फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में स्थित प्रमुख शहर बोर्डो के पास जंगल की भीषण आग पहुंच जाने के कारण स्थानीय प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। शहर के मेयर थॉमस कासेनावे ने स्पष्ट किया है कि यदि हालात और अधिक बिगड़ते हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के नए आदेश जारी होते हैं, तो बड़ी संख्या में नागरिकों को ठहराने के लिए पूरी तैयारियां की जा रही हैं। यह भयावह आग अब बोर्डो से केवल 15 किलोमीटर यानी नौ मील की दूरी पर ही सक्रिय है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
गिरोन्द और मैड्रिड के पास हालात बेकाबू
गिरोन्द क्षेत्र में आग बुझाने में जुटे दमकल कर्मियों के सामने बेहद विकट परिस्थितियां पैदा हो गई हैं। देश के आंतरिक मंत्री लॉरेंट नुनेज ने इस आपदा को अभूतपूर्व करार देते हुए कहा है कि यह आग अपनी मर्जी से चल रही है और इस पर काबू पाना बेहद कठिन साबित हो रहा है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड के पश्चिमी इलाकों में भी हालात कम गंभीर नहीं हैं, जहां भयंकर आग अनियंत्रित रूप से फैल रही है। स्पेन में इन भड़की हुई आग की वजह से राष्ट्रीय आपातकाल का पांचवां दिन चल रहा है। स्पेन के इस संकट के चलते कासाविएजा गांव पूरी तरह से वाहनों के कब्रिस्तान में तब्दील हो चुका है।
भारी तबाही और विस्थापन का मंजर
बोर्डो के दक्षिण में स्थित सेस्टास शहर के मेयर जेरोम स्टेफे ने इस आपदा को सदी की सबसे बड़ी आग की संज्ञा दी है। उन्होंने बताया कि जब दो दिन पहले आग विकराल रूप से आगे बढ़ी, तब उनके शहर से रातों-रात 17,000 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा था। इस पूरे क्षेत्र में अब तक 42,000 हेक्टेयर यानी 1,03,000 एकड़ जमीन जलकर खाक हो चुकी है और कुल 240 घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। उन्होंने अपने शहर की स्थिति को पूरी तरह त्रासद बताते हुए कहा कि हालांकि अब आग की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है, लेकिन उनके दलों ने केवल एक छोटी सी लड़ाई जीती है और हवा की दिशा बदलने या उड़ती हुई चिनगारियों से खतरा अभी टला नहीं है। सुरक्षा दीवारें बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है, लेकिन हर कोई इस भयानक स्थिति के सामने डरा हुआ महसूस कर रहा है।
मानवीय लापरवाही और सरकारी कदम
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकॉर्नु ने देश को चेतावनी देते हुए कहा है कि राष्ट्र वर्तमान में इतिहास के सबसे भीषण अग्नि सत्र से गुजर रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी से अब तक 1,16,085 हेक्टेयर यानी 2,86,852 एकड़ क्षेत्र जल चुका है और 13,566 बार आग लगने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि कुल आग की घटनाओं में से दस में से नौ मामले इंसानी लापरवाही का नतीजा होते हैं, जिनमें सिगरेट का टुकड़ा, बारबेक्यू या बिना सावधानी के किया गया काम शामिल है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी घटनाएं हादसे नहीं होतीं, बल्कि कुछ मामलों में आग जानबूझकर लगाई जाती है और 6 जुलाई के बाद से इस सिलसिले में 162 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। स्थिति का जायजा लेने और दमकल कर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ खुद गिरोन्द के प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं।
यूरोपभर में बढ़ता जलवायु संकट
फ्रांस के वार, लांडेस और कोर्सिका द्वीप के हाउते-कोर्से समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी जंगल की आग तबाही मचा रही है। इस बीच पड़ोसी देश स्पेन में भी हालात गंभीर बने हुए हैं और मैड्रिड के पश्चिम में फैल रही आग ने 27,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम और उपग्रह डेटा का विश्लेषण करने वाली संस्थाओं के अनुसार अलमारोक्स, विला डेल प्राडो और सैन मार्टिन डी वाल्डेिगलेसियास क्षेत्रों की कई छोटी आग मिलकर एक विशाल लपट में तब्दील हो गई हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया में तापमान को लगातार बढ़ा रहा है, और यूरोपीय महाद्वीप दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में दोगुनी तेजी से गर्म हो रहा है। कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक यही वजह है कि गर्मियों में बार-बार भीषण हीटवेव आ रही हैं, पानी की आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है और जंगल की आग अधिक तीव्र रूप ले रही है।



















