कॉकपिट के भीतर हुए हमले के बाद उपचाराधीन विमान चालक कैप्टन स्मित मच्छार की शारीरिक स्थिति में लगातार सकारात्मक प्रगति देखी जा रही है। 6 अक्टूबर को संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि कैप्टन स्मित मच्छार निरंतर सुधार की ओर बढ़ रहे हैं। भारतीय मिशन लगातार उनके परिजनों, चिकित्सा विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए हुए है ताकि उन्हें हर जरूरी सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जा सके। दूतावास ने लोगों द्वारा की जा रही प्रार्थनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके पूर्ण स्वस्थ होने की उम्मीद जताई है।
सैन्य अस्पताल में उन्नत उपचार और राजनयिक दौरा
विमान में हुई गंभीर घटना के तुरंत बाद घायल कैप्टन को प्राथमिक चिकित्सा के उद्देश्य से पहले तबुक के एक स्थानीय चिकित्सालय पहुंचाया गया था। बाद में गंभीर स्थिति और विशेष देखभाल को ध्यान में रखते हुए उन्हें हवाई मार्ग से अबू धाबी स्थानांतरित किया गया, जहां इस समय मिलिट्री अस्पताल में उनका सघन उपचार जारी है। संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने 1 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से अस्पताल पहुंचकर घायल पायलट और उनके परिजनों से मुलाकात की थी। राजदूत ने उस समय भी जानकारी दी थी कि स्मित मच्छार स्थिर हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। घटना के कारणों को लेकर जांच प्रक्रिया जारी है, हालांकि सह-पायलट द्वारा उठाए गए इस हिंसक कदम की वास्तविक वजह अभी तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आ पाई है।
शारीरिक चोटों की प्रकृति और परिजनों से मुलाकात
कॉकपिट के भीतर हुए हमले के चलते कैप्टन स्मित मच्छार के सिर की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ था। खोपड़ी की चोट के अतिरिक्त उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से अंगों, सीने और पेट के ऊपरी भाग पर गहरे घाव आए थे। चिकित्सा दल द्वारा स्वास्थ्य स्थिति में क्रमिक सुधार देखे जाने के उपरांत उनके परिजनों को वार्ड में मिलने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसके साथ ही डॉक्टरों की टीम परिवार के सदस्यों को उपचार और सुधार से जुड़े हर ताजा घटनाक्रम की नियमित जानकारी दे रही है।
विमान को बचाने का संघर्ष और बातचीत का विवरण
विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे और हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा था। घायल अवस्था में फर्श पर पड़े होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने साहस का परिचय दिया था। पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई वीडियो कॉल के दौरान उन्होंने इस खौफनाक क्षण को साझा किया था। कैप्टन ने कहा था कि जब उन्हें अहसास हुआ कि विमान अनियंत्रित होकर नीचे गिर रहा है, तो उन्होंने जमीन पर पड़े-पड़े ही कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोलने का अंतिम प्रयास किया, ताकि बाहर मौजूद लोग अंदर पहुंचकर स्थिति संभाल सकें। उन्होंने बातचीत में यह भी दोहराया कि वह न केवल अपनी रक्षा के लिए जूझ रहे थे, बल्कि किसी भी कीमत पर विमान में सवार दूसरे लोगों को नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहते थे।





















