थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में शुक्रवार को बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने खूनी खेल खेलते हुए कई निर्दोष लोगों की जान ले ली। स्कूल पहुंचने से पहले आरोपी किशोर ने अपने घर में ही अपने दादा-दादी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद वह सीधे अपने स्कूल पहुंचा और वहां मौजूद शिक्षकों और विद्यार्थियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परिसर में 3 शिक्षकों और 4 छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। अपने परिवार के दो सदस्यों और 7 लोगों को निशाना बनाने के बाद हमलावर छात्र ने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण वारदात में 15 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
घरेलू हिंसा के बाद स्कूल परिसर में बिछा दीं लाशें
स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार को घटी इस जानलेवा घटना की जांच शुरू करते हुए मामले से जुड़ी नई जानकारियां साझा की हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 8वीं कक्षा के छात्र ने सबसे पहले अपने आवास पर ही अपने दादा-दादी की गोली मारकर हत्या की थी। इसके तुरंत बाद वह हथियार लेकर अपने स्कूल की ओर निकल पड़ा। वहां पहुंचते ही उसने क्लासरूम और गलियारों में मौजूद लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद शूटर ने अपनी जीवनलीला भी समाप्त कर ली। पुलिस अधिकारी अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रहे हैं कि आखिर इस दोहरे हमले के पीछे छात्र की मंशा क्या थी। शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि गोलीबारी में इस्तेमाल की गई बंदूक छात्र ने अपने ही परिवार के किसी सदस्य के पास से हासिल की थी।
चीख-पुकार और भगदड़ के बीच फैला सन्नाटा
अचानक हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी से पूरे स्कूल परिसर में अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई। गोलियों की तड़ातड़ आवाजें सुनते ही छात्र जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, जहां एम्बुलेंस के जरिए घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। स्कूल की इमारतों के बाहर बदहवास और रोते-बिलखते शिक्षक एक-दूसरे को ढांढस बंधाते हुए देखे गए। वारदात के वक्त मौके पर मौजूद 18 साल के एक छात्र ने खौफनाक मंजर को बयां किया। उसने बताया कि शुरुआती लम्हों में उसे लगा जैसे बाहर पटाखे फूट रहे हों। छात्र के मुताबिक, पहले उसे बिल्कुल अंदाजा नहीं हुआ कि यह बंदूक चलने की आवाज है। लगातार गोलियां चलने की आवाज आई और फिर अचानक चारों तरफ सन्नाटा छा गया। इसके कुछ ही पलों बाद दोबारा से गोलीबारी शुरू हो गई, जिससे हर तरफ दहशत फैल गई।
घायलों को सीने और पीठ में लगीं गोलियां
आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य संभाला और बताया कि कई पीड़ितों के सीने, पीठ और बाहों में गोलियां लगी थीं। थाईलैंड के शिक्षा मंत्री प्रासेर्ट जंतारारुआंगटोंग ने सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि की है कि मारे गए लोगों में शिक्षक और छात्र दोनों शामिल हैं। राहत दल के सदस्य कियातिखुन वेरापोंगप्रादिथ ने बताया कि जब उनकी टीम स्कूल पहुंची, तब भी परिसर के अंदर गोलीबारी जारी थी। बचाव दल जब ऊपरी मंजिल पर पहुंचा, तो वहां एक कमरे में एक पुरुष शिक्षक मृत अवस्था में मिले। इसके बाद एक अन्य कमरे की तलाशी लेने पर एक महिला शिक्षक का शव बरामद हुआ, जिनकी छाती और बांह पर गोली के गंभीर निशान थे। पुलिस प्रशासन के अनुसार 15 घायलों का उपचार जारी है और मामले की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।



















