहौल तैयार कर रही है। मौसम विभाग ने मंगलवार, 22 सितंबर को उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई हिस्सों में बादलों की तेज गर्जना, आकाशीय बिजली गिरने और तूफानी हवाओं को लेकर कड़ा अलर्ट घोषित किया है। कई संवेदनशील मैदानी और तटीय क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की खतरनाक सीमा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन और यातायात पर असर पड़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी में गहरा रहा चक्रवाती सिस्टम

मौसम के इस ताजा बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ कम दबाव का क्षेत्र है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मौसमी प्रणाली अगले 48 घंटों की समयसीमा में तेजी से सघन होकर पहले सामान्य डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगी। अपनी दिशा बदलते हुए यह सिस्टम 23 सितंबर की सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों के करीब दस्तक दे सकता है। इसका सबसे प्रचंड असर 24 सितंबर को महसूस होगा, जिसके कारण ओडिशा और छत्तीसगढ़ के विस्तृत इलाकों में मूसलाधार और अत्यंत भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है।

ये भी पढ़ें

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में बूंदाबांदी, आगे बढ़ेगा फैलाव

उत्तर प्रदेश के मौसम पर नजर डालें तो मंगलवार को राज्य के पूर्वी अंचलों यानी पूर्वांचल में बादलों की सक्रियता रहने के संकेत हैं। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र सहित आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके विपरीत, राजधानी लखनऊ में दिन के समय उमस और गर्मी का प्रभाव बना रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने का अनुमान है। मौसम के रुझानों से स्पष्ट होता है कि 24 सितंबर से राज्य के अन्य भूभागों में भी बादलों का दायरा विस्तृत होगा और वर्षा में तेजी दर्ज की जाएगी।

झारखंड में 26 सितंबर तक तूफानी बारिश का साया

झारखंड राज्य में मौसमी गतिविधियों ने गंभीर रुख अख्तियार कर लिया है, जहां मंगलवार को कई जिलों में तीव्र बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी रांची सहित बोकारो, धनबाद, देवघर, गिरिडीह और हजारीबाग जैसे औद्योगिक व शहरी क्षेत्रों में अधिकारियों ने मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। वातावरण में मौजूद नमी और चक्रवाती प्रभाव के कारण राज्य भर में बरसात का यह दौर 26 सितंबर तक अनवरत जारी रहने का पूर्वानुमान है।

दिल्ली में खिली रहेगी धूप, उत्तर-पश्चिम से लौटने लगा मानसून

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को फिलहाल बारिश की मार से राहत मिलने की उम्मीद है। 22 से 24 सितंबर के दौरान दिल्ली के आसमान में धूप खिली रहेगी और मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा। इस अवधि में दिन का पारा 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहने की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ, उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की वापसी की रेखा आगे बढ़ चुकी है, जिसके तहत राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के चुनिंदा भागों से मानसूनी हवाएं पीछे हटने लगी हैं। आगामी दिनों में यह निकासी दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों तक भी पहुंच जाएगी।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का अलर्ट

पहाड़ी राज्यों में सफर करने वाले यात्रियों और स्थानीय निवासियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड में 22 से 25 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में रुक-रुक कर वर्षा का क्रम बना रहेगा, जो 25 और 26 सितंबर को और अधिक उग्र रूप ले सकता है। पर्वतीय इलाकों में लगातार होने वाली इस तेज बारिश की वजह से ढलानों के दरकने, भूस्खलन होने और राजमार्गों पर भारी मलबा गिरने का सीधा खतरा मंडरा रहा है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर अवरोध उत्पन्न हो सकता है।

सवाल-जवाब

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन कब तट के करीब पहुंचेगा?
यह चक्रवाती सिस्टम 23 सितंबर की सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट के निकट पहुंचने का अनुमान है।
इस मौसमी सिस्टम का सबसे गंभीर असर किस दिन देखने को मिलेगा?
मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का सर्वाधिक असर 24 सितंबर को होगा, जब ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
22 सितंबर को हवाओं की रफ्तार कितनी रहने की चेतावनी दी गई है?
चेतावनी के मुताबिक कुछ इलाकों में आंधी और तेज हवाओं की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर प्रदेश के किन जिलों में 22 सितंबर को बारिश की संभावना है?
गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र सहित पूर्वांचल के जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं।
दिल्ली में 22 से 24 सितंबर के दौरान मौसम कैसा रहने वाला है?
दिल्ली में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और बारिश से राहत रहेगी, जबकि अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हो सकता है।
उत्तराखंड में किन तारीखों को बारिश में तेजी आने की चेतावनी है?
उत्तराखंड में 22 से 25 सितंबर तक बारिश होगी, जिसके 25 और 26 सितंबर को और अधिक तेज होने की संभावना है।
किन राज्यों से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है?
राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
झारखंड में बारिश का यह दौर कब तक जारी रह सकता है?
झारखंड के रांची, बोकारो, धनबाद और अन्य जिलों में भारी बारिश का यह सिलसिला 26 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 मिनट पहले

मानसून की विदाई के वक्त ऐसा पलटवार हर बार चुनाव और नीतियों की तैयारियों को थोड़ा बहुत प्रभावित कर ही देता है।

Ravikash Gupta@ravikash·17 मिनट पहले

अरे अर्जुन, चुनाव का तो पता नहीं, पर मुझे पिछले साल ओडिशा में ऐसे ही चक्रवात में फंसना पड़ा था, जब सब कुछ रुक गया था।

Rohan Verma@rohan-verma·39 मिनट पहले

लखनऊ में 35 डिग्री गर्मी और उमस रहेगी, इस जाते मानसून में इतनी चिपचिपाहट बहुत परेशान करती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 मिनट पहले

रोहन, लखनऊ की उमस सच में बहुत खतरनाक होती है। पिछली बार जब मैं एक ग्राउंड रिपोर्ट के सिलसिले में वहाँ गया था, तो पसीने से बुरा हाल हो गया था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp