मिस्र की एक अदालत ने मादक पदार्थों के निर्माण और तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में मशहूर टीवी होस्ट सारा खलीफा को मौत की सजा सुना दी है. इसी मामले में अदालत ने सारा खलीफा के साथ 11 अन्य आरोपियों को भी फांसी की सजा दी है, यानी कुल 12 लोगों को सबसे कठोर सजा मिली है. शनिवार को आधिकारिक मीडिया ने अदालत के इस फैसले की पुष्टि की.
निर्माण से तस्करी तक फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह मामला किसी एक व्यक्ति या छोटी घटना तक सीमित नहीं है. आरोपियों पर मादक पदार्थों के निर्माण से लेकर उनकी तस्करी तक, यानी पूरी सप्लाई चेन चलाने के आरोप लगे हैं. इसी वजह से अदालत ने इसे बेहद गंभीर मामला मानते हुए सभी 12 आरोपियों को अधिकतम सजा सुनाई. कुल 12 लोगों को मौत की सजा दिए जाने से जांच एजेंसियों के इस दावे को बल मिलता है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम था, ना कि छिटपुट तस्करी की घटना.
मशहूर चेहरे की वजह से मामला सुर्खियों में
सारा खलीफा ने टीवी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी, इसलिए उनका नाम इस आपराधिक मामले से जुड़ते ही पूरे मिस्र में यह खबर चर्चा का विषय बन गई. आम तौर पर ड्रग्स से जुड़े मामले इतनी सुर्खियां नहीं बटोरते, लेकिन आरोपी का सार्वजनिक जीवन और मीडिया से जुड़ाव इस केस को बाकी मामलों से अलग बना रहा है. सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया, दोनों में इस फैसले पर लगातार चर्चा हो रही है.
फैसले के बाद अब आगे क्या
अदालत ने भले ही मौत की सजा सुना दी हो, लेकिन इस तरह के मामलों में आमतौर पर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी अहम भूमिका निभाती है. सजा के खिलाफ अपील और समीक्षा जैसी प्रक्रियाएं बाकी हैं, इसलिए मामले की अंतिम स्थिति इसी आगे की कानूनी कार्यवाही के बाद ही साफ हो पाएगी. फिलहाल सारा खलीफा और अन्य 11 आरोपियों को मिली मौत की सजा को लेकर मिस्र में बहस तेज हो गई है.


















