एक्टर चंकी पांडे ने डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' सीजन 5 की शूटिंग के दौरान अपनी टीनएज की एक दिलचस्प याद ताजा की, जिसमें उन्होंने बताया कि जीनत अमान की फिल्म देखने के लिए उन्हें बुर्का पहनकर थिएटर तक जाना पड़ा था। जीनत अमान इस एपिसोड में स्पेशल गेस्ट बनकर पहुंची थीं और इसी दौरान चंकी ने पुरानी यादें साझा कीं, जिससे सेट पर हंसी-मजाक का माहौल बन गया।
बुर्का पहनकर थिएटर पहुंचे थे चंकी
चंकी पांडे ने बताया कि जब जीनत अमान की फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' सिनेमाघरों में लगी थी, तब वे महज 15 साल के थे और यह फिल्म उस दौर में एडल्ट-रेटेड मानी जाती थी। अपनी कम उम्र की वजह से उन्हें टिकट खिड़की और थिएटर के गेट पर तीन-चार बार रोका गया और हर बार गार्ड्स ने उन्हें बाहर निकाल दिया। आखिरकार फिल्म देखने की जिद में उन्होंने बुर्का पहनने का तरीका अपनाया, ताकि उम्र की पाबंदी से बचा जा सके। मंच पर मौजूद जीनत से मजाकिया अंदाज में चंकी ने कहा, "मैं पहली बार लड़की भी आपकी वजह से बना, भगवान कसम।" उन्होंने आगे बताया कि इसी तरकीब की बदौलत वे आखिरकार बड़े पर्दे पर वह फिल्म देख पाए, जिसका इंतजार वे हफ्तों से कर रहे थे।
जीनत अमान के फैशन पर भी बात
इसी एपिसोड में कोरियोग्राफर और शो के जज टेरेंस लुईस ने भी जीनत अमान के फैशन सेंस को याद किया। टेरेंस को खासतौर पर जीनत के पीले सनग्लासेस वाला लुक आज भी याद है, जिसे उन्होंने बेहद सिंपल लेकिन असरदार बताया। टेरेंस ने कहा, "यह बहुत सिंपल, लेकिन बहुत स्ट्राइकिंग था और आप बहुत बढ़िया लग रही थीं।" टेरेंस ने यह भी जोड़ा कि आजकल का फैशन एक बार फिर बड़े सनग्लासेस वाले उसी स्टाइल की तरफ लौटता दिख रहा है, जिसे जीनत ने दशकों पहले अपने अंदाज में गढ़ा था।
खुद डिजाइन किया था अपना लुक
जीनत अमान ने खुलासा किया कि उनका वह चर्चित लुक किसी स्टाइलिस्ट की देन नहीं, बल्कि उनकी अपनी सोच का नतीजा था। इसके अलावा उन्होंने काठमांडू में हुई 'सत्यम शिवम सुंदरम' की शूटिंग के दिनों को भी याद किया। जीनत ने बताया कि सेट पर माहौल बेहद जीवंत रहता था और जब भी गाने की शूटिंग होती थी, तो आसपास के इलाकों से बड़ी तादाद में स्थानीय लोग इकट्ठा हो जाते थे, जिससे शूटिंग का अनुभव और भी यादगार बन जाता था।
फिल्म से जुड़ी दिलचस्प बातें
'सत्यम शिवम सुंदरम' साल 1978 में रिलीज हुई थी और इसे राज कपूर ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में जीनत अमान और शशि कपूर लीड रोल में नजर आए थे। जीनत ने इसमें रूपा नाम की एक गांव की महिला का किरदार निभाया था, जिसकी शक्ल और सुंदरता फिल्म में प्यार, सोच और समाज की नजरिए को दिखाने के लिए एक अहम कड़ी बन गई थी। वहीं शशि कपूर ने राजीव का किरदार निभाया था। यह फिल्म अपने संगीत के लिए भी खासतौर पर याद की जाती है और इसका टाइटल ट्रैक 'सत्यम शिवम सुंदरम' आगे चलकर हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय गानों में शुमार हो गया, जिसे आज भी लोग पुरानी फिल्मों के दौर की याद के तौर पर सुनना पसंद करते हैं।


















