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कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद मलबे से 36 घंटे बाद जीवित निकाली गई महिलादुनिया
12 अग॰ 2026, 11:04 pm (2 दिन पहले)· 0

कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद मलबे से 36 घंटे बाद जीवित निकाली गई महिला

कोलंबिया के परेरा शहर में एक 32 वर्षीय महिला को 10 घंटे चले जटिल सुरंग बचावरत अभियान के बाद 4 भारी कंक्रीट सिल्लियों के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

पश्चिमी कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के 36 घंटे बाद बचाव दल ने एक 32 वर्षीय महिला को धराशायी हुई इमारत के मलबे से सुरक्षित बाहर निकालकर एक नया जीवनदान दिया है। परेरा शहर में चलाए गए 10 घंटे लंबे जोखिम भरे बचाव कार्य के दौरान आपातकालीन टीमों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए इस महिला को जीवित निकाला। लगातार मंडराते खतरों और मलबे के खिसकने के अंदेशे के बीच बचाव कर्मियों द्वारा की गई यह त्वरित कार्रवाई आपदाग्रस्त क्षेत्र में उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई है। पूरे देश में जारी भारी तबाही के बीच इस बचाव ने लोगों का हौसला बढ़ाया है।

10 घंटे तक चली जटिल सुरंग खुदाई और बचाव रणनीति

पीड़ित महिला डैनिएला लार्गो परेरा स्थित एक बहुमंजिला इमारत के मलबे में चार भारी कंक्रीट सिल्लियों के नीचे दब गई थीं। उनकी उपस्थिति का पहला सुराग तब मिला जब पास के ही एक स्थानीय निवासी ने मलबे के नीचे से मदद के लिए आ रही उनकी चीखें सुनीं। इसके बाद मौके पर पहुंचे आपातकालीन कर्मियों ने एक सूक्ष्म कैमरे की मदद से मलबे के भीतर लार्गो की सही स्थिति का पता लगाया। हालांकि, भारी कंक्रीट की चार सिल्लियां उनके ऊपर होने के कारण उन्हें सीधे बाहर निकालना असंभव था और किसी भी जल्दबाजी से इमारत का बचा हुआ ढांचा ढहने का खतरा बना हुआ था।

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इस बेहद नाजुक परिस्थिति से निपटने के लिए परेरा के स्थानीय अग्निशमन विभाग के साथ देश की राजधानी बोगोटा से भेजी गई विशेष टीमों और राष्ट्रीय पुलिस बल की आपदा प्रतिक्रिया टुकड़ी ने मिलकर एक रणनीतिक योजना बनाई। बचावकर्मियों ने कंक्रीट के नीचे तक पहुंचने के लिए दो अलग-अलग सुरंगे खोदने का फैसला किया। ऊपर से खोदी गई पहली सुरंग के जरिए डैनिएला लार्गो तक ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की गई ताकि उनका दम न घुट सके। इसके साथ ही, नीचे की ओर से खोदी गई दूसरी सुरंग के माध्यम से विशेषज्ञ दल उनके करीब पहुंचे और 10 घंटे की अथक मशक्कत के बाद उन्हें नीली चादर में लपेटकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया।

परिजनों का इंतजार और शीर्ष स्तर से सराहा गया प्रयास

डैनिएला लार्गो की सुरक्षित वापसी की खबर मिलते ही उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी मां ने बताया कि घर पर उनका 12 वर्षीय बेटा अपनी मां के सकुशल लौटने का उत्सुकता से इंतजार कर रहा था। इतने लंबे समय तक मलबे के नीचे दबे रहने के बावजूद लार्गो का जीवित बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरे देश में सराहना हो रही है।

कोलंबिया के राष्ट्रपति अलेबार्डो डी ला एस्प्रिएला ने सोशल मीडिया पर इस सफल बचाव अभियान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए खुशी जताई। उन्होंने इस घटना को पूरे देश के लिए उम्मीद जगाने वाली खबर करार दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के सफल प्रयास आपदा के इस कठिन समय में राहत कर्मियों और प्रभावित परिवारों के मनोबल को मजबूत करते हैं।

कॉफी उत्पादक क्षेत्र परेरा में भारी तबाही का मंजर

कोलंबिया के प्रसिद्ध कॉफी उत्पादक क्षेत्र में स्थित परेरा शहर इस भूकंप की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एसोसिएशन ऑफ कोलंबियन कैपिटल सिटीज (असोकैपिटल्स) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, परेरा में कम से कम 79 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस मामले में परेरा देश का दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित शहर बन गया है, जहां इमारतों के ताश के पत्तों की तरह ढहने से भारी जनहानि हुई है।

असोकैपिटल्स की रिपोर्ट के मुताबिक, परेरा में कम से कम 92 इमारतें पूरी तरह से जमींदोज हो चुकी हैं। वर्तमान में कम से कम 15 लोग अभी भी विभिन्न इमारतों के मलबे में फंसे हुए बताए जा रहे हैं, जबकि 37 अन्य लोग लापता दर्ज किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने के लिए दिन-रात अभियान चला रही हैं।

काली शहर में नाइट कर्फ्यू और सेना का पहरा

भूकंप से सबसे ज्यादा तबाही कोलंबिया के तीसरे सबसे अधिक आबादी वाले शहर काली में देखने को मिली है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार काली में मरने वालों की संख्या 95 तक पहुंच गई है। मंगलवार को स्थानीय समय अनुसार शाम 16:00 बजे तक शहर में 200 से अधिक लोग ढही हुई संरचनाओं के नीचे फंसे हुए थे। बिगड़ते हालात को देखते हुए शहर के महापौर ने रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू करने का आदेश जारी किया है।

सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और बचाव कार्यों को बिना किसी बाधा के संचालित करने के लिए काली के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में सैन्य बलों को गश्त पर तैनात किया गया है। महापौर ने स्पष्ट किया कि मुख्य प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बचाव कार्य पूरी सुरक्षा के साथ जारी रह सके। उन्होंने कहा कि अभी भी मलबे से लोगों को जीवित निकाले जाने की पूरी उम्मीद है और फंसे हुए प्रत्येक नागरिक को बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। काली में अब तक 87 लोगों को सुरक्षित बचाकर निकाला जा चुका है।

भूकंप के झटके, मुख्य केंद्र और लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स

यह विनाशकारी 7.4 तीव्रता का भूकंप सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 07:34 बजे (12:34 GMT) आया था। इसका मुख्य केंद्र चोको प्रांत के सैन होसे डेल पाल्मार गांव के समीप स्थित था, लेकिन इसके झटके कोलंबिया के एक बहुत बड़े भूभाग में तीव्रता से महसूस किए गए। मुख्य केंद्र के निकट स्थित सीस्मोमीटरों में भूकंपीय कंपन की अवधि 90 सेकंड से लेकर दो मिनट तक दर्ज की गई, जिसने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया।

सोमवार को आए मुख्य भूकंप के बाद से अब तक क्षेत्र में 100 से अधिक आफ्टरशॉक्स (पश्चघात) महसूस किए जा चुके हैं, जिससे राहत कर्मियों और आम नागरिकों में दहशत का माहौल है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पूरे पश्चिमी कोलंबिया में इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक कुल 188 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारी और आपदा प्रबंधन टीमें मलबे में दबे संभावित जीवित लोगों की तलाश के लिए समय के खिलाफ दौड़ लगा रही हैं।

सवाल-जवाब

डैनिएला लार्गो को मलबे से कितने समय बाद निकाला गया?
डैनिएला लार्गो को 7.4 तीव्रता के भूकंप के 36 घंटे बाद 10 घंटे लंबे जटिल बचाव अभियान के जरिए मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बचाव दल ने महिला तक पहुंचने के लिए क्या तकनीक अपनाई?
बचाव कर्मियों ने चार भारी कंक्रीट सिल्लियों के नीचे फंसी महिला तक पहुंचने के लिए दो सुरंगे खोदीं। ऊपर की सुरंग से ऑक्सीजन दी गई और नीचे की सुरंग से उन्हें बाहर निकाला गया।
भूकंप का केंद्र कहां था और इसके झटके कितनी देर तक महसूस किए गए?
भूकंप का केंद्र चोको प्रांत के सैन होसे डेल पाल्मार गांव के पास था और इसके झटके 90 सेकंड से दो मिनट तक महसूस किए गए।
भूकंप के कारण परेरा और काली शहरों में कितना नुकसान हुआ है?
परेरा में 79 लोगों की मौत और 92 इमारतें ढहने की पुष्टि हुई है, जबकि काली शहर में 95 लोगों की जान गई है और 200 से अधिक लोग फंसे हुए हैं।
काली शहर में महापौर ने क्या आपातकालीन कदम उठाए हैं?
काली के महापौर ने रात का कर्फ्यू घोषित किया है और प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों की सुरक्षा के लिए सेना की गश्त तैनात की है।
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