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अंबिकापुर के सैनिक स्कूल के 10वीं के छात्र ने बना डाला संस्कृत सिखाने वाला डिजिटल पोर्टलछत्तीसगढ़
6 सित॰ 2026, 12:22 pm (27 मिनट पहले)· 3

अंबिकापुर के सैनिक स्कूल के 10वीं के छात्र ने बना डाला संस्कृत सिखाने वाला डिजिटल पोर्टल

सरगुजा के सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले मोहित साहू ने तीन महीने की मेहनत से 'संस्कृतम लैब' नाम का पोर्टल बनाया है, जो केजी से पीएचडी तक के छात्रों को संस्कृत सिखाने में मदद करेगा.

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक स्कूली छात्र ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ ऐसा काम कर दिखाया है जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है. सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर स्थित सैनिक स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले मोहित साहू ने संस्कृत भाषा सिखाने के लिए एक डिजिटल पोर्टल तैयार किया है, जिसका नाम उन्होंने 'संस्कृतम लैब' रखा है.

तीन महीने की मेहनत से तैयार हुआ पोर्टल

मोहित ने लोकल 18 को बताया कि रोजाना की पढ़ाई को व्यवस्थित तरीके से मैनेज करते हुए उन्होंने इस पोर्टल पर काम किया. इसे पूरा करने में उन्हें तीन महीने से ज्यादा का वक्त लगा. इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें तकनीक की बारीकियां समझने के साथ-साथ संस्कृत भाषा को नए सिरे से सीखने और समझने का मौका भी मिला.

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केजी से लेकर पीएचडी तक के लिए उपयोगी

'संस्कृतम लैब' की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे अलग-अलग उम्र और शिक्षा स्तर के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. छोटे बच्चों के लिए इसमें चित्रों की मदद से शब्द सिखाने की व्यवस्था है, जिससे संस्कृत के शुरुआती शब्द उन्हें आसानी से याद रह सकें. वहीं दूसरी ओर, उच्च शिक्षा और शोध कार्य में जुटे विद्यार्थी भी इसी पोर्टल पर मौजूद संस्कृत से जुड़ी सामग्री का उपयोग कर सकेंगे. यानी एक ही मंच पर केजी स्तर से लेकर पीएचडी स्तर तक की जरूरतें पूरी हो सकेंगी.

बच्चों की घटती रुचि बनी वजह

मोहित का कहना है कि आजकल कई बच्चे संस्कृत पढ़ने से दूरी बना रहे हैं, और यही बात उन्हें खटकती थी. उनका मानना है कि अगर संस्कृत को आधुनिक तकनीक के जरिए आसान और रोचक तरीके से बच्चों के सामने रखा जाए, तो उनकी रुचि फिर से बढ़ाई जा सकती है. यही सोच 'संस्कृतम लैब' के पीछे की मूल प्रेरणा बनी.

शिक्षक सौरभ जैन के मार्गदर्शन का योगदान

मोहित साहू ने इस पूरी उपलब्धि का श्रेय अपने मार्गदर्शक शिक्षक सौरभ जैन को दिया है. उन्होंने बताया कि सौरभ जैन के मार्गदर्शन में ही उन्हें संस्कृत के लिए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने का अवसर मिला. मोहित के मुताबिक, इस पहल का सबसे बड़ा मकसद बच्चों में संस्कृत के प्रति रुचि जगाना और इसके लिए एक मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम खड़ा करना है, ताकि आने वाले समय में और भी ज्यादा विद्यार्थी इस भाषा से जुड़ सकें.

सवाल-जवाब

'संस्कृतम लैब' पोर्टल किसने बनाया है?
इसे सरगुजा के सैनिक स्कूल, अंबिकापुर के कक्षा 10वीं के छात्र मोहित साहू ने बनाया है.
इस पोर्टल को बनाने में कितना समय लगा?
मोहित को इस पोर्टल को तैयार करने में तीन महीने से अधिक का समय लगा.
यह पोर्टल किन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है?
यह पोर्टल केजी स्तर से लेकर पीएचडी स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है.
छोटे बच्चों के लिए पोर्टल में क्या खास सुविधा है?
छोटे बच्चों के लिए इसमें चित्रों के माध्यम से संस्कृत के शब्द सिखाने और समझने की सुविधा दी गई है.
मोहित को इस पहल के लिए किसका मार्गदर्शन मिला?
मोहित ने अपने शिक्षक सौरभ जैन के मार्गदर्शन में यह डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया.
मोहित ने यह पोर्टल बनाने का फैसला क्यों किया?
उनका मानना है कि आजकल कई बच्चे संस्कृत पढ़ने से दूर हो रहे हैं, इसलिए उन्होंने तकनीक के जरिए संस्कृत को आसान बनाने की कोशिश की.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 मिनट पहले

अंबिकापुर के सैनिक स्कूल के छात्र मोहित साहू द्वारा विकसित 'संस्कृतम लैब' पोर्टल डिजिटल शिक्षा की बड़ी क्षमता को उजागर करता है। जब युवा पीढ़ी तकनीक का उपयोग प्राचीन भाषाओं को संरक्षित करने के लिए करती है, तो यह सकारात्मक बदलाव का संकेत है। हालांकि, इस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ने के साथ साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और शैक्षणिक सामग्री की प्रामाणिकता जैसे तकनीकी व विधिक पहलुओं पर भी ध्यान देना अनिवार्य हो जाता है, ताकि छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहे।

Rohan Verma@rohan-verma·14 मिनट पहले

करण जी ने तकनीक और सुरक्षा के जो बिंदु उठाए हैं, वे बिल्कुल सही हैं। सैनिक स्कूल के इस छात्र की यह पहल दिखाती है कि यदि शिक्षण संस्थानों में सही मार्गदर्शन मिले, तो युवा देश की शास्त्रीय धरोहर को आधुनिक तकनीक से जोड़ सकते हैं। इस तरह के स्थानीय स्तर के नवाचार यदि आगे चलकर राष्ट्रीय शिक्षा ढांचे या नीतिगत पहलों से जुड़ जाएं, तो भाषा शिक्षण के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आ सकता है।

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