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पुलों की सुरक्षा जांच से कमाई का नया जरिया, मोबाइल इंस्पेक्शन यूनिट से बन सकता है मजबूत बिजनेस मॉडलराजस्थान
3 अक्तू॰ 2026, 6:01 am (19 मिनट पहले)· 0

पुलों की सुरक्षा जांच से कमाई का नया जरिया, मोबाइल इंस्पेक्शन यूनिट से बन सकता है मजबूत बिजनेस मॉडल

हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार के साथ पुलों की नियमित जांच की मांग बढ़ रही है, जहां मोबाइल ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट को किराए पर देकर सालाना करोड़ों की कमाई की जा सकती है।

देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के तेजी से बिछते जाल ने बुनियादी ढांचे के रखरखाव की प्राथमिकताओं को पूरी तरह बदल दिया है। सड़क नेटवर्क जितना विशाल होता जा रहा है, उसके ऊपर तैयार विशालकाय पुलों और फ्लाइओवर की सुरक्षा जांच और समय पर मरम्मत की आवश्यकता भी उतनी ही गंभीर होती जा रही है। आमतौर पर पुलों के निचले हिस्सों, भारी बीम और संवेदनशील जोड़ों तक सामान्य तरीकों से पहुंच पाना तकनीकी टीमों के लिए बेहद मुश्किल या जानलेवा साबित होता है। इसी जटिल समस्या को हल करने के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित मोबाइल ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट एक बेहद उपयोगी साधन और लाभदायक कमर्शियल मॉडल के रूप में सामने आ रही है। इस उपकरण की सहायता से स्ट्रक्चरल इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ पुल के जटिल कोनों में पहुंचकर बारीकी से सुरक्षा परीक्षण कर सकते हैं।

ऑस्ट्रिया से आयात और भारी चेसिस पर असेंबलिंग

इस आधुनिक मोबाइल यूनिट का मुख्य ढांचा और तकनीकी प्रणाली ऑस्ट्रिया से आयात की जाती है, जिसके बाद भारत में इसकी अंतिम असेंबलिंग का काम पूरा किया जाता है। सड़क पर सुरक्षित आवाजाही और भारी वजन को संभालने के लिए इसे टाटा या प्राइमा जैसे मजबूत और बड़े ट्रकों के भारी चेसिस पर स्थापित किया जाता है। इस पूरे सेटअप को चालू हालत में तैयार करने पर लगभग 4 से 4.5 करोड़ रुपये तक का बड़ा पूंजीगत खर्च आता है। इतनी बड़ी लागत के बावजूद इसे केवल स्वयं के प्रोजेक्ट्स तक सीमित रखने के बजाय हाईवे बिल्डर्स, पुल निर्माण कंपनियों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा ठेकेदारों को किराए पर उपलब्ध कराकर लगातार कमाई की जा सकती है। मौजूदा बाजार में इस तरह की एक यूनिट का दैनिक किराया 40 हजार से 50 हजार रुपये के आसपास चल रहा है।

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किराए से कमाई और वार्षिक राजस्व का गणित

यदि इस मशीन के व्यावसायिक उपयोग का वित्तीय आकलन करें, तो एक महीने में औसतन 25 दिन परिचालन मानकर और 45 हजार रुपये प्रतिदिन की औसत रेंटल दर के हिसाब से करीब 11.25 लाख रुपये की सकल मासिक आय अर्जित की जा सकती है। यदि यह यूनिट पूरे वर्ष में 300 दिन सक्रिय रहती है, तो कुल वार्षिक ग्रॉस रेंटल रेवेन्यू लगभग 1.35 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। हालांकि निवेशकों को यह ध्यान में रखना आवश्यक है कि यह पूरी राशि सकल आमदनी है। इसमें से प्रशिक्षित ऑपरेटर का वेतन, वाहन का ईंधन, साइट तक परिवहन, नियमित मेंटेनेंस, उपकरण और वाहन का बीमा, सरकारी टैक्स तथा बैंक फाइनेंसिंग की किस्तों का भुगतान अलग से काटा जाता है।

व्यापक भौगोलिक विस्तार और निवेश संबंधी सावधानियां

पुल निरीक्षण के क्षेत्र में वर्ष 2015 से सक्रिय विशेषज्ञ तरुण तिवारी ने बताया कि इस प्रकार की उच्चस्तरीय मशीनों की तैनाती देश के विभिन्न राज्यों में राजमार्गों और रेलवे पुलों की स्थिति जांचने के लिए बड़े पैमाने पर हो रही है। उन्होंने स्वयं लेह-लद्दाख की चुनौतीपूर्ण घाटियों से लेकर दक्षिण में केरल तक और पश्चिमी छोर गुजरात से लेकर पूर्वी सीमा पश्चिम बंगाल तक पुलों की जांच का काम संभाला है। जैसे-जैसे देश में नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जुड़ रहे हैं, उनकी नियमित संरचनात्मक सुरक्षा जांच की जरूरत भी अनिवार्य बनी रहेगी। इस प्रकार विशेष मशीनरी में पूंजी लगाकर उसे निर्माण प्रोजेक्ट्स को किराए पर देना इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस सेक्टर का एक नया और टिकाऊ कारोबारी रास्ता प्रस्तुत करता है। फिर भी इस क्षेत्र में कदम रखने से पहले प्रोजेक्ट की वास्तविक जमीनी मांग, स्थानीय ठेकेदारों की जरूरत और परिचालन लागत का संतुलित विश्लेषण करना अपरिहार्य माना जाता है।

सवाल-जवाब

मोबाइल ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट को पूरी तरह तैयार करने में कितना खर्च आता है?
इस यूनिट को ऑस्ट्रिया से आयात करने और टाटा या प्राइमा चेसिस पर असेंबल करने में लगभग 4 से 4.5 करोड़ रुपये का खर्च आता है।
इस मशीन को किराए पर देकर रोजाना कितनी आमदनी हो सकती है?
बाजार में मोबाइल ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट का दैनिक किराया करीब 40 हजार से 50 हजार रुपये लिया जाता है।
सालाना 300 दिन काम मिलने पर इस यूनिट से कितना सकल किराया बन सकता है?
45 हजार रुपये प्रतिदिन के औसत किराए पर 300 दिन चलने पर यह मशीन सालाना लगभग 1.35 करोड़ रुपये की सकल रेंटल आय जुटा सकती है।
इस मशीन के जरिए पुलों के किन हिस्सों की जांच की जाती है?
इंजीनियर इसकी मदद से पुल के निचले हिस्सों, मुख्य बीम, स्ट्रक्चरल जॉइंट्स और उन जटिल जगहों की जांच करते हैं जहां सामान्य रूप से पहुंचना कठिन होता है।
ग्रॉस कमाई के अलावा मशीन के किन खर्चों का ध्यान रखना जरूरी है?
सकल आय में से ऑपरेटर का वेतन, डीजल, साइट तक का परिवहन, नियमित मेंटेनेंस, बीमा, टैक्स और फाइनेंस की किस्तें अलग से चुकानी होती हैं।
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