पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय परिसर में एक दिन पहले हुए जबरदस्त हंगामे और धक्का-मुक्की के मामले में कानूनी शिकंजा कस गया है। कोलकाता पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और पार्टी के दो अन्य प्रमुख नेताओं के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इसके साथ ही, दफ्तर परिसर में प्रशासनिक टीम और पुलिस बल के साथ हुई हाथापाई के आरोप में पुलिस कार्रवाई करते हुए अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
अवैध होर्डिंग हटाने पहुंची टीम से उलझे समर्थक और सुरक्षाकर्मी
कैमैक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर में विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब कोलकाता नगर निगम के विज्ञापन विभाग के अधिकारी और स्थानीय पुलिसकर्मी इमारत पर लगे एक कथित अवैध होर्डिंग को हटाने पहुंचे थे। 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' के इस बिलबोर्ड को निकालने की प्रशासनिक कवायद का वहां मौजूद तृणमूल कार्यकर्ताओं, निजी सुरक्षा गार्डों और पार्टी नेताओं ने तीखा विरोध किया। समर्थकों ने नगर निगम अधिकारियों और पुलिस टीम को इमारत के अंदर प्रवेश करने और साइनबोर्ड हटाने से रोकने की कोशिश की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में 3 एफआईआर दर्ज
कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों तथा नगर निगम कर्मियों पर हमला करने और गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जुटाने के आरोपों में शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहली एफआईआर कोलकाता नगर निगम के विज्ञापन विभाग के एक अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर पंजीकृत की गई है। दूसरी एफआईआर नगर निकाय के औपचारिक अनुरोध पर दर्ज हुई है। इसके अलावा, तीसरी एफआईआर ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिस सार्जेंट की शिकायत पर बनाई गई है, जिसमें आरोप है कि उपद्रवियों ने सरकारी काम रोकते हुए सुरक्षाकर्मियों को आवंटित किया गया वॉकी-टॉकी भी छीन लिया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, 13 आरोपी अरेस्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस के जासूसी विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कुणाल अग्रवाल ने जानकारी दी कि पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 13 लोगों को अरेस्ट किया है। जासूसी विभाग के अधिकारी घटनास्थल के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और मौके पर मौजूद गवाहों के बयानों का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि झड़प की शुरुआत किस तरह हुई और एफआईआर में नामजद नेताओं की क्या भूमिका थी।
सीढ़ियों पर गिरे डेरेक ओ'ब्रायन, दोनों पक्षों के आरोप
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को बिलबोर्ड हटाने के दौरान तृणमूल नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई थी। इस कार्रवाई के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई, जिसमें तृणमूल नेता डेरेक ओ'ब्रायन सीढ़ियों पर गिर पड़े थे। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस और पुलिस प्रशासन दोनों ही पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर अमर्यादित व्यवहार और धक्का-मुक्की के आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।



















