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बेहतर जिंदगी की चाह में विदेशी दूल्हों का दामन थाम रहीं यमन की युवतियां, किसी को मिला सहारा तो किसी के हाथ धोखादुनिया
25 जून 2026, 5:30 pm (45 दिन पहले)· 4

बेहतर जिंदगी की चाह में विदेशी दूल्हों का दामन थाम रहीं यमन की युवतियां, किसी को मिला सहारा तो किसी के हाथ धोखा

सालों से जंग और गरीबी झेल रहे यमन में अब युवतियां अमीर और विदेशी पुरुषों से शादी को देश छोड़ने और बेहतर जिंदगी का रास्ता मान रही हैं, लेकिन कई के लिए यह उम्मीद टूटे सपने में बदल गई है।

करीब दस साल से जंग, बिखरती अर्थव्यवस्था और इंसानी संकट से जूझ रहे यमन में अब एक नया सामाजिक चलन तेजी से पैर पसार रहा है। बड़ी तादाद में युवतियां अब अमीर और विदेशी पुरुषों से शादी को मुल्क की मुश्किलों से निकलकर बेहतर जिंदगी पाने का सबसे आसान जरिया मानने लगी हैं। मगर हकीकत यह है कि कई महिलाओं के लिए यह उम्मीद किसी सुनहरे सपने के बजाय एक तकलीफदेह तजुर्बे में बदल गई है।

29 साल की मोना की कहानी इसी हकीकत की झलक देती है। उनकी पहली शादी एक यमनी युवक से हुई थी, लेकिन पांच साल तक गरीबी और रोजमर्रा की जद्दोजहद में पिसने के बाद उन्होंने तलाक का फैसला किया। मोना बताती हैं कि हालात इतने खराब हो गए थे कि बच्चे के लिए दूध खरीदना तक मुश्किल हो गया था। तभी उन्होंने ठान लिया कि अब दोबारा शादी सिर्फ उसी से करेंगी जो आर्थिक रूप से मजबूत हो।

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कुछ वक्त बाद उनकी एक जान-पहचान वाली महिला ने उनकी मुलाकात एक अमीर अमीराती नागरिक से कराई। वह शख्स पहले से शादीशुदा था और इस रिश्ते को छिपाकर रखना चाहता था। इन शर्तों के बावजूद मोना ने प्रस्ताव कबूल कर लिया। उन्हें 10 हजार डॉलर का मेहर मिला और मिस्र में निकाह हुआ। अब वह वहीं रहती हैं और कहती हैं कि उनका पति न सिर्फ उनका पूरा खर्च उठाता है, बल्कि उनके परिवार की भी आर्थिक मदद करता है।

लेकिन हर कहानी इस तरह नहीं संवरती। 22 साल की नोहा ने भी बेहतर जिंदगी की आस में अमेरिकी पासपोर्ट रखने वाले एक विदेशी शख्स से मिस्र में शादी की। शुरू में उन्हें लगा कि अब उनकी किस्मत बदल जाएगी, लेकिन शादी के चंद दिनों बाद ही उन्हें एहसास हो गया कि उनका पति उन्हें पत्नी नहीं, बल्कि किसी सामान की तरह समझता है। नोहा का आरोप है कि वह शख्स हर साल कई कम उम्र लड़कियों से शादी करता है और कुछ समय बाद उन्हें तलाक देकर छोड़ देता है। आखिरकार नोहा के पिता उन्हें वापस यमन ले आए। अब वह दूसरी लड़कियों को ऐसी शादियों से दूर रहने की नसीहत देती हैं।

यमन में अपना भविष्य सुरक्षित नहीं मानतीं युवतियां

20 साल की मरियम का भी मानना है कि यमन में उनका आने वाला कल महफूज नहीं है। वह कहती हैं कि अगर कोई अच्छा और सक्षम जीवनसाथी मिल जाए, चाहे वह यमनी हो या विदेशी, तो वह शादी करके देश से बाहर बसना चाहेंगी। मरियम का तर्क है कि पुरुषों की तरह महिलाओं को भी बेहतर जिंदगी जीने का पूरा हक है।

आर्थिक मजबूरी बड़ी वजह, जानकार दे रहे चेतावनी

समाजशास्त्री नईफ नूरुद्दीन इस चलन की जड़ की ओर इशारा करते हैं। उनका कहना है कि विदेशी पुरुषों से शादी करने वाली ज्यादातर लड़कियां या तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं या फिर बिखरे हुए घरों से। उनके मुताबिक ऐसे कई विदेशी पुरुष महज कुछ वक्त के लिए शादी करते हैं और चंद महीनों बाद तलाक देकर चलते बनते हैं। नूरुद्दीन ने आगाह किया कि इन मामलों में महिलाओं को भावनात्मक और सामाजिक, दोनों तरह का नुकसान झेलना पड़ता है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय शादियों को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि कोई महिला सिर्फ आर्थिक मजबूरी में ऐसा बड़ा फैसला न ले।

सवाल-जवाब

यमन में युवतियां विदेशी पुरुषों से शादी क्यों कर रही हैं?
करीब एक दशक से जारी युद्ध, आर्थिक तबाही और गरीबी के चलते कई युवतियां अमीर और विदेशी पुरुषों से शादी को देश छोड़कर बेहतर जिंदगी पाने का जरिया मान रही हैं।
मोना की कहानी क्या है?
29 साल की मोना की पहली शादी एक यमनी युवक से हुई थी, लेकिन पांच साल गरीबी झेलने के बाद उन्होंने तलाक ले लिया और बाद में एक अमीर अमीराती नागरिक से मिस्र में शादी की, जिससे उन्हें 10 हजार डॉलर का मेहर मिला।
नोहा के साथ क्या हुआ?
22 साल की नोहा ने अमेरिकी पासपोर्ट वाले एक विदेशी से मिस्र में शादी की, लेकिन कुछ ही दिनों में पति ने उन्हें सामान की तरह समझा और आखिरकार उनके पिता उन्हें वापस यमन ले आए।
मरियम का इस बारे में क्या कहना है?
20 साल की मरियम मानती हैं कि यमन में उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है और अच्छा जीवनसाथी, चाहे यमनी हो या विदेशी, मिलने पर वह शादी कर देश से बाहर बसना चाहेंगी।
जानकार इन शादियों को लेकर क्या चेतावनी देते हैं?
समाजशास्त्री नईफ नूरुद्दीन के मुताबिक ज्यादातर ऐसी लड़कियां कमजोर या बिखरे परिवारों से आती हैं, और कई विदेशी पुरुष कुछ महीनों बाद तलाक देकर चले जाते हैं, जिससे महिलाओं को भावनात्मक और सामाजिक नुकसान होता है।
मोना को मेहर में कितनी रकम मिली?
मोना को इस शादी में 10 हजार डॉलर का मेहर मिला।
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