चित्रा नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: 11 से 24 अक्टूबर तक 5 राशियों के लिए तरक्की और धन लाभ के प्रबल योग2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क जनवरी तक टलने के आसार, त्योहारी सीजन में राहतसूरज पर भीषण विस्फोट के बाद धरती की ओर बढ़े 3 सौर तूफान, संचार और पावर ग्रिड पर संकटअत्याधुनिक हथियारों के बावजूद क्या युद्ध के मैदान में टिक पाएगी चीनी सेनाराजधानी में कड़े पहरे और 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कपिल सिब्बलजेएनयू ने 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर को सेवा से तत्काल किया बर्खास्तपूंजी बाजार नियामक सेबी ने पेश किया नया सेटलमेंट ढांचा, छोटे उल्लंघनों के त्वरित समाधान का खुला रास्ताडेटिंग ऐप्स पर प्रोफाइल का मजाक उड़ाने के खिलाफ हिंज का कड़ा कदम, भारत में स्क्रीनशॉट पर लगी रोकक्लॉड एआई के नए जैविक सिस्टम की खोज पर उठा विवाद, डेनिश वैज्ञानिक ने मौलिकता पर उठाए सवालपितृपक्ष में बीकानेर के सूर्य मंदिर में अमर शहीदों को अर्पित किया गया विशेष तर्पण
क्लॉड एआई के नए जैविक सिस्टम की खोज पर उठा विवाद, डेनिश वैज्ञानिक ने मौलिकता पर उठाए सवालएआई
9 अक्तू॰ 2026, 5:31 pm (1 घंटे पहले)· 1

क्लॉड एआई के नए जैविक सिस्टम की खोज पर उठा विवाद, डेनिश वैज्ञानिक ने मौलिकता पर उठाए सवाल

एंथ्रोपिक ने दावा किया कि उसके एआई मॉडल क्लॉड ने वायरस में एक अनोखी जैविक प्रणाली खोजी है, लेकिन एक शोधकर्ता ने अपनी पुरानी रिसर्च साझा करने का हवाला देकर इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का दायरा अब केवल कंप्यूटर कोडिंग या जटिल गणितीय समीकरणों को हल करने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह जीव विज्ञान और जीवन विज्ञान के अनुसंधानों में भी कदम रख चुका है। एंथ्रोपिक ने यह जानकारी साझा की कि उसके एआई मॉडल क्लॉड ने बैक्टीरियोफेज, जो बैक्टीरिया को संक्रमित करने वाले वायरस होते हैं, के भीतर एक अनोखी जैविक प्रणाली का पता लगाया है। इस नए सिस्टम को आर्ट नाम दिया गया है, जिसका पूरा रूप एरे-एसोसिएटेड रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेजेस है। यह संरचना काफी हद तक लोकप्रिय जीन एडिटिंग तकनीक क्रिस्पर से मिलती-जुलती नजर आती है, जिसके सामने आने के बाद वैज्ञानिक हलकों में इसे लेकर भारी उत्सुकता देखी गई।

सितंबर की घोषणा और मौलिकता पर उठे सवाल

सितंबर के महीने में सार्वजनिक किए गए इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक बिरादरी में तुरंत ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, इस उत्साह के बीच डेनमार्क के एक शोधकर्ता ने इस उपलब्धि की मौलिकता पर गंभीर आपत्ति दर्ज करा दी। शोधकर्ता का कहना है कि वे और उनकी टीम पहले से ही इसी प्रणाली पर लंबे समय से काम कर रहे थे। इस आपत्ति के सामने आने के बाद यह बहस छिड़ गई है कि क्या यह खोज वास्तव में एआई की अपनी स्वतंत्र समझ का नतीजा है या फिर किसी मानव शोधकर्ता के काम से प्रभावित है। इसके अलावा, एंथ्रोपिक का यह पूरा दावा अभी तक किसी वैज्ञानिक प्रयोगशाला में प्रायोगिक तौर पर सिद्ध नहीं हुआ है और न ही इसे किसी पीयर-रिव्यू जर्नल में समीक्षा के बाद प्रकाशित किया गया है।

ये भी पढ़ें

एआई एजेंटों का विश्लेषण और क्रिस्पर से तुलना

इस खोज की प्रक्रिया को समझाते हुए बताया गया कि क्लॉड ने बैक्टीरिया को संक्रमित करने वाले वायरसों में एक असामान्य जैविक पैटर्न को रेखांकित किया था। इस जटिल जांच को पूरा करने के लिए लगभग 950 एआई एजेंटों को काम पर लगाया गया, जिन्होंने दो लाख से अधिक रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज एंजाइमों के डेटाबेस की बारीक छानबीन की। निरंतर 21 घंटे तक चले सघन कम्प्यूटेशनल विश्लेषण के बाद एआई को एक संभावित उम्मीदवार खोजने में सफलता मिली। एंथ्रोपिक के अनुसार इस तंत्र में क्रिस्पर जैसी कई समानताएं मौजूद हैं। क्रिस्पर तकनीक ने जेनेटिक रिसर्च और कई गंभीर बीमारियों के उपचार की दिशा में क्रांति ला दी है, हालांकि वैज्ञानिकों ने अभी तक यह पुष्ट नहीं किया है कि आर्ट प्रणाली वास्तव में व्यावहारिक जीन एडिटिंग करने में सक्षम है अथवा नहीं।

शोधकर्ता का विरोध और साझा किए गए डेटा की बहस

विवाद की मुख्य जड़ कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता मारियो रोड्रिग्ज मेस्त्रे का वह बयान है जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम वर्षों से इस विशेष जैविक संरचना का अध्ययन कर रही है। मेस्त्रे ने स्पष्ट किया कि अपनी डॉक्टरेट की रिसर्च के दौरान उन्होंने क्लॉड का बहुत बड़े पैमाने पर उपयोग किया था। इस अध्ययन के दौरान उन्होंने कई अप्रकाशित सामग्रियां और आंकड़े भी मॉडल के साथ साझा किए थे। इसी आधार पर मेस्त्रे ने यह कड़ा सवाल खड़ा किया है कि क्या एंथ्रोपिक द्वारा प्रस्तुत की गई खोज शत-प्रतिशत स्वतंत्र रूप से की गई थी या फिर उनके द्वारा की गई बातचीत और अनपब्लिश्ड रिसर्च के आदान-प्रदान का इस परिणाम पर सीधा असर पड़ा है।

एंथ्रोपिक का स्पष्टीकरण और शोध की वर्तमान स्थिति

इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए एंथ्रोपिक ने स्पष्ट किया कि उसका मॉडल उपयोगकर्ताओं के निजी चैट ट्रांसक्रिप्ट पर प्रशिक्षित नहीं किया जाता है। कंपनी की कार्यप्रणाली के मुताबिक क्लॉड के एजेंट सीधे सार्वजनिक जेनेटिक डेटाबेस में पैटर्न तलाशते हैं और नई परिकल्पनाएं तैयार करते हैं, जिसके बाद वैज्ञानिक केवल शुरुआती दिशा तय करते हैं और लैब परीक्षणों को आगे बढ़ाते हैं। कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि मूल रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज एंजाइम विज्ञान जगत में पहले से ही ज्ञात था। इस खोज में एआई का वास्तविक योगदान केवल दोहराए जाने वाले डीएनए अनुक्रमों के पैटर्न की पहचान करना था, जो एक नई जैविक प्रणाली की संभावना को दर्शाता है। फिलहाल यह खोज शुरुआती चरण में है, इसके काम करने का सटीक तरीका और उपयोगिता अभी स्पष्ट नहीं है और इसका पीयर-रिव्यू भी बाकी है।

सवाल-जवाब

एंथ्रोपिक ने क्लॉड एआई के जरिए किस चीज की खोज का दावा किया है?
एंथ्रोपिक का दावा है कि क्लॉड ने बैक्टीरियोफेज वायरस में आर्ट नामक एक अनोखी जैविक प्रणाली की पहचान की है।
आर्ट का पूरा नाम क्या है?
आर्ट का पूरा नाम एरे-एसोसिएटेड रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेजेस है।
शोधकर्ता मारियो रोड्रिग्ज मेस्त्रे ने इस खोज पर क्या आपत्ति जताई है?
उन्होंने कहा कि उनकी टीम पहले से इस पर काम कर रही थी और उन्होंने अपनी डॉक्टरेट रिसर्च के दौरान क्लॉड के साथ अप्रकाशित डेटा साझा किया था।
इस जैविक विश्लेषण में कितने एआई एजेंटों ने काम किया?
इस विश्लेषण में लगभग 950 एआई एजेंटों ने दो लाख से अधिक रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज एंजाइमों की जांच की।
क्या आर्ट प्रणाली वास्तव में जीन एडिटिंग कर सकती है?
वैज्ञानिकों ने अभी तक यह साबित नहीं किया है कि आर्ट प्रणाली वास्तव में जीन एडिटिंग करने में सक्षम है या नहीं।
उपयोगकर्ता डेटा पर एंथ्रोपिक का क्या रुख है?
एंथ्रोपिक ने स्पष्ट किया है कि उसका एआई मॉडल उपयोगकर्ताओं के चैट ट्रांसक्रिप्ट पर प्रशिक्षित नहीं किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp