मध्य अमेरिकी मुल्क पनामा में शुक्रवार के तड़के जमीन के नीचे हुई भारी हलचल ने जनजीवन को बुरी तरह दहला दिया। स्थानीय समयानुसार सुबह के वक्त आए 7.6 तीव्रता के अत्यंत शक्तिशाली भूकंप से राजधानी पनामा सिटी समेत सुदूर इलाकों तक कंक्रीट के ऊंचे ढांचे डोलने लगे। झटकों की भयावहता देख नींद से जागे लोग बदहवास हालत में फ्लैटों और दफ्तरों से निकलकर खुली सड़कों की ओर दौड़ पड़े।
जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था केंद्र, पड़ोसी मुल्क तक असर
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, इस जबर्दस्त जलजले का मुख्य केंद्र पनामा के दक्षिणी छोर पर स्थित पितालोसा अरिबा के वीरान इलाके से लगभग 10 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में दर्ज किया गया। धरती की ऊपरी सतह से महज 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर हलचल होने के कारण इसकी संहारक क्षमता काफी अधिक महसूस की गई। शुरुआती आकलन में भूकंपमापी यंत्रों पर इसकी तीव्रता 8.0 आंकी गई थी, जिसे बाद में संशोधित करके 7.6 तय किया गया। इस हलचल का दायरा इतना व्यापक था कि सीमा पार कोलंबिया के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी भूमि काफी देर तक हिलती रही।
हेरेरा प्रांत में मची दहशत और बिखरा सामान
प्रभावित हेरेरा प्रांत के रहने वाले 60 वर्षीय नागरिक रोसेंडो डोमिंगेज ने झटकों के खौफनाक मंजर को बयां करते हुए बताया, "झटके इतने तेज थे कि किचन में रखा सामान गिर गया।" उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि हालांकि वे सुरक्षित बच गए, मगर आसपास के रहवासी बुरी तरह सहम चुके थे। सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित दृश्यों में कई निर्माणों में दरारें और नुकसान साफ देखा जा सकता है, जबकि स्थानीय प्रशासन अब जमीनी स्तर पर हुई वास्तविक क्षति की विस्तृत समीक्षा में जुटा है।
प्रशांत महासागर के 9 देशों पर मंडराया था संकट
गंभीर समुद्री हलचल को देखते हुए अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने फौरन प्रशांत महासागर की तटीय पट्टी के लिए आपातकालीन संदेश प्रसारित किया था। इस अलर्ट के दायरे में मध्य और दक्षिण अमेरिका के 9 प्रमुख देश शामिल थे, जिनमें स्वयं पनामा, कोलंबिया, कोस्टा रिका, इक्वाडोर, पेरू, निकारागुआ, ग्वाटेमाला, अल सल्वाडोर तथा मेक्सिको का नाम था। आरंभिक संदेशों में अमेरिकी द्वीप समूह हवाई के तटों को लेकर भी सतर्कता बरतने की बात कही गई थी।
खतरा टलने के बाद भी एहतियात बरतने के निर्देश
समुद्री लहरों की सघन निगरानी के उपरांत आपातकालीन एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि विनाशकारी सुनामी की आशंका अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। राहत अधिकारियों ने व्यापक स्तर पर तटीय खाली कराने की अनिवार्यता को खारिज कर दिया है। इसके बावजूद, समुद्र किनारे आबाद बस्तियों के नागरिकों को स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों के दिशानिर्देशों पर नजर बनाए रखने और बुनियादी सुरक्षा मानक अपनाने की सलाह दी गई है।





















