हवा में लहराते विमान और मौत के जबड़े से 174 जिंदगियों को खींच लाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस को अब अमेरिकी संसद ने भी आधिकारिक रूप से सलाम किया है। दुबई से तेल अवीव की उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए जानलेवा आतंकी हमले को नाकाम करने वाले कैप्टन स्मित के सम्मान में अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में एक विशेष प्रस्ताव लाया गया है। इस विधायी प्रस्ताव को सांसद जोश गॉटहाइमर, डॉन बेकन और माइकल मैककॉल ने संयुक्त रूप से पटल पर रखा है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी भारतीय कैप्टन के इस हैरतअंगेज शौर्य की खुले दिल से सराहना कर उन्हें सच्चा नायक बता चुके हैं।
संसद में दर्ज हुआ कॉकपिट के भीतर का खौफनाक मंजर
अमेरिकी सदन में पेश किए गए आधिकारिक प्रस्ताव में 30 सितंबर, 2026 के उस दिल दहला देने वाले वाकये का सिलसिलेवार ब्योरा दर्ज किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, फ्लाईदुबई की उड़ान 1073 ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई से इजरायल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी। इस एयरक्राफ्ट में कुल 174 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश इजरायली नागरिक थे। इनके अलावा सफर करने वालों में 4 अमेरिकी नागरिक और 27 मासूम बच्चे भी मौजूद थे। सफर के बीच रास्ते में ही विमान के ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने अचानक खौफनाक रूप अख्तियार कर लिया। उसने कॉकपिट में रखी इमरजेंसी क्रैश कुल्हाड़ी उठाई और सीधे कैप्टन स्मित पर ताबड़तोड़ वार कर दिए ताकि फ्लाइट कंट्रोल पूरी तरह अपने कब्जे में ले सके।
हमले के उस भीषण तनाव के बीच विमान अनियंत्रित होकर महज 30 सेकंड से भी कम वक्त में 14,000 फीट से अधिक नीचे आ गिरा था। आसमान में मंडराती इस निश्चित मौत के सामने भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार चट्टान बनकर खड़े हो गए। लहूलुहान और गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद उन्होंने असाधारण मानसिक संतुलन दिखाया। अपनी बची-खुची पूरी ताकत समेटकर उन्होंने हमलावर का डटकर मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा भीतर से अनलॉक करने में कामयाब रहे। दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलट तुरंत अंदर पहुंचे और विमान का संतुलन संभाला, जबकि केबिन क्रू और यात्रियों ने मिलकर सिरफिरे को-पायलट को दबोच लिया। मामले की जांच में बाद में यह सामने आया कि ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने गाज़ा का बदला लेने के इरादे से यह आत्मघाती हमला किया था।
सुरक्षित लैंडिंग और अंतरराष्ट्रीय जांच के कड़े बिंदु
सदन के प्रस्ताव में आगे दर्ज है कि कॉकपिट सुरक्षित होने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में पूरी तरह महफूज उतारा गया, जिससे सभी यात्री और क्रू सदस्य बाल-बाल बच गए। घटना के फौरन बाद 3 अक्टूबर, 2026 को संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल ने आधिकारिक ऐलान किया कि प्राथमिक जांच के नतीजों से साफ है कि को-पायलट ने एक सुनियोजित आतंकवादी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की थी।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने इस प्रस्ताव के जरिए पांच बेहद महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी मुहर लगाई है
- कैप्टन स्मित मच्छार द्वारा विमान में सवार प्रत्येक व्यक्ति की हिफाजत के लिए दिखाए गए असाधारण और अद्वितीय साहस का सर्वोच्च सम्मान किया जाता है।
- फ्लाइट डेक पर तुरंत नियंत्रण पाने और विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराने वाले ऑफ-ड्यूटी पायलटों, केबिन क्रू और मुसाफिरों की बहादुरी की भूरि-भूरि प्रशंसा की जाती है।
- हमले में गंभीर चोटों का शिकार हुए कैप्टन मच्छार समेत सभी घायल व्यक्तियों के जल्द और पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की जाती है।
- फ्लाईदुबई की इस उड़ान पर किए गए जानलेवा हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे स्पष्ट आतंकी घटना और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन की संरक्षा पर खुला हमला करार दिया जाता है।
- सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारों से अपील की जाती है कि वे इस पूरी वारदात की निष्पक्ष, मुकम्मल और त्वरित जांच सुनिश्चित करें तथा उसकी विस्तृत जानकारी अमेरिका और इजरायल के साथ साझा करें।



















