US Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ समझौते पर दस्तखत होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि सप्ताहांत में यूरोप में प्रस्तावित हस्ताक्षर समारोह में शायद वह खुद शामिल न हो पाएं, और उनकी जगह वेंस, कुशनर तथा विटकॉफ वहां मौजूद रह सकते हैं। उनके इस बयान पर ईरानी संसद के स्पीकर और वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ की प्रतिक्रिया आई है। गालिबाफ ने आगाह किया है कि यदि अमेरिका 'जल्दबाजी में' कोई फैसला लेता है तो 'कभी न खत्म होने वाली मुश्किल स्थिति' खड़ी हो सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति के नाते उन्होंने ईरान के खिलाफ तय किए गए हमले और बमबारी को रद्द कर दिया है। उन्होंने बताया कि ईरान से जुड़ी बातचीत में शामिल सभी पक्षों ने इस पर सहमति जता दी है, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल, सऊदी अरब, UAE, कतर, तुर्की, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, मिस्र और कई अन्य देश शामिल हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक यह समझौता पूरी तरह तय नहीं हो जाता, तब तक नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी और यह व्यवस्था तब तक चलेगी जब तक यह पूरा ट्रांज़ैक्शन मुकम्मल नहीं हो जाता; हस्ताक्षर का समय और स्थान जल्द ही बता दिया जाएगा। एक टेली-रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्ध पर क्या-क्या कहा?
- ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं पता कि आपने सुना या नहीं, लेकिन आज (गुरुवार) हमने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है, और वे कभी भी परमाणु हथियार न रखने पर राज़ी हो गए हैं — यही वह बात थी जिस पर हमने जोर दिया था। यही असली मकसद था।"
- उन्होंने कहा कि शेयर बाजार को "यह समझौता पसंद है" और जल्द ही इस पर दस्तखत हो जाएंगे। ट्रंप के अनुसार, समझौता अंतिम रूप लेते ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल जाएगा।
- ट्रंप बोले, "यह बेहद मजबूत समझौता ज्ञापन (MoU) है। यह थोड़ा सैद्धांतिक जरूर है, लेकिन यह काम पूरा होकर रहेगा।" उन्होंने इसे "बहुत विस्तृत समझौता ज्ञापन" करार दिया।
- ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने परमाणु हथियार हासिल करने की हर कोशिश हमेशा के लिए छोड़ देने का वादा किया है।
- उन्होंने कहा, "वे किसी भी सूरत में परमाणु हथियार न तो खरीदेंगे और न ही विकसित करेंगे। उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।"
- ईरान के समझौते पर राज़ी होने से जुड़े एक सवाल पर ट्रंप ने जवाब दिया, "उन्होंने ऐसी मार झेली है जैसी बहुत कम लोग झेल पाते हैं — और वे मुझसे भी कहीं ज्यादा यह समझौता चाहते हैं।"
तीखे हमले की धमकी, फिर बयान से पलटे ट्रंप
गुरुवार सुबह ट्रंप ने ईरान पर "बहुत जोरदार" हमला करने और ईरान के तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्ज़ा करने की धमकी दी थी। मगर कुछ ही घंटों बाद उन्होंने शांति वार्ता में प्रगति का हवाला देकर अचानक ये हमले रद्द कर दिए। वीकेंड पर ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने को लेकर ट्रंप की यह टिप्पणी एक ऐसे कार्यक्रम के दौरान आई, जिसमें उन्होंने प्रशांत महासागर के संरक्षित इलाकों में कमर्शियल फिशिंग दोबारा शुरू करने की घोषणा की। बीते कुछ हफ्तों में ट्रंप बार-बार यह कहते रहे हैं कि अमेरिका और ईरान किसी समझौते के बेहद करीब हैं, लेकिन अब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो सका है।













