फ्लाईदुबई के एक यात्री विमान में उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार पर हिंसक हमला करने वाले सह-चालक की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हमामी के तौर पर सामने आई है। यह सनसनीखेज वारदात उस समय हुई जब विमान दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुआ था। घटना के सामने आने के बाद विमानन सुरक्षा और एयरलाइंस द्वारा कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की पड़ताल करने के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ओमान एयर का पूर्व कर्मी और कट्टरपंथी झुकाव
जांच में सामने आए विवरण के अनुसार हमाम अल-हमामी पूर्व में ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर में अपनी सेवाएं दे चुका है। ओमान में सेवा के दौरान ही उसके चरमपंथी और कट्टरपंथी विचारों का पता चलने पर अधिकारियों ने उस पर उड़ान भरने पर रोक लगा दी थी। बताया गया है कि सीरिया में रहने के दौरान अल-हमामी इन उग्र विचारों के संपर्क में आया था। गृह देश में पाबंदी लगने के बाद वह ओमान छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात आ गया, जहां वह फ्लाईदुबई में नौकरी हासिल करने में सफल रहा।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और एयरलाइन की गंभीर लापरवाही
अल-हमामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था और उसने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा यूएई में ही गुजारा है। उसके पिता ओमान के मूल निवासी हैं जबकि मां सीरियाई मूल की हैं। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि फ्लाईदुबई प्रबंधन ने उसे काम पर रखने से पहले उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि या पिछले प्रतिबंधों की विस्तृत जांच नहीं की। इसी चूक के चलते वह संवेदनशील वाणिज्यिक उड़ानों के कॉकपिट तक पहुंचने में कामयाब हो गया।
विमान को क्रैश कराने की थी खौफनाक साजिश
पूछताछ के दौरान सह-चालक ने जांचकर्ताओं के समक्ष स्वीकार किया कि उसका असल इरादा विमान को इजरायल की धरती पर क्रैश कराने का था। यदि चालक दल की सतर्कता से उसकी यह साजिश नाकाम न होती, तो यह हमला अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमलों जैसी भीषण तबाही का रूप ले सकता था, जहां अपहृत यात्री विमानों का इस्तेमाल आत्मघाती हमलों के लिए किया गया था। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।





















