अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ चुका है जहां भारतीय टीम की विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा ने अपनी अद्भुत बल्लेबाजी के दम पर वैश्विक स्तर पर बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। हरियाणा के रोहतक शहर से ताल्लुक रखने वाली इस दाएं हाथ की खिलाड़ी ने सबसे कम उम्र में महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में तीन हजार रनों के आंकड़े को पार करने का अनोखा कारनामा कर दिखाया है। दुबई की पिच पर महिला एशिया कप के ग्रुप चरण के मुकाबले में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरीं इस खिलाड़ी ने पारी के शुरुआती ओवर में ही रनों की बौछार करते हुए यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज कराई।
अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने उम्र के पैमाने के साथ-साथ गेंदों का सामना करने के मामले में भी पुराने सभी वैश्विक कीर्तिमानों को पीछे छोड़ दिया है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने महज 2182 गेंदों का सामना किया, जो इस फॉर्मेट में एक नया रिकॉर्ड है। इससे पहले यह खास उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया की पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एलिसा हीली के नाम दर्ज थी, जिन्होंने तीन हजार रन पूरे करने के लिए 2321 गेंदों का इस्तेमाल किया था। उल्लेखनीय है कि एलिसा हीली ने इसी साल के शुरुआती महीनों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। मैदान पर शेफाली की लगातार आक्रामक अंदाज में रन बनाने की रणनीति ने उन्हें दुनिया भर के गेंदबाजों के लिए सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शुमार करा दिया है।
कम उम्र में ही इस शिखर को छूने के मामले में उन्होंने आयरलैंड की जानी-मानी खिलाड़ी गैबी लुईस को पीछे छोड़ा है। गैबी लुईस ने जब अपने करियर में तीन हजार टी20 रन पूरे किए थे, तब उनकी आयु 24 वर्ष और 347 दिन थी। इस फेहरिस्त में संयुक्त अरब अमीरात की खिलाड़ी ईशा ओझा 27 वर्ष और 139 दिन की उम्र के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हैं, जबकि भारत की उप-कप्तान स्मृति मंधाना 27 वर्ष और 171 दिन की उम्र के साथ चौथे पायदान पर मौजूद हैं। इसके अलावा वेस्टइंडीज की अनुभवी ऑलराउंडर हेले मैथ्यूज 27 वर्ष और 347 दिन की उम्र में इस मील के पत्थर तक पहुंचकर पांचवें स्थान पर बनी हुई हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिहाज से बात करें तो शेफाली वर्मा ने साल 2019 में देश के लिए अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय सफर का आगाज किया था और वह भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी भी रह चुकी हैं। इस विशिष्ट क्लब में एंट्री पाने वाली वह अब देश की केवल तीसरी महिला बल्लेबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह मुकाम केवल टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी सलामी जोड़ीदार स्मृति मंधाना ही हासिल कर पाई थीं।
वर्तमान समय में देश के लिए इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड स्मृति मंधाना के नाम पर सुरक्षित है। मंधाना ने साल 2013 से 2026 के बीच कुल 174 मुकाबले खेलते हुए 30.65 की औसत से 4690 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतकीय और 35 अर्धशतकीय पारियां शामिल हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 124 रन रहा है। इस सूची में दूसरा स्थान कप्तान हरमनप्रीत कौर का है, जिन्होंने 2009 से 2026 के लंबे सफर के दौरान 205 मैच खेलकर 30.13 की औसत से 4249 रन जुटाए हैं, जिसमें 1 शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं। अब 114 मैचों की 113 पारियों के बाद कुल 3005 रन बना चुकीं शेफाली वर्मा इस सूची में 28.08 की औसत और 19 अर्धशतकों के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती के साथ खड़ी हैं, जहां उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर 81 रन रहा है।
देश की महिला बल्लेबाजी क्रम में शेफाली के बाद जेमिमा रोड्रिग्स का नाम आता है, जिन्होंने 2018 से 2026 के दौरान 131 मैच खेलकर 29.41 की औसत से 2824 रन बनाए हैं और उनके नाम 16 अर्धशतक दर्ज हैं। इसके अलावा पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज ने 89 मुकाबलों में 37.52 की बेहतरीन औसत से 2364 रन बनाकर पांचवां स्थान हासिल किया है। मध्यक्रम की आक्रामक बल्लेबाज रिचा घोष ने 91 मैचों में 1344 रन बनाए हैं, जबकि ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 152 मुकाबलों में 1288 रनों का योगदान दिया है।


















