मार्क ज़करबर्ग की तकनीकी कंपनी मेटा ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को रफ्तार देने के मकसद से एआई कोडिंग स्टार्टअप कंडक्टर का अधिग्रहण कर लिया है। कंडक्टर का प्लेटफॉर्म सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को कई एआई एजेंट्स को समानांतर वर्कस्पेस में एक साथ तैनात करके जटिल प्रोजेक्ट्स तैयार करने की सुविधा देता है। इस कदम से मेटा अपने डेवलपर इकोसिस्टम को सीधे तौर पर मजबूत करने की तैयारी में दिख रही है।
कंडक्टर के संस्थापक ने की साझेदारी की पुष्टि
कंडक्टर के संस्थापक और सीईओ चार्ली होल्ट्ज़ ने बुधवार को एक ब्लॉग पोस्ट के ज़रिये इस नए समझौते की सार्वजनिक जानकारी साझा की। होल्ट्ज़ ने घोषणा करते हुए लिखा कि कंडक्टर अब मेटा का हिस्सा बन रहा है और उनकी टीम भविष्य के इंटरफेस के लिए कई बड़ी योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि अगले साल की शुरुआत तक यूज़र्स के सामने एक नया अनुभव पेश किया जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में होल्ट्ज़ ने मेटा के चीफ एआई ऑफिसर अलेक्जेंड्र वांग और सुपरइंटेलिजेंस लैब्स में हेड ऑफ प्रोडक्ट नैट फ्रीडमैन के साथ काम करने को लेकर उत्साह जताया। होल्ट्ज़ ने कहा कि यह टीम शानदार रफ्तार से काम कर रही है और मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स के पास सबसे बेहतरीन टैलेंट मौजूद है। इस अधिग्रहण सौदे पर मेटा ने पुष्टि तो की है, लेकिन वित्तीय शर्तों या समझौते की विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया।
कंडक्टर का आर्किटेक्चर और सेवाएं बंद होने की समयसीमा
साल 2024 में शुरू हुए स्टार्टअप कंडक्टर ने अपना मुख्य उत्पाद बीते साल गर्मियों में ही बाज़ार में उतारा था। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी एजेंटिक टीमों को क्लाउड, लोकल कंप्यूटर या फिर यूज़र के स्मार्टफोन से भी ऑपरेट किया जा सकता है। यह सिस्टम सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को किसी प्रोजेक्ट के अलग-अलग हिस्सों को समानांतर रूप से बांटकर एक साथ पूरा करने में मदद करता है। खास बात यह है कि कंडक्टर इन एजेंट्स को खुद इन-हाउस तैयार करने के बजाय ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी प्रमुख प्रयोगशालाओं के मॉडल्स का इस्तेमाल करता है।
वर्तमान यूज़र्स के लिए कंडक्टर के बुनियादी फीचर्स अगले साल की शुरुआत तक पहले की तरह काम करते रहेंगे। हालांकि, कंपनी की क्लाउड सेवा 20 नवंबर को पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इस तारीख के बाद कंपनी अपने सर्वर से यूज़र्स का क्लाउड डेटा हमेशा के लिए हटाना शुरू कर देगी।
मेटा की आक्रामक एआई रणनीति और म म्यूज़ का विस्तार
एआई टूल्स और सेवाओं के क्षेत्र में बढ़त बनाने के लिए मेटा पिछले कई महीनों से लगातार निवेश कर रही है। कंपनी ने अगस्त के महीने में बड़े कोडबेस पर काम करने के लिए म्यूज़ कोड नाम से अपना खुद का कोडिंग एजेंट पेश किया था। इसके अलावा कंपनी के म्यूज़ एजेंट्स को भी व्यापक स्वीकृति मिल रही है, जिसने हाल ही में 1 करोड़ से अधिक यूज़र्स का आंकड़ा पार किया है। पिछले एक साल के दौरान मेटा ने कई एआई कंपनियों को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ा है, जिसमें नकली पोस्ट्स के चलते चर्चा में आया एआई एजेंट सोशल नेटवर्क मोल्टबुक भी शामिल है।

















