आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में जहां कई विशेषज्ञ उपभोक्ताओं पर केंद्रित सेवाओं के आर्थिक मॉडल को लेकर चिंता जता रहे हैं, वहीं उद्यम पूंजी विश्लेषकों का एक वर्ग इसे एक नई शुरुआत और विशाल संभावना के रूप में देखता है। एंड्रीसन होरोविट्ज़ में कंज्यूमर एआई क्षेत्र की निगरानी करने वाली पार्टनर ओलिविया मूर ने दुनिया के शीर्ष 100 जनरेटिव एआई ऐप्लिकेशन्स का एक व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया है। इस परिदृश्य में चैटजीपीटी अब भी सबसे बड़ा मंच बना हुआ है, जबकि सुनू और इलेवनलैब्स जैसी अपेक्षाकृत छोटी कंपनियों ने भी बाजार में अपनी मजबूत स्थिति और निरंतरता साबित की है। हालांकि इस अध्ययन का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि सामान्य उपभोक्ताओं के दैनिक जीवन से जुड़े कम से कम आधा दर्जन प्रमुख क्षेत्र अब भी एआई के प्रभाव से पूरी तरह अछूते हैं।
सब्सक्रिप्शन से परे नए कमाई मॉडल की जरूरत
आमतौर पर एआई क्षेत्र की मौजूदा कमाई मुख्य रूप से मासिक या वार्षिक सब्सक्रिप्शन और एपीआई टोकन खपत पर निर्भर रही है। जब ओपनएआई जैसी प्रमुख कंपनी ने एंटरप्राइज यानी कॉर्पोरेट ग्राहकों की ओर अपना ध्यान बढ़ाया, तो विश्लेषकों के एक बड़े वर्ग में यह आशंका पैदा हुई कि सामान्य उपभोक्ता बाजार से कंपनियों को पर्याप्त राजस्व नहीं मिल पा रहा है। ओलिविया मूर इस बदलाव को प्राथमिकताओं में फेरबदल की जगह एक स्वाभाविक विस्तार मानती हैं, क्योंकि अब तक हुई लगभग पूरी एआई आय एंटरप्राइज और प्रोस्यूमर श्रेणी से ही आई है। स्टेट ऑफ मार्केट्स की रिपोर्ट में सामने आया तथ्य इस चुनौती को और स्पष्ट करता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के केवल 2.2 प्रतिशत परिवार ही एआई सेवाओं के लिए सीधे पैसे चुका रहे हैं।
सिलिकॉन वैली के उच्च आय वर्ग और कॉर्पोरेट खर्च खातों पर निर्भर पेशेवरों के बीच यह मान लेना बहुत आसान है कि हर उपयोगकर्ता टूल के लिए अपनी जेब से पैसे देने को तैयार रहेगा। इसके विपरीत, सामान्य उपयोगकर्ता आधार का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त सेवाओं को प्राथमिकता देता है, भले ही इसके बदले उन्हें विज्ञापन देखने पड़ें। पारंपरिक इंटरनेट व्यवसायों की तरह विज्ञापन आधारित मॉडल उपभोक्ताओं को बिना किसी वित्तीय बोझ के सेवा आजमाने की छूट देता है, जिसके बाद वे विज्ञापनों को हटाने के लिए वैकल्पिक रूप से भुगतान का रास्ता चुन सकते हैं। जब तक उपभोक्ता एआई केवल व्यक्तिगत सब्सक्रिप्शन पर निर्भर रहेगा, तब तक आम जनता के बीच इसकी पहुंच सीमित रहने की संभावना है।
मॉडल की लागत और ओपन-सोर्स की भूमिका
कंज्यूमर एआई के सामने दूसरी सबसे गंभीर चुनौती इसका संचालन खर्च है, जिसे मार्जिनल कॉस्ट कहा जाता है। पारंपरिक इंटरनेट सेवाओं जैसे फेसबुक या गूगल सर्च की तुलना में एआई क्वेरी का खर्च काफी अधिक बैठता है। इस अंतर को पाटने के लिए उद्योग में किफायती विकल्पों की तलाश शुरू हो चुकी है। उदाहरण के लिए, चैटजीपीटी ने 8 डॉलर प्रति माह की दर पर गो प्लान शुरू किया है, जिसके अपेक्षाकृत कम खर्चीले मॉडल्स पर चलने का अनुमान है। हर सामान्य उपभोक्ता कार्य के लिए सबसे उन्नत यानी फ्रंटियर इंटेलिजेंस की जरूरत नहीं होती, जिससे हल्के और कम खर्चीले मॉडल्स के उपयोग का रास्ता साफ होता है।
स्टार्टअप्स और डेवलपर्स के बीच ओपन-सोर्स आर्किटेक्चर पर उत्पाद तैयार करने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान समय में एआई से होने वाली अधिकांश आय कोडिंग और जटिल तकनीकी ऑटोमेशन से जुड़ी है, जहां बेहद शक्तिशाली फ्रंटियर मॉडल्स की अनिवार्य आवश्यकता होती है। लेकिन जैसे-जैसे उत्पादक ऐसे एप्लिकेशन विकसित करेंगे जहां अंतर्निहित मॉडल ही अंतिम उत्पाद नहीं होगा, बल्कि उपयोगकर्ता अनुभव प्राथमिक बनेगा, वैसे-वैसे कम लागत वाले मॉडल्स और ओपन-सोर्स प्रणालियों का प्रचलन बड़े पैमाने पर बढ़ेगा।
प्रोस्यूमर और एंटरप्राइज के बीच धुंधली होती सीमाएं
एआई युग में सॉफ्टवेयर कंपनियों के विकास की गति पारंपरिक दौर से पूरी तरह बदल गई है। अतीत में कैनवा जैसी कंपनियों को, जो शुरुआत में पूरी तरह उपभोक्ता केंद्रित थीं, अपनी टीमों और एंटरप्राइज योजनाओं को औपचारिक रूप से पेश करने में छह से सात साल का लंबा समय लग गया था। इसके विपरीत, आधुनिक दौर में कर्सर, गामा और इलेवनलैब्स जैसे उत्पादों ने उपभोक्ता टूल के रूप में शुरुआत की और महज 18 महीनों के भीतर उनका मुख्य राजस्व आधार एंटरप्राइज व्यापार में तब्दील हो गया। मूर ने इस बदलाव का उल्लेख अपने विश्लेषण द ग्रेट एक्सपेंशन में भी किया था।
शीर्ष कमाई करने वाले अधिकांश एआई टूल्स को यदि गहराई से देखा जाए, तो वे विशुद्ध उपभोक्ता उत्पाद न होकर वास्तव में प्रोस्यूमर की श्रेणी में आते हैं। इस खंड में खर्च मुख्य रूप से तीन प्रमुख श्रेणियों में केंद्रित है
- उत्पाद निर्माण और कोडिंग: लवबल, रेप्लिट और फॉल जैसे ऐप्लिकेशन्स, जिनका उपयोग तकनीकी निर्माण के लिए किया जाता है।
- विपणन और विज्ञापन निर्माण: हेजेन और हिग्सफील्ड जैसे एआई आधारित विज्ञापन और वीडियो निर्माता टूल्स।
- कार्य और वर्कस्पेस प्रबंधन: ग्रैनोला, मैनुस और फायरफ्लाइज़ एआई जैसे टूल्स, जो बैठकों और कार्यालयीन कार्यों के स्वचालन में मदद करते हैं।
इन उत्पादों की शुरुआत भले ही व्यक्तिगत उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान से हुई हो, लेकिन उपयोग के उद्देश्य और कार्यप्रणाली के आधार पर इन्हें पारंपरिक उपभोक्ता सॉफ्टवेयर नहीं माना जा सकता।
विशाल खाली क्षेत्र और भविष्य की संभावनाएं
मौजूदा एआई परिदृश्य की सबसे दिलचस्प हकीकत वह है जो अभी तक अस्तित्व में ही नहीं आई है। शीर्ष 100 जनरेटिव एआई ऐप्लिकेशन्स की सूची में सोशल नेटवर्किंग, डेटिंग ऐप्स, डिजिटल मार्केटप्लेस, रिटेल, यात्रा, व्यक्तिगत वित्त और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी श्रेणियां पूरी तरह से नदारद हैं। यह खालीपन दर्शाता है कि जिस असली उपभोक्ता एआई की कल्पना की जाती रही है, उसका एक बड़ा हिस्सा अभी विकसित होना बाकी है। आने वाले छह महीनों में ऐसे नवाचारों की आवश्यकता होगी जो रोजमर्रा की व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए एआई का इस्तेमाल सहज, सुलभ और व्यापक बना सकें।


















