उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अमेरिकी सेना ने एक हवाई हमले में इस्लामिक स्टेट के एक बड़े कमांडर को मार गिराया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक यह हमला शुक्रवार को किया गया और यह उन लगातार चल रही कार्रवाइयों का हिस्सा था, जिनका मकसद विदेश में या खुद अमेरिकी जमीन पर अमेरिकियों पर हमले की साजिश रच रहे चरमपंथियों को रोकना है।
सबसे पहले सीरिया के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने बताया कि देइर हसन गांव के पास एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाकर हवाई हमला हुआ। यह इलाका तुर्की की सीमा से सटा हुआ है। शुरुआती जानकारी में इतना ही सामने आया कि हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है, लेकिन तब निशाने पर आए शख्स की पहचान साफ नहीं थी। बाद में सेंटकॉम ने पुष्टि की कि मारा गया व्यक्ति अली हुसैन अल-उलैवी था।
कौन था निशाने पर
सेंटकॉम ने अली हुसैन अल-उलैवी को इस्लामिक स्टेट का एक वरिष्ठ सदस्य बताया। सेना ने इस हमले को आतंकवाद के खिलाफ अपनी बड़ी मुहिम से जोड़ा। बयान में चरमपंथियों को खत्म करने और उनके नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दिया गया। कहा गया कि मकसद विदेश में और अमेरिका के भीतर अमेरिकियों पर होने वाले हमलों को नाकाम करना है।
सीरिया में अब भी सक्रिय हैं स्लीपर सेल
साल 2019 में सीरिया में इस्लामिक स्टेट की हार के बाद भी इसके स्लीपर सेल सक्रिय बने रहे। ये सेल सीरिया की नई सत्ता पर हुए हमलों की जिम्मेदारी लेते रहे हैं। यह सिलसिला दिसंबर 2024 में पांच दशक पुराने असद परिवार के शासन के गिरने के बाद और तेज हुआ। इन ताजा दावों ने इलाके में चरमपंथी गतिविधियों के जारी रहने की चिंता बढ़ा दी है।
सेना का बयान
सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, "सेंटकॉम और हमारे साझेदार ISIS के बचे-खुचे अवशेषों को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि इसकी हार स्थायी बनी रहे।" ब्रैड कूपर ने आगे कहा, "हम अमेरिकी जमीन, अपने सैनिकों और इलाके में मौजूद अपने सहयोगियों व साझेदारों की रक्षा करते रहेंगे।"
फरवरी में इस्लामिक स्टेट के एक प्रवक्ता ने हिंसा भड़काने की नई अपील जारी की थी। एक ऑडियो संदेश में अबू हुजैफा अल-अंसारी ने दुनिया भर के अपने समर्थकों से यहूदी और पश्चिमी ठिकानों पर हमले करने को कहा था। यह अपील ऐसे समय आई जब पूरे इलाके में इस्लामिक स्टेट के नेटवर्क पर लगातार दबाव बना हुआ है।
इससे पहले की कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने इससे पहले फरवरी में सीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हमले किए थे। उन हमलों को दिसंबर में हुए एक घात के जवाब में की गई कार्रवाई बताया गया था। उस घात में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक अनुवादक मारे गए थे। उस समय सेंट्रल कमांड ने कहा था कि इस्लामिक स्टेट के कम से कम 50 सदस्यों को मार गिराया गया या पकड़ा गया।
देइर हसन के पास हुआ ताजा हमला सीरिया में इस्लामिक स्टेट से जुड़े नेटवर्कों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई की एक और कड़ी है। सेंटकॉम ने इस ऑपरेशन को इलाके में अमेरिकियों और अपने साझेदारों की सुरक्षा से जोड़ा। स्थानीय कार्यकर्ताओं की शुरुआती जानकारी और बाद में अमेरिकी पुष्टि से निशाने और जगह की तस्वीर साफ हुई। यह जानकारी ऐसे वक्त सामने आई है जब सक्रिय स्लीपर सेल को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।













