ऐप्पल मैसेजेस पर टेक्स्ट भेजकर खाना मंगा सकेंगे ग्राहक, डोरडैश ने पेश किया नया एआई एजेंटएशियन एकेडमी क्रिएटिव अवार्ड्स में अनिल कपूर की फिल्म सूबेदार बनी बेस्ट फीचर फिल्म, मुख्य भूमिका के लिए नॉमिनेशन भी मिलाअविनाश मिश्रा बने खतरों के खिलाड़ी 15 के विजेता, ऋत्विक धनजानी को पछाड़कर जीती कार और भारी नकद राशिअसम में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 12 फीसदी आरक्षण, पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री पर लगेगा ग्रीन सेसअनंतपुर के अप्पाजीपेटा में रात दस बजते ही घरों पर बरस रहे पत्थर, पुलिस और ग्रामीणों की गश्त भी नाकामग्वालियर में ट्रेन से पकड़े गए म्यांमार के दो नागरिक, शादी के बहाने लाई गईं चार युवतियां बरामदसरकार से वार्ता बेनतीजा रहने के बाद पीटीआई का इस्लामाबाद मार्च शुरू, प्रशासन ने कंटेनर लगाकर बढ़ाई सुरक्षादौसा की श्यालावास सेंट्रल जेल के बाथरूम में जमीन खोदकर छिपाया गया था गांजा और मोबाइलकैलिफ़ोर्निया ने रोबोटैक्सी पर कसा शिकंजा, आपातकालीन सेवाओं को रोकने पर लगेगा भारी जुर्मानामेटा ने म्यूज एआई द्वारा बिना अनुमति निजी मैसेज पढ़ने के दावे को पूरी तरह नकारा
अनंतपुर के अप्पाजीपेटा में रात दस बजते ही घरों पर बरस रहे पत्थर, पुलिस और ग्रामीणों की गश्त भी नाकामआंध्र प्रदेश
5 अक्तू॰ 2026, 12:03 am (2 घंटे पहले)· 1

अनंतपुर के अप्पाजीपेटा में रात दस बजते ही घरों पर बरस रहे पत्थर, पुलिस और ग्रामीणों की गश्त भी नाकाम

आंध्र प्रदेश के अप्पाजीपेटा गांव में हफ्ते भर से हर रात ठीक दस बजे रहस्यमय पथराव हो रहा है, जिससे एस्बेस्टस की छतें टूट रही हैं और पहरे के बावजूद हमलावर का सुराग नहीं लग सका है।

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थित एक शांत बस्ती में अंधेरा घिरते ही अजीबोगरीब दहशत फैल जाती है। पिमडी मंडल के अप्पाजीपेटा गांव में पिछले एक सप्ताह से अजीब संकट खड़ा हो गया है। हर रोज रात के ठीक 10 बजते ही अचानक रिहायशी मकानों की छतों पर भारी पत्थर गिरने लगते हैं। रात के सन्नाटे में छतों पर पत्थरों की तेज आवाज गूंजते ही लोग सहम जाते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चारों तरफ सतर्क पहरा होने के बावजूद पत्थर फेंकने वाले का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। इस अज्ञात उपद्रव ने ग्रामीणों के मन में भारी खौफ पैदा कर दिया है और लोग शाम ढलते ही खुद को कमरों में बंद कर लेने को मजबूर हैं।

टॉर्च और लाठियों से लैस पहरेदारों के सामने भी नहीं थमी पत्थरबाजी

लगातार हो रहे हमलों से परेशान होकर जब ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई, तो सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। गांव में चार पुलिस कांस्टेबलों की विशेष तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गांव के 20 मजबूत युवाओं की टोली भी आगे आई। यह पूरा दल हाथों में तेज रोशनी वाली टॉर्च और लाठियां लेकर रातभर गलियों, खुले रास्तों और पास में मौजूद पहाड़ी इलाके पर लगातार निगरानी करता रहा। पूरी रात चौकसी बरतने के बावजूद रात 10 बजे के बाद पत्थरों की बारिश बदस्तूर जारी रही। सुरक्षाकर्मियों और पहरेदारों की मौजूदगी में भी हमलावर की परछाई तक नजर नहीं आई, जिससे सभी हैरान और परेशान हैं।

ये भी पढ़ें

एस्बेस्टस की चादरें चकनाचूर, चोट और दहशत से उड़ी नींद

अप्पाजीपेटा गांव के अधिकतर मकानों पर एस्बेस्टस की शीट वाली छतें डली हुई हैं। लगातार गिर रहे भारी पत्थरों के प्रभाव से ये छतें टूटकर बिखर रही हैं। मलबे और पत्थरों के गिरने से कुछ ग्रामीणों को हल्की चोटें भी आई हैं। जानमाल के खतरे को देखते हुए ग्रामीण रातभर सो नहीं पा रहे हैं। मानसिक तनाव और अनहोनी के डर से कई परिवार इतने सहम गए हैं कि वे इसे किसी इंसान की शरारत मानने के बजाय भूत-प्रेत या किसी अदृश्य साए की हरकत समझने लगे हैं।

अतीत की अनसुलझी गुत्थियां और गहराता रहस्य

छतों पर इस प्रकार के रहस्यमय हमलों की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। तमिलनाडु के तिरुप्पुर और उसके नजदीकी क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की पत्थरबाजी से लंबे समय तक लोग आतंकित रहे थे, जिसका स्थायी खुलासा पुलिस आज तक पूरी तरह नहीं कर सकी है। अप्पाजीपेटा में भी यह सवाल जस का तस बना हुआ है कि क्या यह किसी असामाजिक तत्व की बेहद शातिर साजिश है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। फिलहाल पुलिस और ग्रामीण दोनों इस पहेली को सुलझाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

सवाल-जवाब

अप्पाजीपेटा गांव में रात को क्या हो रहा है?
गांव में पिछले एक सप्ताह से हर रात ठीक 10 बजे रहस्यमय तरीके से मकानों की छतों पर भारी पत्थर फेंके जा रहे हैं।
यह घटना किस जगह की है?
यह घटना आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के पिमडी मंडल में स्थित अप्पाजीपेटा गांव की है।
गांव की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
गांव में चार पुलिस कांस्टेबल तैनात किए गए हैं और 20 स्थानीय युवा लाठी-टॉर्च लेकर रातभर गश्त कर रहे हैं।
पत्थरबाजी से क्या नुकसान हुआ है?
घरों की एस्बेस्टस की छतें टूट गई हैं और पत्थरों व मलबे की चपेट में आने से कुछ ग्रामीणों को मामूली चोटें आई हैं।
क्या पत्थर फेंकने वाले पकड़े गए हैं?
कड़े पहरे और तलाशी के बावजूद अब तक पत्थर फेंकने वाले किसी भी व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·13 मिनट पहले

पुलिस और पहरेदारों के सामने भी कोई न दिखे, यह बात कुछ गले उतरती नहीं। ज़रूर कोई सुराग छूट रहा है।

Ravikash Gupta@ravikash·36 मिनट पहले

मेरे एक दोस्त के गाँव में भी ऐसा हुआ था। रात को ठीक दस बजे छतों पर पत्थर गिरने लगते थे और पहरे के बावजूद कोई नहीं दिखता था।

Meera Joshi@meera-joshi·36 मिनट पहले

अरे रविकेश, अगर पहरे के बाद भी ऐसा हो रहा है, तो लोग भूत-प्रेत नहीं मानेंगे तो क्या मानेंगे? दिमाग सुन्न हो जाता है ऐसी बातें सुनकर।

Karan Malhotra@karan-malhotra·56 मिनट पहले

अनंतपुर के इस गांव की कहानी पढ़कर मुझे तमिलनाडु वाले वो दिन याद आ गए जब मैं तिरुप्पुर में एक ऐसी ही अजीब पत्थरबाजी की रिपोर्टिंग करने गया था। रात के दस बजते ही वहां भी छतों पर पत्थर गिरने लगते थे और घंटों पहरा देने के बाद भी कोई हाथ नहीं आता था। पुलिस और टॉर्च लेकर घूमने वाले जवान लड़के हैरान रह जाते थे कि आखिर ये पत्थर कहां से आ रहे हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·56 मिनट पहले

करण भाई, तिरुप्पुर के समय भी प्रशासन कानून-व्यवस्था और गश्त के नाम पर उलझा रह गया था। यहां अनंतपुर में भी पुलिस और स्थानीय युवा मिलकर थक गए, पर कोई हाथ नहीं आया।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp