पश्चिम एशिया में जारी भारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल के बीच उत्तर कोरिया ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल दागकर क्षेत्रीय सुरक्षा पर दबाव बढ़ा दिया है। दक्षिण कोरिया के सैन्य अधिकारियों के अनुसार, उत्तर कोरिया की तरफ से किए गए इस ताजा मिसाइल परीक्षण के तुरंत बाद सीमा पार निगरानी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र पर बढ़ता दबाव
इस ताजा मिसाइल प्रक्षेपण के बाद दक्षिण कोरिया से लेकर जापान तक रक्षा चौकसी तेज कर दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक शक्तियों का ध्यान जब पश्चिम एशिया के सैन्य हालात पर केंद्रित है, उस दौरान उत्तर कोरिया अपने हथियार कार्यक्रमों को लगातार आगे बढ़ा रहा है। निगरानी एजेंसियों ने समुद्र में गिरे मिसाइल के मलबे और उसके उड़ान पथ का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।
हथियार परीक्षणों का लगातार सिलसिला
उत्तर कोरिया की तरफ से सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले भी विभिन्न मौकों पर प्योंगयांग ने उच्च क्षमता वाले मिसाइल इंजन और कई बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण किए हैं, जिनमें क्लस्टर हथियारों से लैस प्रक्षेपण भी शामिल रहे हैं। किम जोंग उन के नेतृत्व में सेना लंबी दूरी तक मार करने वाले इंजनों के परीक्षणों के जरिए अपनी सामरिक क्षमता को लगातार दर्शाती रही है।
वैश्विक समीकरण और शक्ति प्रदर्शन
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी बड़े तनावों के बीच किए जा रहे ये परीक्षण संकेत देते हैं कि उत्तर कोरिया पश्चिमी देशों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों को अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की रणनीति पर कायम है। दक्षिण कोरिया की सेना अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र में गतिविधियों पर नजर रख रही है ताकि किसी भी संभावित उकसावे का तुरंत जवाब दिया जा सके।























