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अपने ही वाणिज्य मंत्री पर बरस पड़े डोनाल्ड ट्रंप, भारत के टैरिफ आंकड़ों को गालियां देकर बताया झूठाअमेरिका
24 जून 2026, 7:49 pm (36 दिन पहले)· 4

अपने ही वाणिज्य मंत्री पर बरस पड़े डोनाल्ड ट्रंप, भारत के टैरिफ आंकड़ों को गालियां देकर बताया झूठा

एक नई किताब में दावा किया गया है कि भारत के सरकारी टैरिफ आंकड़े देखकर डोनाल्ड ट्रंप भड़क उठे और उन्होंने वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के सामने आधिकारिक रिकॉर्ड को ‘बकवास नंबर्स’ करार दे दिया।

अमेरिकी सियासी गलियारों में इन दिनों एक किताब की खूब चर्चा है, जिसने डोनाल्ड ट्रंप के गुस्से वाले अंदाज को फिर सुर्खियों में ला दिया है। ‘रेजीम चेंज’ नाम की इस किताब में दावा किया गया है कि भारत के टैरिफ से जुड़े सरकारी आंकड़े देखते ही ट्रंप का पारा इतना चढ़ गया कि उन्होंने अपने ही वाणिज्य मंत्री की क्लास लगा दी और गाली देते हुए आधिकारिक रिकॉर्ड को सिरे से ‘बकवास’ और झूठा बता दिया। ट्रंप का अड़ियल रवैया यह था कि भारत असल में अमेरिकी सामानों पर सरकारी फाइलों में दर्ज आंकड़ों से कहीं ज्यादा भारी टैक्स वसूल रहा है।

ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से भारत और अमेरिका के रिश्तों में कभी गर्मजोशी तो कभी तल्खी दिखती रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह टैरिफ का पेच रहा, जिसने दोनों देशों के बीच इतनी खींचतान पैदा कर दी कि बड़ी ट्रेड डील लंबे समय तक अटकी रही।

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‘ये सब बकवास नंबर्स हैं’

किताब के मुताबिक यह पूरा बवाल तब खड़ा हुआ जब वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने राष्ट्रपति ट्रंप को भारत द्वारा अमेरिकी सामानों पर लगाए जाने वाले टैरिफ का पूरा ब्योरा सौंपा। आंकड़े देखते ही ट्रंप लुटनिक पर भड़क उठे। उन्हें पक्का यकीन था कि भारत अमेरिकी सामानों पर आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा टैक्स ठोकता है। जब मंत्री ने उन्हें सरकारी आंकड़े समझाने की कोशिश की तो ट्रंप आपा खो बैठे और गुस्से में बोले, ‘नहीं, ये सब बकवास नंबर्स हैं।’ ट्रंप का दावा था कि भारत अमेरिकी सामानों पर कम से कम 175 परसेंट का तगड़ा टैक्स वसूलता है, जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़े से बहुत ज्यादा है।

ट्रंप अपने प्रशासन के आंकड़ों पर भरोसा करने के बजाय अपनी ही थ्योरी पर अड़े रहे। किताब में बताया गया है कि जब लुटनिक ने ‘यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव’ (USTR) के तैयार किए आधिकारिक टैरिफ आंकड़े राष्ट्रपति के सामने रखे, तो ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने उल्टा अपने ही प्रशासन पर गुमराह करने वाले आंकड़े पेश करने का आरोप जड़ दिया।

हॉवर्ड लुटनिक ने उन्हें बार-बार समझाने की कोशिश की कि यही आधिकारिक आंकड़े सही हैं, लेकिन ट्रंप ने उनकी एक न सुनी और गालियां देते हुए सरकारी रिकॉर्ड को खारिज कर दिया। ट्रंप ही नहीं, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट भी भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार दे चुके हैं।

व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट क्या कहती है

ट्रंप भले ही भारत पर 175 परसेंट टैक्स लगाने का दावा करते रहे हों, लेकिन व्हाइट हाउस की आधिकारिक फैक्ट शीट इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है। भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की फैक्ट शीट में यह जरूर माना गया है कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत अमेरिका पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाले देशों में से एक है। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक तस्वीर इस तरह है।

  • कृषि उत्पाद: भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों पर औसतन 37 परसेंट तक टैरिफ लगाता है।
  • ऑटोमोबाइल: कुछ खास अमेरिकी गाड़ियों और ऑटो पार्ट्स पर यह टैक्स 100 परसेंट से भी ऊपर चला जाता है, हालांकि यह ट्रंप के 175 परसेंट वाले दावे से कहीं कम है।

रूसी तेल और 50 परसेंट का टैक्स

दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते उस वक्त बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गए जब ट्रंप ने भारत द्वारा रूस से लगातार कच्चा तेल खरीदे जाने पर भारी नाराजगी जताई। अगस्त 2025 में उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूसी तेल खरीदकर ‘यूक्रेन युद्ध में पुतिन की मदद’ कर रहा है। इसके बाद ट्रंप ने भारत से आने वाले सामानों पर 25 परसेंट का अतिरिक्त टैक्स ठोक दिया। इससे पहले भी अमेरिका भारत पर 25 परसेंट ड्यूटी लगा चुका था, और इस तरह कुल बोझ बढ़कर 50 परसेंट तक पहुंच गया। इसने भारत को ब्राजील और चीन जैसे ब्रिक्स (BRICS) देशों की कतार में ला खड़ा किया, जो सबसे भारी अमेरिकी टैक्स झेल रहे हैं।

इतना ही नहीं, ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच छिड़ने वाले संभावित युद्ध को उन्होंने रुकवाया, जिसे नई दिल्ली ने आधिकारिक तौर पर पूरी तरह नकार दिया। इन तमाम वजहों से दोनों देशों के बीच कड़वाहट काफी बढ़ गई थी।

राहत की खबर और 18 परसेंट का गणित

इस भारी तनाव और गतिरोध के बीच आखिरकार कूटनीतिक मोर्चे से एक राहत भरी खबर भी आई। इसी साल फरवरी में भारत और अमेरिका ने एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमति जताते हुए एक-दूसरे के सामानों पर टैरिफ घटाने का ऐतिहासिक ऐलान किया। यह नया समझौता लागू होते ही व्यापारिक समीकरण काफी हद तक बदल जाएंगे।

  • 18 परसेंट पर टैक्स: नई ट्रेड डील के पूरी तरह लागू होते ही अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया भारी-भरकम टैक्स घटकर महज 18 परसेंट रह जाएगा।
  • रिश्तों में बदलाव: इस समझौते से पिछले कई महीनों से चला आ रहा व्यापारिक गतिरोध खत्म होने की कगार पर है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सवाल-जवाब

किताब में ट्रंप को लेकर क्या दावा किया गया है?
‘रेजीम चेंज’ नाम की किताब में दावा है कि भारत के टैरिफ के सरकारी आंकड़े देखकर ट्रंप भड़क गए और उन्होंने उन्हें ‘बकवास नंबर्स’ कहकर खारिज कर दिया।
ट्रंप किस पर भड़के थे?
ट्रंप अपने वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक पर भड़के, जिन्होंने उन्हें भारत के टैरिफ का आधिकारिक ब्योरा दिखाया था।
ट्रंप के मुताबिक भारत कितना टैक्स लगाता है?
ट्रंप का दावा था कि भारत अमेरिकी सामानों पर कम से कम 175 परसेंट टैक्स वसूलता है, जो सरकारी रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा है।
व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट के मुताबिक असली आंकड़े क्या हैं?
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों पर औसतन 37 परसेंट तक और कुछ खास गाड़ियों व ऑटो पार्ट्स पर 100 परसेंट से ज्यादा टैक्स लगाता है।
भारत पर 50 परसेंट टैक्स कैसे पहुंचा?
अगस्त 2025 में रूसी तेल खरीद को लेकर ट्रंप ने 25 परसेंट अतिरिक्त टैक्स लगाया, जबकि पहले से 25 परसेंट ड्यूटी थी, जिससे कुल बोझ 50 परसेंट हो गया।
स्कॉट बेसेंट ने भारत को क्या कहा?
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार दिया है।
नई ट्रेड डील के बाद टैक्स कितना रह जाएगा?
इसी साल फरवरी में हुए समझौते के पूरी तरह लागू होते ही अमेरिका का भारत पर लगाया टैक्स घटकर 18 परसेंट रह जाएगा।
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