कनाडा के टोरंटो शहर में भारतीय मूल की तीस वर्षीय हिमांशी खुराना की हत्या के मामले में पुलिस को सात महीने बाद बड़ी सफलता हाथ लगी है। अधिकारियों ने इस बहुचर्चित हत्याकांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका पिछले साल दिसंबर में एक आवास के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थी, जिसके बाद से ही कानून प्रवर्तन एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले की जांच में एक नया मोड़ आ गया है।
रिश्तों की कड़वाहट और घटना का घटनाक्रम
जांच अधिकारियों के मुताबिक हिमांशी खुराना और आरोपी अब्दुल गफूरी के बीच करीबी रिश्ते थे। हिमांशी स्ट्रैचन एवेन्यू और वेलिंगटन स्ट्रीट वेस्ट क्षेत्र से अचानक लापता हो गई थीं, जिसके बाद पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू की थी। गहन तलाश के बाद बीस दिसंबर को सुबह करीब छह बजकर तीस मिनट पर उनका शव बरामद किया गया था। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और आरोपी की पहचान सार्वजनिक करते हुए उसकी तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए थे ताकि आम जनता की मदद ली जा सके।
कड़ी मशक्कत के बाद शिकंजे में आया आरोपी
घटना के सात महीने बीत जाने के बाद सात अगस्त को पुलिस ने आखिरकार आरोपी को दबोचने में सफलता हासिल की। अब्दुल गफूरी के खिलाफ अदालत में फर्स्ट डिग्री मर्डर का गंभीर आरोप दर्ज किया गया है। टोरंटो पुलिस सर्विस के अधिकारियों ने इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फ्यूजिटिव स्क्वाड और होमिसाइड एंड मिसिंग पर्सन्स यूनिट के कर्मचारियों ने आरोपी को पकड़ने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोगियों की सहायता ली थी। सात अगस्त दो हजार छब्बीस को टोरंटो के रहने वाले बत्तीस वर्षीय अब्दुल गफूरी को खोज निकाला गया और हिरासत में ले लिया गया।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास की प्रतिक्रिया और संवेदनाएं
इस दुखद घटना के सामने आने के बाद टोरंटो में स्थित भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने गहरा शोक व्यक्त किया था। भारतीय अधिकारियों की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया था कि वे टोरंटो में एक युवा भारतीय नागरिक हिमांशी खुराना की असामयिक और दर्दनाक मौत से बेहद आहत हैं। दूतावास ने इस कठिन समय में मृतका के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि घटना के तुरंत बाद से ही वाणिज्य दूतावास इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहकर पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है।



















