घर पर आसानी से बनाएं स्वादिष्ट राजस्थानी चूरमा लड्डू, जानिए पूरी रेसिपीदशैं टीका मुहूर्त 2026: काठमांडू में सुबह 10:26 तो दिल्ली में 9:11 बजे का समय निर्धारित, जानें भारत और नेपाल में तारीखों का अंतरटीम वर्क और सामूहिक ताकत की मिसाल: श्रीमद्भगवद्गीता के 9वें श्लोक से सीखें जीवन में सही लोगों के साथ आगे बढ़ने का मर्मभागलपुर में सावन के लिए सजीं 50 से अधिक हरी साड़ियां, 500 रुपये से लेकर 12 हजार तक की वैरायटी उपलब्धयूरोप जाने वाले कई अमेरिकी अब क्यों लौट रहे हैं अपने देशचौड़ा रास्ता के इस प्राचीन देवालय में बिना सूंड वाले बाल गणपति संग विराजते हैं लड्डू गोपालऑस्ट्रेलियाई सांसद हेलेन हेन्स पर जानलेवा कार हमला, जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने काटा एक पैरमूलांक 8 दैनिक अंकज्योतिष 21 अक्टूबर: शनि का प्रभाव सिखाएगा कार्य संतुलन और बातचीत की अहमियतकच्चे तेल में उछाल और अमेरिकी ब्याज दर वृद्धि की आशंका से सोने में गिरावट जारी, 4,100 डॉलर का स्तर अहमलखनऊ के व्यवसायी शिवा शर्मा हत्याकांड में मॉडल श्रद्धा दुबे के दो नए ऑडियो लीक, तीखी धमकियां आईं सामने
रांची की अनिशा ने बनाई सिर्फ 70-80 ग्राम वजन की साड़ी, आधुनिक लड़कियों में भारी क्रेजजीवनशैली
21 अक्तू॰ 2026, 12:41 pm (10 मिनट पहले)· 0

रांची की अनिशा ने बनाई सिर्फ 70-80 ग्राम वजन की साड़ी, आधुनिक लड़कियों में भारी क्रेज

रांची की रहने वाली अनिशा ने बेहद हल्की और शिफॉन की डिजाइनर साड़ियां तैयार की हैं, जिनका वजन महज 70 से 80 ग्राम है। युवा पीढ़ी में साड़ी को लेकर झिझक दूर करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस काम को ग्राहकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है।

झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली अनिशा इन दिनों अपने अनोखे साड़ी डिजाइनिंग के काम के लिए काफी चर्चा में हैं। उन्होंने महसूस किया कि आज की युवा पीढ़ी और आधुनिक लड़कियों में भारी-भरकम साड़ियों को संभालने को लेकर एक अलग ही डर या हिचकिचाहट रहती है। इसी समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालते हुए उन्होंने बेहद हल्के वजन की साड़ियों का निर्माण शुरू किया है, जो पहनने में बेहद आरामदायक और आधुनिक फैशन के अनुकूल हैं। उनके इस इन्नोवेटिव प्रयास ने पारंपरिक परिधान को नया रूप दे दिया है, जिससे युवतियां भी अब बड़े चाव से साड़ी पहनने लगी हैं।

केवल 70 से 80 ग्राम वजन की खास शिफॉन साड़ियां

अनिशा द्वारा तैयार की जाने वाली इन खास साड़ियों का वजन मुश्किल से 70 से 80 ग्राम होता है। इन साड़ियों में यशराज फिल्मों के गानों की तर्ज पर खूबसूरत फ्लोरल डिजाइन उकेरे जाते हैं। यह सारा काम पूरी तरह से शुद्ध शिफॉन फैब्रिक पर किया जाता है। अनिशा मुख्य रूप से तीन प्रकार के प्रीमियम फैब्रिक पर काम करती हैं, जिनमें तसर सिल्क, शिफॉन और जॉर्जेट शामिल हैं। उनके यहां इस्तेमाल होने वाला कपड़ा पूरी तरह शुद्ध और मिलावट रहित होता है, जिसके कारण इन साड़ियों की कीमत 3,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक के दायरे में तय की गई है। शिफॉन साड़ियों का यह कलेक्शन इतना हल्का होता है कि पहनने वाले को इसका वजन महसूस तक नहीं होता। इसके अलावा, इन साड़ियों पर की जाने वाली लेस और फ्लोरल पेंटिंग पूरी तरह से हाथ की कारीगरी यानी हैंड वर्क से तैयार की जाती है।

ये भी पढ़ें

पारिवारिक पृष्ठभूमि और शांति निकेतन से खास ट्रेनिंग

इस अनूठे सफर की प्रेरणा के पीछे अनिशा का पारिवारिक माहौल और उनकी व्यक्तिगत जरूरतें रही हैं। उनके पति भारतीय सेना में कार्यरत हैं, जिसके कारण आर्मी बैकग्राउंड की वजह से उन्हें विभिन्न आयोजनों और समारोहों के लिए अक्सर साड़ियां पहनने की आवश्यकता पड़ती थी। ऐसे अवसरों पर वह खुद गहराई से सोचती थीं कि साड़ियों का डिजाइन कैसा होना चाहिए और उनका वजन कितना कम होना चाहिए ताकि वे बिल्कुल भी भारी न लगें। इसके अलावा, उन्होंने अपनी मां को भी हमेशा बेहतरीन और एक से बढ़कर एक साड़ियों में तैयार होते देखा था, जिससे उन्हें इस क्षेत्र में कुछ नया करने की प्रेरणा मिली। अपने इस शौक और सपने को पेशेवर रूप देने के लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित शांति निकेतन से इसकी विधिवत ट्रेनिंग भी हासिल की है.

युवतियों की साड़ी से जुड़ी झिझक और आसान समाधान

अनिशा का मुख्य उद्देश्य उन आधुनिक लड़कियों की हिचकिचाहट को दूर करना था जो केवल साड़ी का नाम सुनते ही डर जाती थीं और सोचती थीं कि इतनी भारी-भरकम ड्रेस को कौन संभालेगा। इस टेंशन को खत्म करने के लिए उन्होंने अपनी साड़ियों को इतना लाइटवेट बना दिया कि पहनने वाले को जरा भी अहसास नहीं होता कि उसने कुछ भारी पहना है। उन्होंने शुद्ध शिफॉन पर अपना पूरा फोकस रखा है और इसके साथ ही ग्राहकों की सहूलियत के लिए एक और खास सुविधा जोड़ी है। उन्होंने बताया कि अक्सर लड़कियों की सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि साड़ी तो खरीद ली, लेकिन अब उसके साथ मैचिंग डिजाइनर ब्लाउज कहां से और कैसे सिलवाया जाए। इस परेशानी को पूरी तरह हल करने के लिए वह हर साड़ी के साथ पहले से ही कस्टमाइज्ड किया हुआ डिजाइनर ब्लाउज रेडी रखती हैं ताकि ग्राहकों को बुटीक के चक्कर न काटने पड़ें।

शानदार प्रदर्शन और एग्जीबिशन में मिल रही जबरदस्त सफलता

अनिशा के इस इन्नोवेटिव बिजनेस वेंचर को ग्राहकों की तरफ से बेहद शानदार और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। वह अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए रांची के अलावा जमशेदपुर, झारखंड के अन्य प्रमुख शहरों और बिहार के गोविंदपुर जैसी जगहों पर जाकर विशेष प्रदर्शनियों में अपने स्टॉल लगाती हैं। इन सभी जगहों पर उन्हें गजब का रिस्पांस मिल रहा है और लोग उनकी साड़ियों की गुणवत्ता तथा खूबियों की जमकर तारीफ करते हैं। अनिशा का साफ कहना है कि वह यह काम केवल पैसे कमाने के लिए नहीं कर रही हैं, बल्कि यह उनका अपना पैशन है और वह अपने इसी गहरे शौक को पूरा करने के लिए पूरी शिद्दत से यह काम कर रही हैं।

सवाल-जवाब

इन साड़ियों का वजन कितना होता है?
इन विशेष शिफॉन साड़ियों का वजन मुश्किल से 70 से 80 ग्राम होता है।
अनिशा मुख्य रूप से किन फैब्रिक्स पर काम करती हैं?
वह मुख्य रूप से तसर सिल्क, शिफॉन और जॉर्जेट इन तीन प्रीमियम फैब्रिक्स पर काम करती हैं।
इन साड़ियों की कीमत कितनी है?
इन शुद्ध साड़ियों की कीमत 3,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये के दायरे में है।
अनिशा ने साड़ी डिजाइनिंग की ट्रेनिंग कहां से ली है?
उन्होंने कोलकाता के शांति निकेतन से इसकी विधिवत ट्रेनिंग ली है।
साड़ियों के साथ ग्राहकों को और क्या सुविधा मिलती है?
हर साड़ी के साथ ग्राहकों को कस्टमाइज्ड किया हुआ रेडी डिजाइनर ब्लाउज मिलता है।
अनिशा अपनी साड़ियों की प्रदर्शनी कहां-कहां लगाती हैं?
वह रांची के अलावा जमशेदपुर, झारखंड के अन्य शहरों और बिहार के गोविंदपुर में प्रदर्शनियों के जरिए स्टॉल लगाती हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp