नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना वर्चुअली शामिल हुईं। इस बैठक में उनके बेटे साजिब वाजेद भी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शेख हसीना ने अपना संदेश तो साझा किया, लेकिन कैमरे पर अपना चेहरा प्रदर्शित नहीं किया। सत्ता गंवाने के दो वर्षों के लंबे अंतराल के बाद यह पहला अवसर है जब शेख हसीना किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वर्चुअली उपस्थित हुई हैं।
ढाका छोड़ने के दो साल बाद पहली उपस्थिति
5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में छात्रों के उग्र और व्यापक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उस घटनाक्रम के बाद वे ढाका छोड़कर भारत आ गई थीं। इस विशेष लाइव संबोधन के दौरान उन्होंने जुलाई और अगस्त 2024 की दुखद घटनाओं का स्मरण करते हुए अपनी बात बेहद भावुक अंदाज में रखी। भाषण के दौरान कई अवसरों पर उनका गला भर आया और वे अपने आंसुओं को रोकती हुई नजर आईं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में छात्र आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और उनकी सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ बैठकर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रही थी।
आंदोलन में हिंसक मोड़ और मोहम्मद यूनुस का जिक्र
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि 15 जुलाई 2024 के बाद इस आंदोलन का मूल स्वरूप पूरी तरह बदल गया और इसमें व्यापक हिंसा भड़क उठी। उनके अनुसार, कुछ संगठित और योजनाबद्ध समूहों ने निर्दोष छात्रों के आंदोलन का गलत इस्तेमाल किया और देश भर में अराजकता फैलाई। अपनी बात को बल देते हुए उन्होंने मोहम्मद यूनुस के पूर्व बयानों का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस ने भी स्वीकार किया था कि यह आंदोलन स्वतःस्फूर्त नहीं था, बल्कि इसे एक सुनियोजित योजना के तहत तैयार और संचालित किया गया था।
19 बार जानलेवा हमलों का दावा और वतन वापसी की हुंकार
अपने निजी जीवन की कठिन परिस्थितियों को याद करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके बेटे का जन्म जेल के भीतर हुआ था और उन्होंने स्वयं अपने जीवन में 19 बार जानलेवा हमलों का सामना किया है। इन तमाम खतरों के बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बांग्लादेश वापस लौटेंगी। उन्होंने निडरता से कहा कि वापस लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, डिटेन किया जा सकता है या फिर जेल में डाला जा सकता है, लेकिन वे हर हाल में अपने देश के लोगों के बीच वापस जाएंगी।
साजिब वाजेद के गंभीर आरोप और राजनीतिक हिंसा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद उनके बेटे साजिब वाजेद ने बांग्लादेश के वर्तमान हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए गंभीर आरोप लगाए। वाजेद ने दावा किया कि बांग्लादेश में आज भी उनकी पार्टी आवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं की चुन-चुनकर हत्याएं की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में भी पार्टी कार्यकर्ताओं की जान ली जा रही है। वर्तमान शासन तंत्र इन गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई करने के बजाय हत्यारों और अपराधियों को खुला संरक्षण प्रदान कर रहा है।
मानवाधिकार संकट और कट्टरपंथ का उभरता खतरा
साजिब वाजेद ने कहा कि पहले बनी अंतरिम सरकार और अब की मौजूदा सरकार के दौरान भी राजनीतिक हत्याओं का यह दौर रुका नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में ऐसे नए कानून और अध्यादेश लागू किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य हत्यारों को कानूनी सजा से बचाना है। वाजेद के अनुसार, बांग्लादेश में मानवाधिकारों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो चुकी है और देश तेजी से एक असफल राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने चेतावनी दी कि जेलों से कई कट्टरपंथी संगठनों के अपराधियों को रिहा कर दिया गया है, जिससे भविष्य में बांग्लादेश और पूरे क्षेत्र के लिए आतंकवाद का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
सुरक्षा के बीच नई दिल्ली में निवास
उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और हिंसक तख्तापलट के बाद शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा देकर भारत में शरण ली थी। सुरक्षा संबंधी अतिसंवेदनशील कारणों से भारत सरकार ने उनके सटीक ठिकाने के बारे में कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया है। हालांकि, वे वर्तमान में नई दिल्ली के एक अत्यधिक सुरक्षित और सुरक्षित क्षेत्र में निवास कर रही हैं।



















