पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के चंपाहाटी क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक संदिग्ध परिसर के अंदर अचानक भयानक विस्फोट हो गया। इस जोरदार धमाके में दो लोग गंभीर रूप से झुलस कर घायल हो गए हैं। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया और स्थानीय लोग दहशत में आ गए। आनन-फानन में आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायलों को नजदीक के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां कथित तौर पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। इस सूचना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची और पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।
हादसे में घायल नागरिक और बापी नस्कर से जुड़ाव
विस्फोट की इस विभीषिका में चोटिल हुए लोगों की पहचान 52 वर्षीय पद्मरानी नस्कर और अब्बास गाजी के रूप में की गई है। दोनों ही पीड़ितों के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका गहन उपचार जारी है। स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पद्मरानी नस्कर का संबंध बापी नस्कर नामक व्यक्ति से बताया जा रहा है। इस पूरी घटना के बाद बापी नस्कर का नाम आरोपों के घेरे में आ गया है। पुलिस प्रशासन घायलों के स्वास्थ्य अपडेट पर नजर रखने के साथ-साथ उनके परिजनों और घटना से जुड़े व्यक्तियों की पृष्ठभूमि का भी पता लगा रहा है, ताकि हादसे से जुड़ी कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।
मछली कारोबार की आड़ में अवैध निर्माण के आरोप
हादसे वाली जगह को लेकर आसपास रहने वाले निवासियों ने कई गंभीर दावे किए हैं। बताया गया है कि यह धमाका एक ऐसे मकान के भीतर हुआ जो घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र से दूर एक सुनसान जंगलनुमा इलाके में निर्मित है। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट आरोप है कि इस संपत्ति को आधिकारिक तौर पर मछली व्यापार संचालित करने के नाम पर तैयार किया गया था। हालांकि असलियत में इस जगह का इस्तेमाल कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से पटाखे और विस्फोटक सामग्री तैयार करने के लिए किया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि मछली कारोबार का पर्दा सिर्फ बाहरी दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए बनाया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी आरोपों की गहन तकनीकी जांच की जा रही है और निष्पक्ष जांच के बाद ही सच सामने आएगा।
बारुईपुर पुलिस की मौके पर कार्रवाई और छानबीन
घटना की सूचना मिलते ही बारुईपुर पुलिस जिले का एक विशाल पुलिस दस्ता घटनास्थल पर पहुंच गया। इस पूरी कार्रवाई की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतिश विश्वास खुद संभाल रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपनी देखरेख में पूरे परिसर का बारीकी से मुआयना किया और वहां बिखरे साक्ष्यों को एकत्रित करना शुरू कर दिया है। पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि धमाका किस प्रकार की विस्फोटक सामग्री के कारण हुआ और क्या इस जगह पर किसी सुरक्षा मानक का पालन किया जा रहा था।
साजिश और नेटवर्क की गहन पड़ताल
पुलिस केवल धमाके के तात्कालिक कारणों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस गैर-कानूनी गतिविधि के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कथित अवैध पटाखा निर्माण इकाई में कच्चा माल कहां से सप्लाई किया जाता था और इसमें बापी नस्कर के अलावा और कौन-कौन से लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर काफी भय है कि सुनसान इलाके का फायदा उठाकर इस तरह की खतरनाक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। बारुईपुर पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होते ही घटना की वास्तविक वजह और इसमें संलिप्त सभी दोषियों के नामों का खुलासा कर दिया जाएगा।



















