अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों की जीत के बाद तकनीकी जगत में कंप्यूटिंग ढांचे के भविष्य को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। खासकर टेक्सास जैसे राज्य में, जिसे सर्वर फार्म और डिजिटल बुनियादी ढांचे का बड़ा केंद्र माना जाता है, कई ऐसे प्रत्याशियों ने जीत हासिल की जिन्होंने पर्यावरण और संसाधनों पर भारी पड़ने वाले डेटा सेंटरों का खुलकर विरोध किया था। जमीन पर बनने वाले इन बड़े परिसरों के सामने नए राजनीतिक और प्रशासनिक रोड़े आने की आशंका ने सिलिकॉन वैली के दिग्गजों को धरती से परे सोचने पर विवश कर दिया है।
चुनावी परिणाम स्पष्ट होते ही कई प्रमुख तकनीकी हस्तियों और निवेशकों ने इंटरनेट पर यह कहना शुरू कर दिया कि वे नई कंप्यूटिंग क्षमताओं के विस्तार को लेकर पूरी तरह सकारात्मक हैं, भले ही इसके लिए अब टेक्सास या धरती की सतह से बाहर का रुख करना पड़े। रिपब्लिकन प्रत्याशियों के समर्थन में अपनी संपत्ति से 400 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च करने वाले एलन मस्क ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण तय होने के बाद बुधवार तड़के सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। एलन मस्क ने लिखा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में अंतरिक्ष में स्थित डेटा केंद्र काफी आकर्षक विकल्प नजर आ रहे हैं।
चुनावी झटके के बाद अंतरिक्ष और समुद्र में सर्वर की तलाश
डेटा केंद्रों के खिलाफ बने जनमत ने तकनीक उद्योग के समर्थकों को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय अकाउंट क्रेमियक्स चलाने वाले जॉर्डन लास्कर ने जोर देकर कहा कि अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना बेहद शानदार विचार है और जिस किसी को इस पर संदेह था, उसने मतदान के नतीजों का गहराई से विश्लेषण नहीं किया। इसके बाद पूरे दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शोधकर्ताओं, तकनीकी निवेशकों और एलन मस्क के कर्मचारियों ने अंतरिक्ष में सर्वर भेजने के विचार का लगातार समर्थन किया।
चर्चा सिर्फ अंतरिक्ष तक ही सीमित नहीं रही। फाउंडेशन फॉर अमेरिकन इनोवेशन से जुड़े शोध फेलो सोहम मेहता ने सुझाव दिया कि कंपनियों को पानी के भीतर सर्वर क्लस्टर लगाने के विकल्प पर भी विचार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि चीन ने जून के महीने में पानी के नीचे दुनिया का पहला वाणिज्यिक डेटा सेंटर चालू करने का दावा किया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनियां धरती के पारंपरिक भूखंडों के अतिरिक्त अन्य वातावरण तलाशने लगी हैं।
ऑर्बिट में सर्वर तैनात करने की मौजूदा होड़
कक्षा में कंप्यूटिंग ले जाने की कोशिशें पूरी तरह काल्पनिक नहीं हैं, बल्कि कई दिग्गज संस्थान पहले ही इस दिशा में ठोस कदम उठा चुके हैं। गूगल ने हाल ही में एक उपग्रह प्रक्षेपित किया है, जिसके बारे में उसका कहना है कि इसमें डेटा सेंटर श्रेणी का टीपीयू हार्डवेयर मौजूद है। इसी प्रकार एलन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स ने योजना बनाई है कि वह 2027 के आखिर से हजारों एआई उपग्रहों को तैनात करना शुरू कर देगी।
जेफ बेजोस की अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। उसने फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन के समक्ष 50,000 उपग्रहों को भेजने की अनुमति मांगी है, जिनका संयुक्त नेटवर्क मिलकर एक परिक्रमा करता हुआ डेटा सेंटर तंत्र तैयार करेगा। इसके अतिरिक्त कुछ उभरते स्टार्टअप भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। उदाहरण के लिए स्टारक्लाउड नामक स्टार्टअप ने दावा किया है कि उसने नवंबर 2025 में कक्षा में पहला एनवीडिया एच100 जीपीयू सफलतापूर्वक पहुंचाया था।
तकनीकी चुनौतियां और कक्षा की सीमाएं
भले ही उपग्रहों में चिप्स लगाकर अंतरिक्ष में भेजना वैज्ञानिक दृष्टि से संभव हो चुका है, लेकिन जमीन पर मौजूद विशाल हाइपरस्केल डेटा सेंटरों की तुलना में यह मॉडल बेहद जटिल और खर्चीला है। अंतरिक्ष में किसी सर्वर को पहुंचाना और उसकी मरम्मत करना धरती के मुकाबले कई गुना महंगा पड़ता है। इसके अलावा कक्षा में उपकरणों का विस्तार करना बहुत कठिन है और वहां की क्षमता जमीन जैसे विशालकाय परिसरों की बराबरी नहीं कर सकती। उपग्रह प्रक्षेपण में होने वाली तकनीकी गड़बड़ियों, असफलताओं और अंतरिक्ष के अत्यधिक तापमान व विकिरण का जोखिम भी हमेशा बना रहता है।
टेक्सास की जमीनी हकीकत और नए कानून का डर
टेक उद्योग की घबराहट के पीछे टेक्सास की राज्य राजनीति में आए बदलाव प्रमुख कारण हैं। हालांकि टेक्सास हाउस में डेमोक्रेट्स ने बहुमत पा लिया है, लेकिन राज्य की सीनेट पर अभी भी रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बरकरार है। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट ऑस्टिन में भूमि उपयोग और पर्यावरण नियोजन के प्रोफेसर रॉबर्ट पैटरसन का मानना है कि दोनों सदनों में अलग दलों का नियंत्रण होने से किसी भी आक्रामक विधायी बदलाव की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
उपभोक्ता मामलों की संस्था पब्लिक सिटीजन के टेक्सास कार्यालय के निदेशक एड्रियन शेली के अनुसार, राज्य की एजेंसियों के संसाधनों के पुनर्वितरण जैसे बड़े नीतिगत फैसले संसद में तय हो सकते हैं। एड्रियन शेली का कहना है कि राज्य के गवर्नर कार्यकारी आदेश जारी करके अथवा सरकारी संस्थाओं में नियुक्त अधिकारियों से त्यागपत्र मांगकर त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप कर सकते हैं।
टेक्सास कमीशन ऑन एनवायरनमेंटल क्वालिटी, पब्लिक यूटिलिटी कमीशन और टेक्सास वाटर डेवलपमेंट बोर्ड जैसी नियामक संस्थाओं के पास पर्यावरण व संसाधन कानूनों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने और गंभीर मामलों में डेटा सेंटर परियोजनाओं के परमिट रद्द करने का पूरा अधिकार है। हालांकि प्रोफेसर पैटरसन यह भी रेखांकित करते हैं कि टेक्सास में डेवलपर्स को वेस्टेड राइट्स का कड़ा कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इस नियम के तहत यदि किसी परियोजना को एक बार अनुमति मिल जाती है, तो निर्माण कार्य शुरू न होने की स्थिति में भी उसकी मूल शर्तें सुरक्षित रहती हैं।
काउंटी स्तर पर नियंत्रण और भविष्य का रुख
डेटा केंद्रों को नियंत्रित करने का एक दूसरा रास्ता स्थानीय काउंटियों को अधिक शक्ति सौंपना हो सकता है। प्रोफेसर पैटरसन के अनुसार, राज्य के करीब आधे डेटा केंद्र ऐसे क्षेत्रों में स्थापित हैं जो किसी भी नगर निगम की सीमा से बाहर आते हैं, जिसके कारण वे शहरों के जोनिंग कानूनों के दायरे से बच जाते हैं। टेक्सास में डिल्लॉन्स रूल लागू होने से काउंटियों के पास केवल वही अधिकार होते हैं जो राज्य सरकार उन्हें विशेष रूप से प्रदान करती है। वर्तमान में काउंटियां केवल सड़कों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों के निर्माण की निगरानी कर सकती हैं, उनके पास जोनिंग के व्यापक अधिकार नहीं हैं।
नया अटॉर्नी जनरल राज्य की द्विवार्षिक हैंडबुक के दिशा-निर्देशों में संशोधन कर काउंटी के अधिकारों का दायरा बदल सकता है। चूंकि डेटा सेंटरों के भारी बिजली और पानी की खपत का विरोध दोनों राजनीतिक दलों के समर्थकों में देखा जा रहा है, इसलिए संसद में ऐसा विधेयक पेश हो सकता है जो काउंटियों को डेटा केंद्रों पर सीमित जोनिंग अधिकार दे। एड्रियन शेली ने टिप्पणी की कि अब तक डेटा सेंटर उद्योग ने स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर समाधान निकालने में बहुत कम रुचि दिखाई है। यदि तकनीकी कंपनियां धरती के नियामकों के साथ तालमेल नहीं बैठा पाती हैं, तो उनके सामने पृथ्वी की निचली कक्षा का ही विकल्प शेष रह जाएगा।

















