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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के साथ सरकार ने चार वरिष्ठ अधिकारियों को दी कमान, आम जनता से 13 सितंबर 2026 तक मांगे सुझावभारत
28 अग॰ 2026, 7:48 pm (1 घंटे पहले)· 2

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के साथ सरकार ने चार वरिष्ठ अधिकारियों को दी कमान, आम जनता से 13 सितंबर 2026 तक मांगे सुझाव

नीट-यूजी समेत प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का प्रशासनिक ढांचा बदल दिया है। चार नए अधिकारियों की तैनाती के साथ ही परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए जनता से 13 सितंबर 2026 तक विचार मांगे गए हैं।

देशभर में आयोजित होने वाली प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे में व्यापक पुनर्गठन किया है। हाल की परीक्षाओं में सामने आईं गड़बड़ियों और पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बीच परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए चार वरिष्ठ सिविल सेवा अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर निगरानी तंत्र को अत्यधिक सख्त बनाना, प्रशासनिक खामियों को दूर करना और अभ्यर्थियों के डगमगाए विश्वास को पुनः स्थापित करना है। इसके साथ ही आम जनता, छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत परामर्श अभियान भी आरंभ किया गया है।

वरिष्ठ नौकरशाहों को सौंपी गई प्रशासनिक जिम्मेदारी

प्रतियोगी परीक्षाओं के सुचारू एवं त्रुटिहीन संचालन के लिए केंद्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय राजस्व सेवा के अनुभवी अधिकारियों पर भरोसा जताया है। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आईआरएस अधिकारी अंशुमान शर्मा को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी यह तैनाती पांच वर्ष की अवधि या अगले आदेश तक के लिए की गई है, जिसके तहत शुरुआती आदेश के अनुसार वे दो वर्ष तक एजेंसी में अपनी सेवाएं देंगे।

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इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक तंत्र को मजबूती देने के लिए आईपीएस अधिकारी रवि कुमार सिंह तथा आईएएस अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को एजेंसी में डायरेक्टर का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। वहीं 2016 बैच के आईआरएस अधिकारी अमित समदरिया को ज्वाइंट डायरेक्टर पद की जिम्मेदारी दी गई है। कार्मिक मंत्रालय ने प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए इन सभी नवनियुक्त अधिकारियों को तीन सप्ताह की समयावधि के भीतर अपना-अपना पदभार ग्रहण करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए जनता से मांगे सुझाव

परीक्षा संचालन में बुनियादी और दूरगामी सुधार लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। यह विशेष कमेटी देश भर के विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, अध्यापकों और प्रबुद्ध नागरिकों से परीक्षा प्रणाली को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रत्यक्ष सुझाव आमंत्रित कर रही है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि संपूर्ण सुधार प्रक्रिया में जनसामान्य के व्यावहारिक अनुभवों और सुझावों का समावेश अत्यंत आवश्यक है।

यदि आपके पास प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने से जुड़ा कोई व्यावहारिक विचार है, तो आप 13 सितंबर 2026 तक अपने बहुमूल्य सुझाव जमा करा सकते हैं। इसके लिए सरकार और एजेंसी ने बहुआयामी संचार माध्यम उपलब्ध कराए हैं। नागरिक अपने विचार व्हाट्सएप, आधिकारिक वेबसाइट, टोल-फ्री नंबर अथवा ईमेल के जरिए प्रेषित कर सकते हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ये सुझाव हिंदी, अंग्रेजी या देश की किसी भी क्षेत्रीय भाषा में भेजे जा सकते हैं।

पेपर लीक विवाद और साख की बहाली

हाल के समय में नीट-यूजी जैसी देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में पेपर लीक और विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के संगीन आरोप लगे थे। इन अप्रिय घटनाओं के कारण देश भर के लाखों अभ्यर्थियों तथा उनके परिजनों के मन में परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता को लेकर गहरी आशंकाएं पैदा हो गई थीं। इसके परिणामस्वरूप संपूर्ण व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की मांग देशव्यापी स्तर पर जोर पकड़ रही थी।

संस्थान की साख पर लगे इस आघात से निपटने के लिए सरकार ने दोहरी रणनीति अपनाई है। एक तरफ जहां अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की नई टीम को मोर्चे पर उतारा गया है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता की सीधी भागीदारी के माध्यम से प्रणाली की हर तकनीकी एवं ढांचागत कमजोरी को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार को विश्वास है कि इन निर्णायक कदमों से प्रतियोगी परीक्षाओं की साख और निष्पक्षता फिर से कायम हो सकेगी।

सवाल-जवाब

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में किन वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है?
उच्च शिक्षा विभाग के तहत आईआरएस अधिकारी अंशुमान शर्मा को ज्वाइंट सेक्रेटरी, आईपीएस अधिकारी रवि कुमार सिंह और आईएएस अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को डायरेक्टर तथा 2016 बैच के आईआरएस अधिकारी अमित समदरिया को ज्वाइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
नव नियुक्त अधिकारियों को पद संभालने के लिए कार्मिक मंत्रालय ने क्या निर्देश दिया है?
कार्मिक मंत्रालय ने सभी चारों नए अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर अपना पदभार संभालने का कड़ा निर्देश जारी किया है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की अंतिम तिथि क्या है?
देश के छात्र, अभिभावक, शिक्षक और आम नागरिक 13 सितंबर 2026 तक परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने के लिए अपने सुझाव जमा करा सकते हैं।
सुझाव किन माध्यमों और भाषाओं में भेजे जा सकते हैं?
सुझाव व्हाट्सएप, आधिकारिक वेबसाइट, टोल-फ्री नंबर या ईमेल के जरिए हिंदी, अंग्रेजी अथवा किसी भी क्षेत्रीय भाषा में भेजे जा सकते हैं।
एनटीए में इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की मुख्य वजह क्या है?
नीट-यूजी समेत कई प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोपों के बाद परीक्षा संचालन को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए यह फेरबदल किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·32 मिनट पहले

यह प्रशासनिक पुनर्गठन एनटीए की साख बचाने की दिशा में एक अहम कदम है, लेकिन असली चुनौती आपराधिक लापरवाही और पेपर लीक सिंडिकेट पर नकेल कसना होगी। चार वरिष्ठ सिविल सेवा अधिकारियों की तीन सप्ताह के भीतर तैनाती से यह स्पष्ट है कि जांच एजेंसियों और नई प्रशासनिक टीम को अब परीक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और निवारक उपायों को प्राथमिकता देनी होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·32 मिनट पहले

यह प्रशासनिक सुधार सरकारी मशीनरी को दुरुस्त करने का संकेत तो है, परंतु आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर इसके दूरगामी प्रभाव तय करेंगे कि वित्तीय संसाधनों का दुरुपयोग कैसे रुकेगा। जब तक डिजिटल सुरक्षा के कड़े मानक और मजबूत डेटा एन्क्रिप्शन लागू नहीं होते, तब तक सिर्फ प्रशासनिक फेरबदल से व्यवस्था की वित्तीय और संस्थागत लागत कम होना मुश्किल है। टास्क फोर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीकी बुनियादी ढांचे में होने वाला आगामी निवेश पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी हो।

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