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ग्रीनलैंड में बिना मंजूरी ऑयल ड्रिलिंग उपकरण उतारने पर विवाद, अमेरिकी कंपनी के कदम से स्थानीय सरकार सख्तदुनिया
8 अग॰ 2026, 8:09 pm (3 घंटे पहले)· 0

ग्रीनलैंड में बिना मंजूरी ऑयल ड्रिलिंग उपकरण उतारने पर विवाद, अमेरिकी कंपनी के कदम से स्थानीय सरकार सख्त

टेक्सास स्थित ग्रीनलैंड एनर्जी ने जेम्सन लैंड क्षेत्र में बिना प्रशासनिक अनुमति के लगभग एक दर्जन कंटेनर उतारे हैं। 1 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के कच्चे तेल के भंडार को निकालने की इस कोशिश ने अमेरिका और ग्रीनलैंड के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है।

आर्कटिक के बेहद संवेदनशील इलाके ग्रीनलैंड में कच्चे तेल की खोज को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। टेक्सास की ऊर्जा कंपनी ग्रीनलैंड एनर्जी ने बिना पूर्व अनुमति के पूर्वी तट पर स्थित जेम्सन लैंड में ड्रिलिंग उपकरण उतार दिए हैं। इस कदम के सामने आते ही ग्रीनलैंड की स्वायत्त सरकार पूरी तरह हरकत में आ गई है और उसने अमेरिकी कंपनी को कड़ी चेतावनी जारी की है। लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के अनुमानित क्रूड ऑयल रिजर्व से जुड़े इस प्रोजेक्ट ने न केवल पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि अमेरिका और ग्रीनलैंड के बीच कूटनीतिक और प्रशासनिक खींचतान भी तेज कर दी है।

जेम्सन लैंड में बिना अनुमति उतारे गए लॉजिस्टिक कंटेनर

विवाद की शुरुआत जून महीने में आयोजित एक स्थानीय सामुदायिक बैठक से हुई थी। उस बैठक में ग्रीनलैंड एनर्जी के एक प्रतिनिधि ने दावा किया था कि कंपनी को लॉजिस्टिक्स और ड्रिलिंग उपकरण तट पर लाने की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, यह दावा पूरी तरह गलत निकला। इसके कुछ ही समय बाद तटीय इलाके में रहने वाले नागरिकों ने समुद्र के जरिए एक बड़ा जहाज आते देखा, जिसने दूरदराज के क्षेत्र जेम्सन लैंड में लगभग एक दर्जन विशाल कंटेनर तट पर उतारे।

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मामला सामने आते ही ग्रीनलैंड के मिनरल रिसोर्स अथॉरिटी ने कड़ा रुख अपनाया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी तरह की लॉजिस्टिक गतिविधि के लिए पहले से औपचारिक मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। मिनरल रिसोर्स अथॉरिटी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी काम आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। हालांकि, अधिकारियों ने फिलहाल तट पर उतारे गए उपकरणों को वापस हटाने का निर्देश नहीं दिया है। कंपनी द्वारा जमा की गई अनुमति याचिका अभी भी समीक्षाधीन है, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना आधिकारिक आदेश के अगला कोई कदम नहीं उठाया जा सकेगा।

ट्रंप के करीबियों से जुड़ाव और कंपनी का स्पष्टीकरण

इस पूरे मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान इसलिए भी खींचा है क्योंकि ग्रीनलैंड एनर्जी के तार डोनाल्ड ट्रंप के करीबी राजनीतिक और रणनीतिक घेरे से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। कंपनी ने एक डॉक्युमेंट्री प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए डॉ फिल को अपने साथ जोड़ा है, जो डोनाल्ड ट्रंप के मुखर समर्थक माने जाते हैं। इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड में एक निदेशक के रूप में अमेरिकी नौसेना के एक पूर्व अधिकारी शामिल हैं, जिनका संबंध ट्रंप प्रशासन की बहुचर्चित मिसाइल डिफेंस योजना 'गोल्डन डोम' से रहा है।

राजनीतिक संबंधों के इन दावों के बीच ग्रीनलैंड एनर्जी के चेयरमैन लैरी स्वेट्स ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है। लैरी स्वेट्स का कहना है कि इस कमर्शियल प्रोजेक्ट का अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर नियंत्रण स्थापित करने की किसी भी योजना या राजनीतिक मंशा से कोई लेना-देना नहीं है। उनके अनुसार, यह विशुद्ध रूप से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा एक व्यावसायिक उद्यम है। इसके बावजूद, ग्रीनलैंड को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के लगातार आक्रामक बयानों के कारण इस घटनाक्रम को लेकर कूटनीतिक संशय गहरा गया है।

1 ट्रिलियन डॉलर के कच्चे तेल का मास्टरप्लान और सितंबर की योजना

जेम्सन लैंड का भौगोलिक इलाका विशाल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध माना जाता है। कंपनी का अनुमान है कि इस क्षेत्र के नीचे लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर मूल्य का कच्चा तेल छिपा हो सकता है। इस विशाल खजाने को निकालने के लिए कंपनी ने एक नया चरणबद्ध प्लान तैयार किया है। मूल योजना के तहत कंपनी दो कुओं की ड्रिलिंग पर 6 करोड़ डॉलर खर्च करने वाली थी, लेकिन रणनीतिक बदलाव करते हुए अब पहले चरण में सिर्फ एक कुएं की ड्रिलिंग का निर्णय लिया गया है।

ग्रीनलैंड सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की कठोर नीति के तहत साल 2021 से ही नए तेल और गैस अन्वेषण लाइसेंस देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इस प्रतिबंध से बचने के लिए ग्रीनलैंड एनर्जी एक अलग रास्ता अपना रही है। ब्रिटेन की एक कंपनी के पास 80 माइल क्षेत्र के निकट अन्वेषण के अधिकार पहले से मौजूद हैं। अमेरिकी कंपनी अब इस मौजूदा लाइसेंस में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने और पूरे अन्वेषण अभियान का वित्तपोषण करने की कोशिश में है। योजना के अनुसार, 12 सितंबर को 300 कंटेनर लेकर एक जहाज कनाडा से रवाना होगा, जिससे अक्टूबर महीने में कुएं की ड्रिलिंग शुरू करने की तैयारी है।

रामसर साइट और आर्कटिक के नाजुक पर्यावरण की चुनौती

ऑयल ड्रिलिंग के इस प्रयास के सामने सबसे बड़ी बाधा पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा है। ग्रीनलैंड एनर्जी जिस स्थान पर कुएं की खुदाई करना चाहती है, वह एक अति संवेदनशील कंजर्वेशन जोन में आता है। इस क्षेत्र को रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में ग्रीनलैंड के स्थानीय नेतृत्व और नीति निर्धारकों के सामने एक कठिन धर्मसंकट पैदा हो गया है। एक तरफ कच्चे तेल के दोहन से मिलने वाला विशाल आर्थिक लाभ है, तो दूसरी तरफ आर्कटिक के अत्यंत नाजुक और दुर्लभ पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करने का दायित्व है।

ग्रीनलैंड भौगोलिक रूप से डेनमार्क का एक ऑटोनॉमस रीजन है, जहां के प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा पर निर्णय लेने का सर्वाधिकार वहां की स्थानीय सरकार के पास सुरक्षित है। ऐसे में ड्रिलिंग की अनुमति देना सिर्फ एक व्यापारिक सौदा नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रीनलैंड की पर्यावरण नीतियों और उसकी स्वायत्तता का बड़ा परीक्षण बन चुका है। यदि स्थानीय सरकार इस परियोजना को मंजूरी देने से इनकार करती है, तो अमेरिका और ग्रीनलैंड के संबंधों में कूटनीतिक तनाव और अधिक गहरा सकता है।

सवाल-जवाब

ग्रीनलैंड एनर्जी ने जेम्सन लैंड में बिना अनुमति क्या किया?
कंपनी ने बिना पूर्व प्रशासनिक अनुमति के जेम्सन लैंड तटीय इलाके में लगभग एक दर्जन लॉजिस्टिक कंटेनर उतारे।
इस ऊर्जा कंपनी का डोनाल्ड ट्रंप से क्या संबंध बताया जा रहा है?
कंपनी में ट्रंप समर्थक डॉ फिल एक डॉक्युमेंट्री से जुड़े हैं और बोर्ड में शामिल पूर्व नेवी अधिकारी ट्रंप प्रशासन के मिसाइल डिफेंस प्लान का हिस्सा रहे हैं।
जेम्सन लैंड में कच्चे तेल के भंडार का अनुमानित मूल्य कितना है?
कंपनी के अनुसार जेम्सन लैंड के नीचे लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर मूल्य का कच्चा तेल होने का अनुमान है।
ग्रीनलैंड ने नए तेल लाइसेंस देना क्यों बंद किया था?
ग्रीनलैंड सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की नीति के तहत साल 2021 से नए तेल और गैस लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा रखी है।
कंपनी की अगली शिपमेंट की क्या योजना है?
कंपनी की योजना के तहत 12 सितंबर को 300 कंटेनर लेकर एक जहाज कनाडा से निकलेगा ताकि अक्टूबर में ड्रिलिंग शुरू की जा सके।
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