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वानुआतु में फिर कांपी धरती, चार दिन में दूसरी बार आया 7 की तीव्रता का शक्तिशाली भूकंपदुनिया
24 अक्तू॰ 2026, 10:06 am (6 दिन पहले)· 5

वानुआतु में फिर कांपी धरती, चार दिन में दूसरी बार आया 7 की तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप

दक्षिण प्रशांत महासागर के वानुआतु द्वीप समूह में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया है। चार दिन के भीतर इस क्षेत्र में इतनी अधिक तीव्रता का यह दूसरा झटका है।

दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित वानुआतु द्वीप समूह एक बार फिर जोरदार भूकंप के झटकों से दहल गया है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के आंकड़ों के अनुसार, इस नए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 मापी गई है। इस तेज कंपन के बाद स्थानीय स्तर पर भूगर्भीय हलचल को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में यह इस इलाके में आया दूसरा बड़ा झटका है।

भूकंप का केंद्र और गहराई

वैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। इसके भौगोलिक निर्देशांक दक्षिणी अक्षांश 14.06 डिग्री और पूर्वी देशांतर 165.51 डिग्री दर्ज किए गए हैं। चूंकि इस झटके का केंद्र सतह के काफी करीब था, इसलिए इसके प्रभावों और संभावित नुकसान पर विशेष रूप से नजर रखी जा रही है। हालांकि, सामने आई शुरुआती जानकारियों के अनुसार अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के बड़े नुकसान या किसी सुनामी की चेतावनी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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कुछ ही दिन पहले आया था एक और झटका

वानुआतु के तटीय क्षेत्रों में कुछ ही दिन पहले यानी मंगलवार को भी 6.3 तीव्रता का एक भूकम्प आया था जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई थी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, उस पिछले भूकंप का केंद्र पोर्ट ओलरी गांव से लगभग 200 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में समुद्र के भीतर स्थित था। हालांकि राहत की बात यह रही कि उस समय प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने साफ कर दिया था कि उस झटके से किसी भी प्रकार की सुनामी का कोई खतरा उत्पन्न नहीं हुआ है।

क्यों संवेदनशील है यह पूरा क्षेत्र

समुद्र के बीच बसे इन द्वीपों में इस तरह की भूगर्भीय हलचलें होना भौगोलिक स्थिति के कारण बहुत आम माना जाता है। वानुआतु असल में प्रशांत महासागर के उस भूभाग पर स्थित है जहां टेक्टोनिक प्लेटों की निरंतर हलचल बनी रहती है। इस पूरे इलाके को पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा माना जाता है, जो पूरी दुनिया के सबसे ज्यादा सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शुमार किया जाता है। यह संवेदनशील क्षेत्र दक्षिण-पूर्व एशिया से लेकर पूरे प्रशांत महासागर के चारों तरफ तक फैला हुआ है, जहां प्लेटों के आपस में टकराने से लगातार ऊर्जा बनती रहती है। यही वजह है कि यहां बार-बार धरती डोलती है, हालांकि किसी भी आपदा का वास्तविक असर झटके की तीव्रता और उसके केंद्र की गहराई पर पूरी तरह निर्भर करता है।

सवाल-जवाब

वानुआतु में आए इस भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 मापी गई है।
इस भूकंप का केंद्र कितनी गहराई पर था?
भूकंप का केंद्र धरती की सतह से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
इस घटना की जानकारी किस संस्थान ने दी है?
इस भूकंप की जानकारी जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज द्वारा दी गई है।
क्या इस भूकंप से किसी सुनामी का खतरा है?
फिलहाल शुरुआती जानकारी में किसी सुनामी की चेतावनी या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है।
चार दिन पहले इसी क्षेत्र में कौन सा भूकंप आया था?
इससे पहले मंगलवार को इसी क्षेत्र में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था।
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टिप्पणियाँ 5

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 दिन पहले

जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर 7.1 तीव्रता का झटका! इतनी कम गहराई का मतलब है कि तबाही का खतरा बहुत ज्यादा हो सकता है। गनीमत है कि अभी तक बड़े नुकसान की खबर नहीं आई।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·5 दिन पहले

लगातार दो बड़े झटके और फिर भी किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं, इस पर थोड़ा यकीन करना मुश्किल हो रहा है। उम्मीद है जमीनी हालात वाकई उतने सुरक्षित हों जितने बताए जा रहे हैं।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·5 दिन पहले

कार्लोस, तुम्हारी बात बिल्कुल सही है। जब मैं खुद कुछ साल पहले प्रशांत क्षेत्र में थी, तो वहां के छोटे झटके भी बहुत डरा देते थे। उम्मीद है सब सुरक्षित हों।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

चार दिन में दो बार सात की तीव्रता का झटका और फिर भी कोई बड़ा नुकसान नहीं, बात कुछ हजम नहीं हुई। इतनी उथली गहराई पर आया भूकंप बिना तबाही लाए कैसे निकल गया, जबकि तीव्रता काफी ज्यादा थी।

Sophie Laurent@sophie-laurent·5 दिन पहले

करण जी, आपकी शंका बिल्कुल जायज है! सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर 7.1 तीव्रता का झटका आना डरावना है, गनीमत है कि अभी तक बड़े नुकसान की खबर नहीं आई।

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