अमेरिका के शिकागो स्थित एक फ्यूनरल होम के भीतर से 56 इंसानी शव अत्यंत दयनीय और सड़न की अलग-अलग अवस्थाओं में पाए गए हैं। इस हैरान करने वाली घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभागों और स्वास्थ्य एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। इस केंद्र के आसपास रहने वाले नागरिक पिछले कई महीनों से उठने वाली तीव्र दुर्गंध की शिकायत दर्ज करा रहे थे। आखिरकार जब जांच टीमें मौके पर पहुंचीं, तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कुक काउंटी मेडिकल एग्जामिनर्स ऑफिस की विशेष टीम ने फ्यूनरल होम की इमारत में प्रवेश कर हालात का जायजा लिया, जहां शवों के संरक्षण को लेकर घोर लापरवाही पाई गई।
बिना रेफ्रिजरेशन के रखे गए थे शव, कीड़ों का मिला संक्रमण
जांच अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक फ्यूनरल होम के भीतर कई शवों को बिना किसी रेफ्रिजरेशन या शीतलन प्रणाली के रख दिया गया था। तापमान नियंत्रण न होने के कारण शवों में तेजी से सड़न फैल गई और कई पार्थिव शरीर पहचान से परे हो गए। कुछ शवों में कीड़े भी लग चुके थे। इसके अलावा पूरे परिसर में चूहों का भारी संक्रमण देखने को मिला। कुक काउंटी मेडिकल एग्जामिनर्स ऑफिस के अनुसार, इन शवों की सही पहचान स्थापित करने और संबंधित दस्तावेजों का मिलान करने में कई दिनों का समय लग सकता है। कागजी कार्रवाई और बायोमेट्रिक जांच पूरी होने के बाद ही मृत व्यक्तियों के परिजनों को आधिकारिक सूचना दी जाएगी।
महीनों की दुर्गंध से परेशान थे निवासी, परिजनों में फूटा गुस्सा
इलाके के लोगों ने बताया कि फ्यूनरल होम से उठने वाली सड़ांध इतनी ज्यादा थी कि आसपास के घरों में रहना दूभर हो गया था। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कार्रवाई में बहुत देर की गई। घटना की जानकारी मिलते ही कई लोग अपने परिजनों के बारे में सूचना जुटाने के लिए फ्यूनरल होम के बाहर एकत्र होने लगे। वहां मौजूद लताशा जॉनसन नाम की महिला ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी मां का अंतिम संस्कार इसी संस्थान के माध्यम से कराया था। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए बेहद दर्दनाक और भ्रमित करने वाला अनुभव रहा है।" परिजनों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य में ऐसी अमानवीय हरकत कैसे की गई।
संचालकों का लाइसेंस सस्पेंड, पहले भी बंद हो चुका है दाह गृह
मामले की गंभीरता को देखते हुए फ्यूनरल होम की मुख्य संचालक जॉना मॉर्गन का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि इस संस्थान से जुड़े क्लार्क मॉर्गन का लाइसेंस वर्ष 2024 में ही रद्द कर दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इस फ्यूनरल होम को बेहद अमानवीय और असुरक्षित परिस्थितियों में संचालित किया जा रहा था। यह संचालक दंपति इससे पहले एक क्रेमेटरी यानी दाह गृह भी चलाता था। उस दाह गृह को भी तब स्थाई रूप से बंद कर दिया गया था, जब वहां शवों का अनुचित रखरखाव पाया गया था और सैकड़ों मृत देहों की अस्थियां उनके परिजनों को नहीं लौटाई गई थीं।
अमेरिका के विभिन्न राज्यों से सामने आते रहे हैं लापरवाही के मामले
शिकागो में सामने आई यह घटना अमेरिका में पिछले तीन सालों के दौरान मानव अवशेषों के अनुचित रखरखाव और फ्यूनरल होम की अनियमितताओं से जुड़े मामलों की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा है। इसी तरह का एक मामला पिछले महीने कोलोराडो राज्य के प्यूब्लो शहर में सामने आया था, जहां पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने फ्यूनरल होम के भीतर बने एक गुप्त दरवाजे के पीछे दर्जनों सड़ते हुए शव छिपा रखे थे। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2024 में जॉर्जिया के एक फ्यूनरल होम से 18 शव सड़ती हुई अवस्था में बरामद किए गए थे। वर्ष 2023 में भी कोलोराडो की एक इमारत से लगभग 200 लावारिस शव पाए गए थे, जबकि उसी वर्ष इंडियाना राज्य के एक फ्यूनरल होम से 31 शव अनुचित स्थिति में बरामद हुए थे।



















