अमेरिका के मशहूर ग्रैंड कैन्यन में एक शनिवार दोपहर तीन सहेलियों के लिए आम सा ट्रैकिंग वाला दिन कुछ ही मिनटों में जिंदगी और मौत की जंग में बदल गया. दो बहनें जेसिका बुशर और मेलानी मैकगर्क अपनी दोस्त केटी ब्रिंक के साथ इस विशाल घाटी में शांति से घूमने निकली थीं, तभी आसमान से बरसी आफत ने उनका पूरा दिन ही बदल डाला और उन्हें घंटों तक अपनी जान की भीख मांगनी पड़ी.
अचानक मौसम ने ली खतरनाक करवट
शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे तीनों महिलाएं ट्रैक पर आराम से आगे बढ़ रही थीं. इसी दौरान मानसून के घने तूफानी बादल घाटी के ऊपर मंडराने लगे और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश, ओले और तेज आंधी ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया. जो रास्ते कुछ मिनट पहले तक बिल्कुल सूखे और शांत थे, वे पलक झपकते ही तेज बहाव वाली नदियों जैसे नजर आने लगे. आसपास की पहाड़ियों से बड़ी बड़ी चट्टानें और मिट्टी पत्थर का मलबा भरभराकर नीचे गिरने लगा. पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि रुककर सोचने तक का वक्त नहीं बचा और तीनों सहेलियों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत ऊंचाई पर मौजूद एक बड़ी चट्टान की तरफ भागना पड़ा.
फिसलन भरी चट्टान पर सिर्फ उंगलियों का सहारा
उस लगातार ढहती हुई चट्टान के किनारे केटी ब्रिंक के पास पकड़ने के लिए कोई मजबूत जगह नहीं बची थी. बाद में उन्होंने बताया कि सिर्फ अपनी उंगलियों के पोरों के बल पर वे उस गीली और फिसलन भरी सतह से चिपकी रहीं, जबकि नीचे से उछलता मटमैला पानी लगातार उन पर आ रहा था. वहीं मेलानी मैकगर्क ने बताया कि ऊपर से लुढ़कते विशाल पत्थरों की गड़गड़ाहट इतनी तेज और डरावनी थी कि उन्हें महसूस हुआ जैसे पूरी जमीन ही कांप रही हो. डर और अफरातफरी भरे उस माहौल में हर गुजरता पल उनकी जान पर बन आया था और किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा.
बीस मिनट तक हर किसी को यही लगा कि दूसरा जिंदा नहीं बचा
तूफान के बीच लगातार बढ़ते पानी और घने कोहरे ने तीनों सहेलियों को एक दूसरे की नजरों से पूरी तरह अलग कर दिया. जेसिका और मेलानी को जब आसपास कहीं भी केटी नजर नहीं आई, तो उन्हें यह डरावना खयाल सताने लगा कि उनकी दोस्त बाढ़ के तेज बहाव में बह गई है. ठीक उसी वक्त अकेली फंसी केटी भी यही सोचकर सहम गई थीं कि उन्होंने अपनी दोनों साथियों को हमेशा के लिए खो दिया है. करीब बीस मिनट तक तीनों इसी खौफनाक गलतफहमी में जीती रहीं, हर कोई अपने आप को अकेला बचा हुआ मानकर सदमे में था. आखिरकार जब रास्ते के एक मोड़ पर उनकी नजरें फिर से एक दूसरे पर पड़ीं, तो राहत के मारे तीनों की आंखों से आंसू छलक पड़े.
पांच घंटे की परीक्षा और आखिरकार हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
एक दूसरे को दोबारा सही सलामत पाकर मिली राहत के बावजूद खतरा अभी टला नहीं था. तीनों महिलाएं करीब पांच लंबे घंटों तक कड़ाके की ठंड, कीचड़ और लगातार बने डर के बीच उसी चट्टान से चिपकी रहीं. इसी दौरान उन्हें आसमान में एक रेस्क्यू हेलिकॉप्टर के इंजन की गड़गड़ाहट सुनाई दी, जिससे उनकी उम्मीदें जाग उठीं. लेकिन पहली बार वह हेलिकॉप्टर उनकी तरफ देखकर बिना रुके आगे निकल गया, जिससे उनका दिल एक बार फिर बैठ गया. करीब 45 मिनट के बेहद लंबे और तनावभरे इंतजार के बाद आखिरकार वह हेलिकॉप्टर वापस लौटा और रेस्क्यू टीम ने पूरी फुर्ती दिखाते हुए तीनों महिलाओं को एक एक करके सुरक्षित हवा में खींच लिया.
ग्रैंड कैन्यन में उस दिन मची थी बड़े पैमाने पर तबाही
यह घटना सिर्फ तीन सहेलियों की निजी जंग भर नहीं थी, बल्कि 29 अगस्त को आई इस अचानक बाढ़ ने पूरे ग्रैंड कैन्यन इलाके में भारी तबाही मचाई थी. पार्क की कई पगडंडियां और पैदल पार करने वाले पुल इस बाढ़ के तेज बहाव में पूरी तरह बर्बाद हो गए. इतना ही नहीं, पार्क को पानी की सप्लाई देने वाली मुख्य पाइपलाइन भी इस बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे साफ पता चलता है कि उस दिन आई यह प्राकृतिक आफत कितनी भीषण और व्यापक थी.


















