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बंगाल की खाड़ी में मौसमी हलचल से दक्षिण में मूसलाधार बारिश का खतरा, उत्तर भारत में बढ़ी ठंडकपश्चिम बंगाल
21 अक्तू॰ 2026, 7:18 am (6 मिनट पहले)· 0

बंगाल की खाड़ी में मौसमी हलचल से दक्षिण में मूसलाधार बारिश का खतरा, उत्तर भारत में बढ़ी ठंडक

बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के चलते 26 अक्टूबर तक दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है, जबकि पहाड़ों पर बर्फबारी से उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई है।

भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी शुरू होने से मैदानी इलाकों में ठंड ने दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत के तटीय और आंतरिक इलाकों में भारी बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उत्तर भारत में गुलाबी ठंड का असर दिखने लगा है। दूसरी ओर, समुद्री हलचल के कारण दक्षिणी प्रायद्वीप में मौसमी गतिविधियां तेज हो रही हैं।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा कम दबाव का क्षेत्र

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र में आगामी 24 घंटों के भीतर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। इस मौसमी प्रणाली के सक्रिय होने से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 26 अक्टूबर तक मूसलाधार बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है। मौसमी तंत्र का प्रभाव केवल तमिलनाडु तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के अन्य राज्यों में भी इसका व्यापक असर दिखेगा।

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दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, यनम, रायलसीमा और माहे में 21 से 26 अक्टूबर के दौरान तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस पूरी समयावधि में इन राज्यों के भीतर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। कुछ विशिष्ट तटीय इलाकों में हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।

तमिलनाडु के 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट

मौसम की गंभीरता को देखते हुए 23 अक्टूबर तक तमिलनाडु के 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस चेतावनी के दायरे में चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, कुड्डालोर और तिरुचि जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बौछारें पड़ने, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सवाल-जवाब

तमिलनाडु में कम दबाव का क्षेत्र कब तक प्रभावी रहेगा?
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बनने वाला यह तंत्र 24 घंटों में विकसित होगा और इसके प्रभाव से 26 अक्टूबर तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत के किन अन्य राज्यों में तेज बारिश का अनुमान है?
तमिलनाडु के अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, यनम, रायलसीमा और माहे में 21 से 26 अक्टूबर तक भारी बारिश हो सकती है।
तमिलनाडु के कितने जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है?
राज्य के 17 जिलों के लिए 23 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, कुड्डालोर और तिरुचि शामिल हैं।
इस दौरान हवाओं की रफ्तार कितनी रहने की संभावना है?
प्रभावित राज्यों में आमतौर पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर भारत में ठंड बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी होने की वजह से उत्तर भारत में ठंड का असर दिखने लगा है।
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