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एयर इंडिया कनिष्क धमाके पर कनाडा का बड़ा कबूलनामा, 40 साल बाद खालिस्तानी आतंकियों की भूमिका मानीदुनिया
25 जून 2026, 11:38 pm (33 दिन पहले)· 7

एयर इंडिया कनिष्क धमाके पर कनाडा का बड़ा कबूलनामा, 40 साल बाद खालिस्तानी आतंकियों की भूमिका मानी

कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 को कनाडा में मौजूद खालिस्तानी चरमपंथियों ने बम से उड़ाया था, जिसमें 329 लोग मारे गए थे।

चार दशक तक टालमटोल के बाद कनाडा ने आखिरकार वह सच मान लिया, जिस पर बरसों से सवाल खड़े होते रहे थे। कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) ने पहली बार सार्वजनिक और आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182, जिसे कनिष्क के नाम से जाना जाता है, को बम से उड़ाने के पीछे कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी आतंकियों का हाथ था। 23 जून 1985 को हुए इस भयानक हमले में 329 लोग मारे गए थे और विमान अटलांटिक महासागर के ऊपर धमाके के बाद टुकड़ों में बिखर गया था। इसे कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला माना जाता है।

एजेंसी ने अपने आधिकारिक बयान में साफ कहा कि कनाडा में मौजूद खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा रखे गए बम ने एयर इंडिया फ्लाइट 182 को नष्ट कर दिया था, जिससे विमान में सवार सभी 329 लोगों की जान चली गई। CSIS ने इसे घृणित और जघन्य आतंकवादी कृत्य करार दिया। सबसे अहम बात यह है कि बीते 40 वर्षों में यह पहला मौका है जब कनाडा की किसी बड़ी सुरक्षा एजेंसी ने खुले तौर पर खालिस्तानी आतंकियों की भूमिका को कबूल किया है।

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तनाव के बीच आया बयान

यह स्वीकारोक्ति ऐसे वक्त सामने आई है जब खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर भारत और कनाडा के रिश्तों में लंबे समय से खटास बनी हुई है। CSIS ने कहा कि कनिष्क त्रासदी सैकड़ों परिवारों के लिए कभी न भरने वाला घाव तो है ही, साथ ही यह कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के इतिहास का एक निर्णायक और बेहद दर्दनाक अध्याय भी है।

कनाडा के प्रधानमंत्री ने 23 जून को इस धमाके को देश के इतिहास का सबसे घातक हमला बताया और कहा कि कनाडा हर तरह के हिंसक चरमपंथ के खिलाफ खड़ा है। उन्होंने अपने बयान में कहा, आज से 41 साल पहले एयर इंडिया की फ्लाइट 182 में हुए बम धमाके में 329 बेगुनाह लोगों की जान गई थी, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक भी शामिल थे। यह कनाडा के इतिहास का अब तक का सबसे घातक आतंकवादी हमला है।

कैसे हुआ था हमला

23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182 मॉन्ट्रियल से लंदन होते हुए नई दिल्ली जा रही थी। चेक-इन किए गए सामान में छिपाया गया एक बम हवा में ही आयरलैंड के तट के पास फट गया। यह धमाका विमान के हीथ्रो एयरपोर्ट पर उतरने से करीब 45 मिनट पहले हुआ था। विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे। इस हमले के लिए सिख चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहराया गया था। माना जाता है कि यह हमला 1984 में स्वर्ण मंदिर से चरमपंथियों को बाहर निकालने के लिए चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार के बदले में किया गया था।

धमाके में इस्तेमाल हुआ विस्फोटक से भरा सूटकेस एक ऐसे यात्री ने चेक-इन कराया था, जो कभी विमान में सवार ही नहीं हुआ। मारे गए लोगों में 268 कनाडाई नागरिक थे, जिनमें से अधिकतर भारतीय मूल के थे, जबकि 24 भारतीय नागरिक थे। तलाशी दलों को अटलांटिक महासागर से केवल 131 शव ही बरामद हो सके।

भारत-कनाडा रिश्तों की पृष्ठभूमि

कनाडा के जांचकर्ताओं ने अपनी पड़ताल में यही नतीजा निकाला था कि यह धमाका ऑपरेशन ब्लू स्टार के बदले में सिख अलगाववादियों ने अंजाम दिया था। पिछले साल मार्च में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से कनाडा और भारत ने अपने रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। दोनों देशों के संबंध उस वक्त बुरी तरह बिगड़ गए थे, जब 2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का संभावित हाथ होने का आरोप लगाया था।

सवाल-जवाब

कनाडा की किस एजेंसी ने खालिस्तानी आतंकियों की भूमिका स्वीकार की?
कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया।
एयर इंडिया फ्लाइट 182 धमाके में कितने लोग मारे गए थे?
इस हमले में विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक और 24 भारतीय नागरिक शामिल थे।
यह धमाका कब और कहां हुआ था?
23 जून 1985 को विमान आयरलैंड के तट के पास हवा में फट गया था, जो हीथ्रो एयरपोर्ट पर उतरने से करीब 45 मिनट पहले हुआ।
बम विमान में कैसे पहुंचा था?
विस्फोटक से भरा सूटकेस एक ऐसे यात्री ने चेक-इन कराया था जो कभी विमान में सवार ही नहीं हुआ।
यह हमला किस वजह से किया गया माना जाता है?
माना जाता है कि यह हमला 1984 में स्वर्ण मंदिर से चरमपंथियों को बाहर निकालने के लिए चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार के बदले में किया गया था।
अटलांटिक महासागर से कितने शव बरामद हुए थे?
तलाशी दलों को अटलांटिक महासागर से केवल 131 शव ही मिल सके थे।
2023 में भारत-कनाडा रिश्ते क्यों बिगड़े थे?
तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का संभावित हाथ होने का आरोप लगाया था।
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