अमेरिका और जापान के बीच कूटनीतिक स्तर पर एक नया मतभेद उभरकर सामने आया है, जो किसी सैन्य समझौते या व्यापारिक शुल्क से जुड़ा नहीं है बल्कि मशहूर जापानी एनीमे और गेमिंग किरदारों के इर्द-गिर्द घूमता है। जापानी प्रशासन ने अमेरिकी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे अपने राजनीतिक प्रचार और सोशल मीडिया मीम्स में पोकेमॉन, मारियो और नैरूतो जैसे प्रतिष्ठित कैरेक्टर्स का उपयोग करने से पहले सावधानी बरतें और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करें।
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब अमेरिकी सरकारी संस्थाओं और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के करीब माने जाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जापान के इन लोकप्रिय सांस्कृतिक प्रतीकों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाने लगा। इन पोस्ट्स के जरिए राजनीतिक एजेंडे और संदेशों को बढ़ावा दिया जा रहा था। जापान का मानना है कि सरकारी विभागों या राजनीतिक दलों को यह नहीं मान लेना चाहिए कि वे किसी भी कॉपीराइटेड क्रिएशन का उपयोग अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार बिना अनुमति के कर सकते हैं।
जापानी अधिकारियों ने राजनयिक माध्यमों का उपयोग करते हुए यह गंभीर मुद्दा अमेरिकी समकक्षों के समक्ष उठाया है। टोक्यो का मुख्य कंसर्न यह है कि दुनिया भर में अपनी एक खास पहचान रखने वाले ये सांस्कृतिक ब्रांड किसी भी विवादित राजनीतिक बयान या मैसेज से जुड़कर अपनी साख और लोकप्रियता खो सकते हैं। मारियो जैसे किरदार जापानी गेमिंग दिग्गज निनटेंडू (Nintendo) की नींव का पत्थर हैं, जिन्हें कंपनी ने दशकों की मेहनत से ग्लोबल लेवल पर स्थापित किया है।
इन एनीमे और गेमिंग आइकन्स की फैन फॉलोइंग सिर्फ जापान तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका समेत पूरी दुनिया में इनके करोड़ों प्रशंसक हैं जो इन्हें केवल मनोरंजन का माध्यम मानते हैं। जब ऐसे प्रिय किरदारों को किसी दल विशेष के राजनीतिक विमर्श में घसीटा जाता है, तो इसके दूरगामी और नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। जापान हमेशा से अपनी क्रिएटिव इंडस्ट्री, मानगा और एनीमे के कॉपीराइट कानूनों के संरक्षण को लेकर बेहद आक्रामक और गंभीर रुख अपनाता रहा है।
कानूनी पहलुओं की बात करें तो अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक अदालती फैसला सामने नहीं आया है जो यह साबित करे कि अमेरिकी प्रशासन ने कॉपीराइट के किसी नियम का प्रत्यक्ष उल्लंघन किया है। बौद्धिक संपदा कानून रचनात्मक कार्यों को सुरक्षा जरूर प्रदान करते हैं, लेकिन राजनीतिक मीम्स जैसे मामलों में फेयर यूज़ का दायरा जटिल हो सकता है। फिलहाल यह विवाद अदालती मुकदमे का रूप लेने के बजाय जापान की तरफ से जताई गई गहरी कूटनीतिक चिंता तक ही सीमित है।
अमेरिकी राजनीति में मीम्स का चलन हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है, जहां इंटरनेट कल्चर का इस्तेमाल मतदाताओं को लुभाने के लिए बेझिझक किया जाता है। लेकिन इस डिजिटल संस्कृति के चक्कर में अब अंतरराष्ट्रीय कॉपीराइट और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का सवाल भी खड़ा हो गया है। जापान यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके सांस्कृतिक राजदूत कहे जाने वाले ये कैरेक्टर किसी राजनीतिक वाद-विवाद का मोहरा न बनें और उनके व्यावसायिक व सांस्कृतिक मूल्य सुरक्षित रहें।



















