बीकानेर शहर के सदर थाना इलाके में स्थित बाल सम्प्रेषण गृह, जहां कानून के विवाद में आए नाबालिगों को रखा जाता है, से छह किशोर अपचारी छत के रास्ते छलांग लगाकर फरार हो गए। घटना का पता चलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और सदर थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर फरार किशोरों की तलाश शुरू कर दी।
छत से कूदकर निकले बाहर, सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बाल सम्प्रेषण गृह में रखे गए छह किशोर अपचारियों ने मौका देखकर छत तक पहुंच बनाई और वहां से बाहर की तरफ छलांग लगा दी। छलांग लगाते ही सभी परिसर की चारदीवारी पार कर फरार हो गए। इस पूरे घटनाक्रम ने बाल सम्प्रेषण गृह में तैनात कर्मचारियों की चौकसी और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल में जुटी है कि आखिर किशोर अपचारी छत तक पहुंचे कैसे और निगरानी में कहां कमी रह गई, जिसकी वजह से इतनी बड़ी चूक हो गई।
छह में से तीन अपचारी निकले बालिग, मामला हुआ और गंभीर
जांच के दौरान सामने आया कि फरार हुए छह किशोर अपचारियों में से तीन की उम्र दरअसल 18 साल से ज्यादा है। इस खुलासे के बाद पूरा मामला और गंभीर हो गया है, क्योंकि बालिग हो चुके अपचारियों के फरार होने से मामले की गंभीरता बढ़ जाती है। पुलिस अब सभी छह फरार अपचारियों की सही पहचान करने के साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि वे कहां छिप सकते हैं। इसके लिए पुलिस टीमें उनके घरों के साथ-साथ उन जगहों पर भी दबिश दे रही हैं, जहां इन अपचारियों के जाने या संपर्क करने की आशंका है।
दो सुरक्षा गार्ड भी लपेटे में, दर्ज हुआ केस
इस घटना में सिर्फ फरार अपचारियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि बाल सम्प्रेषण गृह में तैनात दो सुरक्षा गार्ड के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इन गार्ड की ड्यूटी में किसी तरह की लापरवाही बरती गई या चूक के पीछे कोई और वजह रही। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल सदर थाना पुलिस की कई टीमें आसपास के इलाकों में फरार अपचारियों की तलाश में जुटी हैं और उनके भागने के संभावित रास्तों तथा संपर्कों की जानकारी भी खंगाली जा रही है। घटना के बाद बाल सम्प्रेषण गृह की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। पुलिस का पूरा फोकस फिलहाल फरार छह अपचारियों को जल्द से जल्द पकड़ने और सुरक्षा में हुई खामियों का पता लगाने पर टिका है। मामले की जांच अब भी जारी है।



















