अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चलाए गए सैन्य अभियान के राजनीतिक नतीजों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्वीकार किया है कि इस सैन्य कार्रवाई के कारण अल्पकालिक रूप से अर्थव्यवस्था में आए व्यवधानों ने मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी संभावनाओं को प्रभावित किया। इसके बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसले का मजबूती से बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनके लिए किसी भी राजनीतिक नुकसान से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
ईंधन की बढ़ती कीमतें और चुनावी प्रभाव
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने ईरान युद्ध को रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार से जोड़ा था, डोनाल्ड ट्रंप ने माना कि यह आकलन काफी हद तक सही है। उन्होंने कहा कि संघर्ष की शुरुआत में पेट्रोल और ईंधन की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई थी, जिसने मतदाताओं के मूड को प्रभावित किया। डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, युद्ध की जमीनी स्थिति से ज्यादा तेल और गैस के दामों में हुआ इजाफा ही लोगों की नाराजगी की मुख्य वजह बना।
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अगर उन्हें यह फैसला दोबारा लेना पड़े, तो भी वे यही कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि के नजरिए से देखा जाए तो यही एकमात्र सही रास्ता था, क्योंकि ईरान जैसे देश को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
ईरानी सैन्य क्षमताओं को ध्वस्त करने का दावा
सैन्य अभियान की प्रगति और उसके नतीजों पर बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपनी भावी रणनीति में कोई बदलाव नहीं करेगा। उन्होंने तर्क दिया कि सशस्त्र बलों ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरी तरह से हासिल कर लिया है और इस सैन्य कार्रवाई से विरोधी ताकतों का ढांचा पूरी तरह कमजोर हो चुका है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जहां तक इस युद्ध का सवाल है, वे इसमें कुछ भी अलग नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की नौसेना, वायु सेना और विमानरोधी रक्षा प्रणालियां पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं और उनकी सैन्य ताकत काफी हद तक खत्म कर दी गई है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और तेल की आपूर्ति में सुधार
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और वाणिज्यिक मार्गों पर बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि शुरुआती व्यवधानों के बाद अब स्थिति में काफी सुधार आया है। संघर्ष की शुरुआत में हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही थम गई थी, लेकिन अब वहां से बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का प्रवाह फिर से शुरू हो चुका है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के खिलाफ कदम उठाना बेहद अनिवार्य था और यह प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में सप्लाई रुकने की वजह से तेल के दाम बढ़े थे, जो चुनाव में मतदाताओं के फैसले का मुख्य कारण बना, न कि खुद युद्ध की सीधी वजह से लोग नाराज थे।
रक्षा मंत्री को समर्थन और प्रशासनिक एकजुटता
ईरान संघर्ष को लेकर पैदा हुए जनअसंतोष के बीच रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटाए जाने की अटकलों को भी डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया। उन्होंने साफ किया कि रक्षा मंत्री को बदलने की उनकी कोई योजना नहीं है और पीट हेगसेथ अपनी जिम्मेदारी बेहतरीन तरीके से निभा रहे हैं।
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के संभावित उत्तराधिकारी माने जाने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस हार का कारण ईरान युद्ध को बताया था। इसके बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप ने अपना पूरा ध्यान रणनीतिक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में स्थिरता और लंबी अवधि के राष्ट्रीय हितों पर केंद्रित रखा है।



















