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जलपाईगुड़ी जिला स्कूल में विशेष भोज पर बवाल के बाद हेडमास्टर का तबादला, चार छात्रों को टीसीपश्चिम बंगाल
25 सित॰ 2026, 3:23 pm (1 घंटे पहले)· 0

जलपाईगुड़ी जिला स्कूल में विशेष भोज पर बवाल के बाद हेडमास्टर का तबादला, चार छात्रों को टीसी

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में स्पेशल मिड-डे मील के दौरान हुई हिंसक झड़प की जांच के बाद हेडमास्टर धर्मचंद बारुई को मालबाजार भेजा गया, जबकि 10वीं के चार छात्रों को स्कूल से निकाला गया।

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में स्थित ऐतिहासिक जलपाईगुड़ी जिला स्कूल में विशेष दोपहर के भोजन को लेकर हुए गंभीर विवाद और हाथापाई के मामले में राज्य प्रशासन ने सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है। लगभग 150 साल पुराने इस प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान के हेडमास्टर धर्मचंद बारुई का फौरन प्रभाव से अन्य संस्थान में तबादला कर दिया गया है। शिक्षा विभाग और जिला स्कूल इंस्पेक्टर द्वारा पूरी घटना की सिलसिलेवार जांच पूरी होने के उपरांत यह निर्देश जारी किया गया, जिसकी आधिकारिक पुष्टि शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने की है।

चावल और चिकन के वितरण पर शुरू हुई थी तीखी नोकझोंक

यह पूरा घटनाक्रम 8 सितंबर का है, जब शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष दोपहर भोज की व्यवस्था की गई थी। इस आयोजन में परोसे जा रहे भोजन के दौरान कुछ विद्यार्थियों ने यह बात उठाई कि उन्हें उचित और पर्याप्त मात्रा में चावल व चिकन नहीं दिया जा रहा है। भोजन की मात्रा को लेकर शुरू हुई यह असंतुष्टि तेजी से स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों के बीच तीखी बहस में तब्दील हो गई। देखते ही देखते परिसर का शांत माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बन गया।

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कथित मारपीट, जवाबी हमला और विभाग की कार्रवाई

विवाद जब अत्यधिक बढ़ गया, तब यह आरोप सामने आया कि हेडमास्टर धर्मचंद बारुई ने कुछ विद्यार्थियों पर शारीरिक बल प्रयोग करते हुए उनकी पिटाई कर दी। घटना के चश्मदीदों के अनुसार, इस टकराव के बाद उत्तेजित विद्यार्थियों ने हेडमास्टर का पीछा किया, उन्हें जमीन पर गिरा दिया और उनके साथ गंभीर हाथापाई की। जिला स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कराई गई शुरुआती जांच में इस अप्रिय झड़प के लिए दोनों ही पक्षों की भूमिका को उत्तरदायी माना गया।

शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने पहले बारुई को 9 सितंबर से 15 दिनों की अनिवार्य छुट्टी पर भेजा था। इसके बाद मामले के अंतिम निपटारे के तहत उनका स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से जिले के ही मालबाजार स्थित स्कूल में कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ, शिक्षक पर हमला करने में शामिल कक्षा 10 के चार छात्रों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और 11 सितंबर को उन्हें ट्रांसफर सर्टिफिकेट थमा दिया गया। इन चारों विद्यार्थियों को जलपाईगुड़ी जिला स्कूल में पढ़ाई जारी रखने से वंचित कर दिया गया है, हालांकि उन्हें किसी दूसरे शैक्षणिक संस्थान में दाखिला लेने की छूट दी गई है। शिक्षा मंत्री ने 11 सितंबर को स्वयं इस ऐतिहासिक स्कूल का दौरा कर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ गहन समीक्षा बैठक की थी।

सवाल-जवाब

जलपाईगुड़ी जिला स्कूल के हेडमास्टर का तबादला कहां किया गया है?
जांच के बाद हेडमास्टर धर्मचंद बारुई का तबादला तत्काल प्रभाव से जिले के ही मालबाजार स्थित स्कूल में कर दिया गया है।
स्कूल परिसर में विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था?
8 सितंबर को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष मिड-डे मील में चावल और चिकन की कम मात्रा को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच बहस हुई थी।
मारपीट में शामिल विद्यार्थियों के खिलाफ क्या कदम उठाया गया?
हेडमास्टर के साथ मारपीट करने वाले कक्षा 10 के चार छात्रों को 11 सितंबर को ट्रांसफर सर्टिफिकेट देकर स्कूल से निकाल दिया गया है।
क्या निष्कासित छात्र किसी अन्य संस्थान में प्रवेश ले सकते हैं?
हां, उन्हें जलपाईगुड़ी जिला स्कूल में पढ़ाई जारी रखने से रोका गया है, लेकिन किसी अन्य स्कूल में प्रवेश लेने की अनुमति दी गई है।
शिक्षा मंत्री ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने 11 सितंबर को स्कूल का दौरा कर अधिकारियों से बैठक की और हेडमास्टर के तबादले व छात्रों पर कार्रवाई की पुष्टि की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·37 मिनट पहले

मिड-डे मील के चक्कर में बच्चों और हेडमास्टर के बीच ऐसी मारपीट होना बहुत हैरान करने वाला है। क्या स्कूल में किसी को भी बच्चों और टीचर के बीच बढ़ते तनाव का पहले से अंदाज़ा नहीं था?

Ravikash Gupta@ravikash·37 मिनट पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा। जब कॉरपोरेट बजट से लेकर स्कूल के फंड तक में गड़बड़ी होती है, तो ऐसे ही विवाद सामने आते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·59 मिनट पहले

मिड-डे मील के चक्कर में हेडमास्टर और बच्चों के बीच मारपीट तक नौबत आना बेहद शर्मनाक है। स्कूल को अखाड़ा बना दिया, और अब बच्चे टीसी लेकर घूम रहे हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·59 मिनट पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा। खाने की बात पर बच्चों और मास्टर का आपस में भिड़ना स्कूल को सच में अखाड़ा बना देना ही है।

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