संयुक्त राष्ट्र की उच्चस्तरीय बैठक के बीच अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से एक चौकाने वाली घटना सामने आई। मैनहट्टन के एक प्रतिष्ठित होटल के ठीक सामने, जहाँ दुनिया भर के दिग्गज कूटनीतिज्ञ और इजराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ठहरे हुए थे, कुछ अज्ञात लोगों को गटर के ढक्कन में घुसते देखा गया। इस घटना से सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया और तुरंत ही खुफिया एजेंसियों ने इसे किसी आतंकवादी गतिविधि या बड़ी सुरक्षा चूक की आशंका मानते हुए बड़े पैमाने पर पड़ताल शुरू कर दी। हालांकि, जब कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उनसे मिला जवाब सुनकर हर कोई दंग रह गया।
यह वाकया न्यूयॉर्क के पार्क एवन्यू और ईस्ट 61स्ट स्ट्रीट के चौराहे पर उस समय घटा जब संयुक्त राष्ट्र महासभा का वार्षिक सत्र अपने चरम पर था। इसी मोड़ पर स्थित लोव्स रीजेंसी होटल में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ इजराइली प्रधानमंत्री भी ठहरे थे। तड़के के धुंधलके में अचानक दो टोयोटा कोरोला गाड़ियां आकर रुकीं। गाड़ियों से निकले छह लोगों ने बिना किसी झिझक के सड़क का भारी-भरकम लोहे का मैनहोल हटाया और सीवर प्रणाली के अंधेरे में गायब हो गए। कुछ समय बाद यह गिरोह बाहर आया और अपनी गाड़ियों में सवार होकर पुल की ओर निकल गया।
तकनीक और सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
गटर के अंदर इस प्रकार अज्ञात व्यक्तियों का प्रवेश करना संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण गंभीर चिंता का विषय बन गया। सुरक्षा एजेंसियों ने इस संभावित खतरे को हल करने के लिए शहर के व्यापक निगरानी नेटवर्क का सहारा लिया। स्वचालित लाइसेंस प्लेट पाठकों की सहायता से पुलिस ने संदिग्धों के वाहनों की आवाजाही को ट्रैक किया। इसके अतिरिक्त, चौराहे और आसपास की सड़कों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की मदद से उन वाहनों और उनके सवारों की स्पष्ट पहचान स्थापित कर ली गई।
जांच अधिकारियों ने इस डिजिटल सुराग के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए दो प्राथमिक संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। इनकी पहचान 26 वर्षीय केविन रोड्रिगेज और 25 वर्षीय सैमुअल रेवोरॉन के रूप में हुई। पुलिस प्रशासन ने दोनों आरोपियों पर बिना अनुमति के सरकारी संपत्ति में अवैध प्रवेश करने और अनधिकृत गतिविधियों की योजना बनाने के गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। अदालत के समक्ष पेश किए जाने के बाद वर्तमान में दोनों अभियुक्तों को न्यायिक निगरानी के तहत रिहा कर दिया गया है।
सुरक्षा चूक नहीं, सीवर में छिपा सोना ढूंढने का दावा
हिरासत में लिए जाने के बाद जब सुरक्षा अधिकारियों ने सैमुअल रेवोरॉन से गहन पूछताछ शुरू की, तो मामले का जो कारण सामने आया, उसने जांच दल को चकित कर दिया। आरोपी ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि उनका उद्देश्य किसी वीआईपी प्रतिनिधि को नुकसान पहुंचाना या किसी आपराधिक षड्यंत्र को अंजाम देना बिल्कुल नहीं था। इसके बजाय, वे शहर के सीवर नेटवर्क की तलहटी में बहने वाले सोने और कीमती सामानों को तलाश रहे थे।
इस अजीब दावे ने पूरे शहर में इस बात को लेकर नई चर्चा छेड़ दी कि क्या वाकई न्यूयॉर्क की नालियों और सीवर पाइपों के नीचे कोई खजाना दबा हुआ है। हालांकि, शहरी संरचनाओं के विशेषज्ञों और इतिहास के जानकारों ने इस धारणा को पूरी तरह से एक भ्रामक और कपोलकल्पित मिथक बताया है।
शहरी अन्वेषक का खुलासा और जानलेवा खतरे
वर्षों से शहर के भूमिगत सीवर नेटवर्क का अध्ययन करने वाले प्रसिद्ध अर्बन एक्सप्लोरर स्टीव डंकन ने इस पूरे मामले पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने जीवनकाल में सैकड़ों बार न्यूयॉर्क के गटरों और गंदे पानी की नालियों की गहराई में जाकर छानबीन की है, लेकिन उन्हें आज तक वहां कोई खजाना या सोना नहीं मिला। डंकन ने साफ शब्दों में कहा कि गटर की गहराई में किसी भी प्रकार का बहुमूल्य सामान मिलना केवल एक अफवाह मात्र है।
इसके साथ ही विशेषज्ञ ने सीवर के अंदर जाने के गंभीर जानलेवा खतरों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। डंकन के अनुसार, भूमिगत नालियों में जहरीली मीथेन गैस का भारी जमाव होता है और वहां ऑक्सीजन का स्तर अत्यंत कम रहता है। इसके अलावा, पास से गुजरने वाली गैस पाइपलाइनों में रिसाव के कारण अचानक बड़े विस्फोटों की हर समय आशंका बनी रहती है। उचित सुरक्षा उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण के बिना मैनहोल के अंदर जाना सीधे तौर पर अपने जीवन को भारी संकट में डालना है।
शहर भर में लगातार दर्ज हो रही थीं घटनाएं
न्यूयॉर्क में सड़कों के गटर से लोगों के बाहर निकलने का यह कोई पहला या इकलौता मामला नहीं था। पिछले कुछ महीनों से शहर के विभिन्न हिस्सों से ऐसे कई वीडियो और चित्र इंटरनेट पर सामने आ रहे थे, जिनसे नागरिकों में तरह-तरह की अफवाहें फैल रही थीं। मई के दौरान ब्रुकलिन के आवासीय क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों को खुले मैनहोल के अंदर उतरते हुए देखा गया था।
इसके पश्चात, अगस्त के महीने में एक प्रमुख व्यस्त रेलवे स्टेशन के पास तीन लोग अपने सिर पर हेडलाइट्स और विशेष सुरक्षात्मक पोशाक पहने हुए सीवर से बाहर आते हुए कैमरे में कैद हुए थे। सितम्बर में भी कई अलग-अलग इलाकों में इसी प्रकार की अप्रत्याशित हरकतें देखी गईं। जब भी कोई व्यक्ति सड़क के सीवर से अचानक बाहर आता, तो वहां से गुजरने वाले राहगीर और वाहन चालक भौचक्के रह जाते थे। स्थानीय प्रशासन का अनुमान था कि भारी बारिश या तूफानों के बाद बहकर आने वाले कबाड़ और खोई हुई चीजों की तलाश में कुछ लोग नीचे उतरते हैं, लेकिन यह गतिविधि इस प्रकार एक सनक का रूप ले लेगी, इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।
एक सदी पुरानी सनक और इतिहास
जांच के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने अंतिम रूप से पुष्टि की कि इस घटना का किसी आतंकवादी या हिंसक संगठन से कोई संबंध नहीं था। लोव्स रीजेंसी होटल में रुके विदेशी राष्ट्राध्यक्षों या इजराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू की सुरक्षा पर इस घटना से कोई आंच नहीं आई।
हालांकि, सीवर के मलबे में मूल्यवान वस्तुओं को खोजने का यह जुनून न्यूयॉर्क के इतिहास में नया नहीं है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्शाते हैं कि लगभग 100 वर्ष पूर्व भी इस महानगर के गटरों में खोई हुई आभूषण सामग्री, घड़ियां और सिक्के ढूंढने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर उतरा करते थे। समय-समय पर पुलिस प्रशासन ऐसे दुस्साहसी खजाना तलाशने वालों को गिरफ्तार करता रहा है। लोगों में यह गलत धारणा बनी रहती है कि इस धनी शहर के निवासियों के हाथों से फिसलकर नालियों में गिरी सोने की अंगूठियां और घड़ियां सीवर की गाद में जमा हो जाती हैं, और इसी आधारहीन उम्मीद में वे अपनी सुरक्षा को दांव पर लगा देते हैं।



















