पाकिस्तान और कतर भी वार्ता में शामिल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक के लिए रवाना हो गए हैं। यहां ईरान और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय बातचीत का अगला दौर होना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि इस बैठक में कतर भी शामिल होगा।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच जो सहमति बन चुकी है, उसे आगे बढ़ाने और ज़मीन पर उतारने के हर प्रयास में अपना सहयोग जारी रखेगा।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल ज्यूरिख पहुंचा
ईरानी संसद अध्यक्ष और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय ईरानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार रात ज्यूरिख पहुंच गया। इस दल के स्विट्जरलैंड आगमन को अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित अगले दौर की वार्ता की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। समझा जा रहा है कि इस यात्रा का मकसद पहले हो चुके समझौते के बाद उठने वाले अहम सवालों और संबंधित मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करना है।
ट्रंप की होर्मुज पर 60 दिन की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ हुए अंतरिम समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बिना किसी शुल्क के होगी। लेकिन अगर इस अवधि में दोनों देश कोई अंतिम शांति समझौता नहीं कर पाए, तो अमेरिका खुद यहां से गुजरने वाले जहाजों पर समुद्री शुल्क वसूलना शुरू कर देगा।
ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि इन 60 दिनों के दौरान हो या उसके बाद, किसी भी प्रकार का टोल वसूलने का अधिकार सिर्फ अमेरिका के पास ही होगा।
नेतन्याहू ने लेबनान पर आलोचनाओं को किया खारिज
इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में जारी सैन्य अभियान को लेकर बढ़ रही अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का जोरदार जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की जानें बचाने के लिए इजरायली सेना दुनिया की किसी भी और सेना से कहीं ज्यादा सावधानी और एहतियात बरतती है।
नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि पूरी दुनिया में इजरायल के खिलाफ जितना दुष्प्रचार फैलाया जाता है, उतना किसी और देश के विरुद्ध नहीं किया जाता। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा,
"सच्चाई और इजरायल की जीत होगी।"यह बयान उस वक्त आया है जब लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ दुनियाभर में विरोध की आवाजें तेज हो रही हैं।













